असमय बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को गंभीर क्षति, जेवर विधायक ने सीएम योगी से राहत की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जनपद गौतमबुद्धनगर और एनसीआर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही असमय बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर बुरा असर डाला है। रबी सीजन की तैयार फसलें व्यापक रूप से नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
इस स्थिति पर जेवर विधानसभा क्षेत्र के विधायक धीरेंद्र सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर त्वरित राहत और मुआवजे की मांग की है। विधायक ने 4 अप्रैल को भेजे गए पत्र में बताया कि गौतमबुद्धनगर और एनसीआर क्षेत्र में हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं, सरसों और अन्य रबी की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस स्थिति से किसानों की सालभर की मेहनत पर गंभीर असर पड़ा है और कई परिवारों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।
धीरेंद्र सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि यह प्राकृतिक आपदा किसानों के लिए अत्यंत कठिन समय लेकर आई है। अनेक किसान अपनी पूरी फसल खो चुके हैं, जिससे उनके परिवार के भरण-पोषण और आगामी कृषि कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार की ओर से त्वरित सहायता की आवश्यकता है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वेक्षण कराया जाए और वास्तविक नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, राहत वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का भी आग्रह किया गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने की भी मांग की है, जिससे प्रभावित किसानों को अतिरिक्त सहायता मिल सके और वे इस संकट से उबर सकें।
विधायक ने विश्वास व्यक्त किया है कि सरकार की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से किसानों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल बना रहेगा। इस संबंध में विधायक ने जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को भी पत्र की प्रति भेजी है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि मौके पर पहुंचकर तुरंत सर्वे कार्य शुरू किया जाए और किसानों की हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए।
ज्ञात हो कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने इस बार पूरे एनसीआर क्षेत्र में किसानों को गंभीर क्षति पहुंचाई है, जिससे फसल उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।