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असीम अरुण का सपा नेता राजकुमार भाटी पर हमला: 'दूसरों की आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं'

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असीम अरुण का सपा नेता राजकुमार भाटी पर हमला: 'दूसरों की आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं'

सारांश

उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव से पहले भाजपा-सपा की खींचतान और तेज हो गई है। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने सपा नेता राजकुमार भाटी पर धार्मिक आस्था के अपमान का आरोप लगाया और अखिलेश यादव की चुनावी तैयारियों पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने 21 अक्टूबर 2026 को सपा नेता राजकुमार भाटी पर हिंदू आस्थाओं के कथित अपमान का आरोप लगाया।
असीम अरुण ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएँ सनातन परंपरा के अनुरूप हैं और उन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।
एमएलसी चुनाव में भाजपा द्वारा मतदाताओं से घर-घर संपर्क करने पर अखिलेश यादव के सवालों को असीम अरुण ने 'चुनावी जानकारी का अभाव' बताया।
आजम खान के विरुद्ध ED, CBI और आयकर विभाग की कार्रवाई को मंत्री ने निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के तहत उचित बताया।
असीम अरुण ने दावा किया कि 2014 से युवाओं का समर्थन PM मोदी और CM योगी की डबल इंजन सरकार को मिलता रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने 21 अक्टूबर 2026 को कन्नौज में समाजवादी पार्टी (सपा) नेता राजकुमार भाटी पर हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक आस्थाओं के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी अपनी आस्था मानने का अधिकार है, किंतु किसी अन्य की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

धार्मिक आस्था पर मंत्री का स्पष्ट रुख

असीम अरुण ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जिन राजकुमार भाटी को सम्मान दे रहे हैं और अपने साथ लेकर चल रहे हैं, उनकी ओर से की गई टिप्पणियाँ स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएँ और उनके उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुरूप हैं तथा भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है। मंत्री ने यह भी कहा कि वे स्वयं भगवान बुद्ध का सम्मान करते हैं, परंतु इसके नाम पर किसी अन्य धर्म या आस्था का अपमान करने का समर्थन नहीं किया जा सकता।

एमएलसी चुनाव पर भाजपा का पलटवार

एमएलसी चुनाव में भाजपा द्वारा मतदाताओं से संपर्क करने और उनके फोन नंबर प्राप्त करने पर अखिलेश यादव के सवालों का जवाब देते हुए असीम अरुण ने कहा कि इससे साफ होता है कि सपा प्रमुख को चुनावी तैयारियों की बुनियादी जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लंबे समय से मतदाताओं को पंजीकृत करने और उनसे सीधे संपर्क बनाने के अभियान में जुटी है। मंत्री ने बताया कि पार्टी के पास मतदाताओं के फोन नंबरों के साथ-साथ उनके पते भी उपलब्ध हैं।

असीम अरुण ने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं के फोन नंबर उपलब्ध नहीं हैं, उनसे भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने न तो पर्याप्त मतदाता बनाने की तैयारी की और न ही प्रचार में रुचि दिखाई, जिसके कारण भाजपा की बढ़त देखकर अखिलेश यादव इस तरह के सवाल उठा रहे हैं।

आजम खान प्रकरण पर सरकार का बचाव

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर असीम अरुण ने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत की और न्यायिक प्रक्रिया के बाद संपत्ति तथा आपराधिक मामलों में उचित कार्रवाई हुई। उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि अखिलेश यादव ने उस दौरान आजम खान का साथ क्यों नहीं दिया और जेल में उनसे मिलने क्यों नहीं गए।

युवाओं में भाजपा की लोकप्रियता का दावा

मंत्री ने दावा किया कि 2014 से राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार को युवाओं का भरपूर समर्थन मिलता रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और विपक्षी गठबंधन पर परिवारवाद की राजनीति का आरोप लगाया। असीम अरुण ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश का युवा आगामी चुनावों में भी भाजपा को समर्थन देगा।

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनावों से पहले भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक तनाव तेज़ हो रहा है और धार्मिक मुद्दे एक बार फिर चुनावी विमर्श के केंद्र में आ गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दलित और OBC मतदाताओं को साधने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है। वहीं, आजम खान प्रकरण पर अखिलेश यादव को घेरना सपा की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठाने की कोशिश है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि इस पूरे विवाद की असली परीक्षा एमएलसी चुनाव के नतीजों में होगी — बयानबाज़ी में नहीं।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असीम अरुण ने राजकुमार भाटी पर क्या आरोप लगाए?
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने सपा नेता राजकुमार भाटी पर हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक आस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव द्वारा इन्हें सम्मान देना और साथ लेकर चलना अस्वीकार्य है।
असीम अरुण ने भगवान बुद्ध के बारे में क्या कहा?
असीम अरुण ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएँ सनातन परंपरा के अनुरूप हैं और उन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं भगवान बुद्ध का सम्मान करते हैं, लेकिन उनके नाम पर किसी अन्य धर्म का अपमान उचित नहीं है।
एमएलसी चुनाव में मतदाता संपर्क को लेकर भाजपा का क्या रुख है?
असीम अरुण ने दावा किया कि भाजपा लंबे समय से मतदाताओं को पंजीकृत कर उनसे संपर्क बनाने के अभियान में लगी है और पार्टी के पास मतदाताओं के फोन नंबर और पते दोनों उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ फोन नंबर नहीं हैं, वहाँ कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं।
आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई पर असीम अरुण का क्या कहना है?
असीम अरुण ने कहा कि आजम खान के विरुद्ध ED, CBI और आयकर विभाग ने भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की और अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अखिलेश यादव ने उस दौरान आजम खान का साथ क्यों नहीं दिया।
असीम अरुण ने युवाओं और विपक्ष को लेकर क्या दावे किए?
असीम अरुण ने दावा किया कि 2014 से युवाओं का समर्थन PM मोदी और CM योगी की डबल इंजन सरकार को मिलता रहा है। उन्होंने सपा, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर परिवारवाद की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा आगामी चुनावों में भी भाजपा को समर्थन देगा।
राष्ट्र प्रेस
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