बारामूला पुलिस स्टेशन पर हमले की खबर फर्जी, पुलिस ने FIR दर्ज कर जाँच शुरू की
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला पुलिस ने 29 जून 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर के बारामूला में एक पुलिस स्टेशन पर आतंकवादी हमला हुआ। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और फर्जी खबर फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
क्या थे वायरल दावे
सोशल मीडिया पर फैलाई गई इस भ्रामक सामग्री में तीन बड़े दावे किए गए थे — पहला, कि आतंकवादियों ने बारामूला के एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया; दूसरा, कि शहरभर के सरकारी दफ्तरों पर गोलीबारी हुई; और तीसरा, कि मुख्यमंत्री ने श्री अमरनाथ यात्रा रद्द करने का प्रस्ताव दिया है। पुलिस के अनुसार ये तीनों दावे बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
एक आधिकारिक बयान में बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी कोई आतंकवादी हमला या गोलीबारी की घटना नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि यह मनगढ़ंत सामग्री जानबूझकर श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान भय, घबराहट और अशांति फैलाने की सुनियोजित कोशिश है।
पुलिस ने यह भी कहा कि ऐसी झूठी सामग्री को जानबूझकर शेयर या फॉरवर्ड करने वाले लोग भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
कानूनी कार्रवाई और जाँच
पुलिस ने पुष्टि की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जाँच एजेंसियाँ फर्जी सामग्री फैलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही हैं। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा जैसे संवेदनशील धार्मिक आयोजन के दौरान इस प्रकार की अफवाहें सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।
जनता से अपील
बारामूला पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई सामग्री को साझा करने से बचें। पुलिस ने कहा कि फर्जी खबरें न केवल अनावश्यक दहशत फैलाती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी बाधित करती हैं और इसके लिए कानूनी सजा का प्रावधान है।
पुलिस ने जनता से आग्रह किया कि वे शांत रहें और केवल आधिकारिक सरकारी व पुलिस चैनलों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करें। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ यात्रा जारी है और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हैं।