29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बारामूला पुलिस स्टेशन पर हमले की खबर फर्जी, पुलिस ने FIR दर्ज कर जाँच शुरू की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बारामूला पुलिस स्टेशन पर हमले की खबर फर्जी, पुलिस ने FIR दर्ज कर जाँच शुरू की

सारांश

बारामूला में पुलिस स्टेशन पर आतंकी हमले और अमरनाथ यात्रा रद्द होने की वायरल खबरें पूरी तरह फर्जी हैं — पुलिस ने साफ किया, FIR दर्ज की और चेतावनी दी कि झूठी सामग्री शेयर करने वाले भी कानूनी कार्रवाई से नहीं बचेंगे।

मुख्य बातें

बारामूला पुलिस ने 29 जून 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल आतंकी हमले की खबर को पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद घोषित किया।
वायरल दावों में पुलिस स्टेशन पर हमला , सरकारी दफ्तरों पर गोलीबारी और श्री अमरनाथ यात्रा रद्द होने का प्रस्ताव शामिल था — तीनों झूठे।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की; फर्जी सामग्री फैलाने और शेयर करने वाले दोनों कानूनी दायरे में।
पुलिस ने कहा यह कोशिश अमरनाथ यात्रा के दौरान जानबूझकर भय और अशांति फैलाने की सुनियोजित साजिश है।
नागरिकों से अपील — केवल आधिकारिक सरकारी और पुलिस चैनलों की सूचनाओं पर भरोसा करें।

बारामूला पुलिस ने 29 जून 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर के बारामूला में एक पुलिस स्टेशन पर आतंकवादी हमला हुआ। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और फर्जी खबर फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

क्या थे वायरल दावे

सोशल मीडिया पर फैलाई गई इस भ्रामक सामग्री में तीन बड़े दावे किए गए थे — पहला, कि आतंकवादियों ने बारामूला के एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया; दूसरा, कि शहरभर के सरकारी दफ्तरों पर गोलीबारी हुई; और तीसरा, कि मुख्यमंत्री ने श्री अमरनाथ यात्रा रद्द करने का प्रस्ताव दिया है। पुलिस के अनुसार ये तीनों दावे बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं।

पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया

एक आधिकारिक बयान में बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी कोई आतंकवादी हमला या गोलीबारी की घटना नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि यह मनगढ़ंत सामग्री जानबूझकर श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान भय, घबराहट और अशांति फैलाने की सुनियोजित कोशिश है।

पुलिस ने यह भी कहा कि ऐसी झूठी सामग्री को जानबूझकर शेयर या फॉरवर्ड करने वाले लोग भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

कानूनी कार्रवाई और जाँच

पुलिस ने पुष्टि की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जाँच एजेंसियाँ फर्जी सामग्री फैलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही हैं। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा जैसे संवेदनशील धार्मिक आयोजन के दौरान इस प्रकार की अफवाहें सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।

जनता से अपील

बारामूला पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई सामग्री को साझा करने से बचें। पुलिस ने कहा कि फर्जी खबरें न केवल अनावश्यक दहशत फैलाती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी बाधित करती हैं और इसके लिए कानूनी सजा का प्रावधान है।

पुलिस ने जनता से आग्रह किया कि वे शांत रहें और केवल आधिकारिक सरकारी व पुलिस चैनलों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करें। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ यात्रा जारी है और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को अस्थिर करने की सोची-समझी कोशिश हो सकती है। यह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर में संवेदनशील समय पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ झूठी सूचनाएँ वायरल हुई हों — पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामलों में FIR दर्ज हुई हैं, पर दोषसिद्धि की दर सीमित रही है। असली परीक्षा यह है कि पुलिस इस बार केवल FIR तक सीमित रहती है या मूल स्रोत तक पहुँचकर जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारामूला में आतंकी हमले की खबर क्या सच है?
नहीं, बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 29 जून 2026 को जिले में कोई आतंकी हमला या गोलीबारी नहीं हुई। सोशल मीडिया पर फैलाए गए ये दावे पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद हैं।
क्या श्री अमरनाथ यात्रा रद्द हो गई है?
नहीं, श्री अमरनाथ यात्रा रद्द नहीं हुई है। बारामूला पुलिस ने यात्रा रद्द होने के दावे को भी पूरी तरह झूठा और गुमराह करने वाला बताया है। यात्रा सामान्य रूप से जारी है।
फर्जी खबर फैलाने पर क्या कार्रवाई होगी?
बारामूला पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। जो लोग ऐसी झूठी सामग्री को जानबूझकर शेयर या फॉरवर्ड करते हैं, वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
सोशल मीडिया पर झूठी खबर फैलाने से कैसे बचें?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बिना पुष्टि की गई सामग्री को साझा न करें और केवल आधिकारिक सरकारी व पुलिस चैनलों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें। अफवाह फैलाना कानूनी अपराध है।
यह फर्जी खबर क्यों फैलाई गई?
पुलिस के अनुसार यह श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान जानबूझकर भय, घबराहट और अशांति फैलाने तथा जनता का भरोसा कम करने की सुनियोजित कोशिश थी। जाँच में मूल स्रोत की पहचान की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले