राजद सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा पत्र, बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में मौसम परिवर्तन ने किसानों को नुकसान पहुँचाया है।
- राजद सांसद ने मुआवजे की मांग की है।
- फसलों का नुकसान किसानों की आजीविका पर गंभीर असर डालता है।
- सरकार को त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है।
- प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण जरूरी है।
पटना, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजद के सांसद सुधाकर सिंह ने रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखकर हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करने की अपील की है।
सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 19 मार्च से 21 मार्च तक बिहार में अचानक मौसम की स्थिति में परिवर्तन के कारण तेज आंधी, तूफान और निरंतर बारिश ने राज्य के किसानों को बेहद नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण विशेष रूप से रबी फसलें जैसे गेहूं, मक्का, सरसों और दलहनी फसलें जैसे अरहर, मसूर आदि काफी प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार के हजारों किसान इस आकस्मिक विपदा के चलते गहरे दुख और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। खेतों में खड़ी रबी फसलों का इस तरह से बर्बाद होना न केवल आर्थिक हानि है, बल्कि यह किसानों के जीवनयापन और भविष्य की स्थिरता पर भी गंभीर असर डालता है।
सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वे तत्काल एक उच्चस्तरीय टीम गठित करें ताकि प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण किया जा सके और किसानों की फसलों के नुकसान का पारदर्शी एवं त्वरित मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। इससे प्रभावित किसानों को उनकी क्षति के अनुरूप उचित एवं सम्मानजनक मुआवजा मिल सके।
ज्ञात हो कि हाल ही में विभिन्न जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी और झमाझम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंचाई है। इसके साथ ही आम और लीची की फसलों को भी व्यापक नुकसान हुआ है। तेज आंधी और ओलों के कारण मंजर झड़ गए हैं, जिससे इस वर्ष फलों के उत्पादन में भारी गिरावट आने की संभावना है।