21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असम कैबिनेट विस्तार: 12 नए मंत्रियों ने ली शपथ, मंत्रिपरिषद की संख्या हुई 17

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम कैबिनेट विस्तार: 12 नए मंत्रियों ने ली शपथ, मंत्रिपरिषद की संख्या हुई 17

सारांश

NDA की बंपर जीत के बाद असम में सरमा सरकार का विस्तार पूरा हुआ — 12 नए मंत्रियों की शपथ के साथ मंत्रिपरिषद की संख्या 17 पहुँची। कैबिनेट में अनुभवी चेहरों को बनाए रखा गया और नए प्रतिनिधियों को भी जगह दी गई।

मुख्य बातें

राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 12 नए मंत्रियों को गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की कैबिनेट में अब कुल 17 सदस्य हो गए हैं।
बिस्वजीत दैमारी , अश्विनी राय सरकार , नीलिमा देवी और सुशांत बोरगोहेन पहली बार मंत्री बने।
पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास को विधानसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
चंद्र मोहन पटोवारी , जोगेन मोहन और उरखाओ ग्वरा ब्रह्मा को नई कैबिनेट में जगह नहीं मिली।

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 6 जून 2026 को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कैबिनेट में 12 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही असम की नई सरकार का गठन औपचारिक रूप से पूर्ण हो गया। यह विस्तार 2026 के असम विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की निर्णायक जीत के बाद हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति रही। कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले 12 विधायकों में अश्विनी राय सरकार, अशोक सिंघल, बिमल बोराह, बिस्वजीत दैमारी, जयंत मल्ला बरुआ, कौशिक राय, केशव महंता, कृष्णेंदु पॉल, नीलिमा देवी, पीयूष हजारिका, रानोज पेगू और सुशांत बोरगोहेन शामिल हैं।

इस विस्तार के बाद मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 17 हो गई है। इसमें मुख्यमंत्री सरमा के अलावा वे चार मंत्री भी शामिल हैं जिन्होंने पहले ही शपथ ली थी — अजंता नियोग, रामेश्वर तेली, अतुल बोरा और चरण बोरो

निरंतरता और नए चेहरे

नई कैबिनेट में अनुभव और नवीनता का संतुलन साफ दिखता है। अशोक सिंघल, पीयूष हजारिका, जयंत मल्ला बरुआ, रानोज पेगू, बिमल बोराह और असम गण परिषद (AGP) नेता केशव महंता जैसे वरिष्ठ नेताओं ने अपनी कैबिनेट में जगह बनाए रखी, जो पार्टी नेतृत्व का उनके प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा दर्शाता है।

वहीं, अश्विनी राय सरकार, बिस्वजीत दैमारी, नीलिमा देवी और सुशांत बोरगोहेन पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि बिस्वजीत दैमारी पिछले कार्यकाल में असम विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं।

किन्हें नहीं मिली जगह

नई कैबिनेट में पिछली सरकार के कुछ मंत्रियों को स्थान नहीं दिया गया है। इनमें चंद्र मोहन पटोवारी, जोगेन मोहन और उरखाओ ग्वरा ब्रह्मा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास को विधानसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कैबिनेट का यह गठन प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ राज्य में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को व्यापक बनाने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आया है जब NDA ने 2026 के विधानसभा चुनाव में बंपर जीत दर्ज की और सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नई कैबिनेट से अपेक्षा है कि वह राज्य के विकास एजेंडे को नई गति देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधित्व का ध्यान। लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह मंत्रिमंडल NDA के चुनावी वादों को ज़मीन पर उतार पाएगा, या पिछले कार्यकाल की तरह प्रशासनिक जड़ता हावी रहेगी। बिस्वजीत दैमारी जैसे पूर्व स्पीकर को कैबिनेट में लाना संसदीय अनुभव को कार्यपालिका में समाहित करने का प्रयोग है — जो दिलचस्प है, पर अनिश्चित भी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम कैबिनेट विस्तार में कितने नए मंत्री शामिल हुए?
असम कैबिनेट विस्तार में 12 नए विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस विस्तार के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 17 हो गई है।
असम के नए मंत्रियों को शपथ किसने दिलाई?
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित समारोह में 12 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
असम की नई कैबिनेट में पहली बार कौन-से मंत्री शामिल हुए हैं?
अश्विनी राय सरकार, बिस्वजीत दैमारी, नीलिमा देवी और सुशांत बोरगोहेन पहली बार असम की मंत्रिपरिषद में शामिल हुए हैं। बिस्वजीत दैमारी पिछले कार्यकाल में असम विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं।
पिछली कैबिनेट के कौन-से मंत्रियों को नई सरकार में जगह नहीं मिली?
पूर्व मंत्री चंद्र मोहन पटोवारी, जोगेन मोहन और उरखाओ ग्वरा ब्रह्मा को नई कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया। वहीं, पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास को विधानसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
असम कैबिनेट विस्तार का राजनीतिक महत्व क्या है?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह कैबिनेट प्रशासनिक निरंतरता और क्षेत्रीय-सामाजिक प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन की कोशिश है। यह 2026 विधानसभा चुनाव में NDA की निर्णायक जीत के बाद सरमा के लगातार दूसरे कार्यकाल की शुरुआत का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले