असम कैबिनेट विस्तार: 12 नए मंत्रियों ने ली शपथ, मंत्रिपरिषद की संख्या हुई 17
सारांश
मुख्य बातें
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 6 जून 2026 को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कैबिनेट में 12 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही असम की नई सरकार का गठन औपचारिक रूप से पूर्ण हो गया। यह विस्तार 2026 के असम विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की निर्णायक जीत के बाद हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति रही। कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले 12 विधायकों में अश्विनी राय सरकार, अशोक सिंघल, बिमल बोराह, बिस्वजीत दैमारी, जयंत मल्ला बरुआ, कौशिक राय, केशव महंता, कृष्णेंदु पॉल, नीलिमा देवी, पीयूष हजारिका, रानोज पेगू और सुशांत बोरगोहेन शामिल हैं।
इस विस्तार के बाद मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 17 हो गई है। इसमें मुख्यमंत्री सरमा के अलावा वे चार मंत्री भी शामिल हैं जिन्होंने पहले ही शपथ ली थी — अजंता नियोग, रामेश्वर तेली, अतुल बोरा और चरण बोरो।
निरंतरता और नए चेहरे
नई कैबिनेट में अनुभव और नवीनता का संतुलन साफ दिखता है। अशोक सिंघल, पीयूष हजारिका, जयंत मल्ला बरुआ, रानोज पेगू, बिमल बोराह और असम गण परिषद (AGP) नेता केशव महंता जैसे वरिष्ठ नेताओं ने अपनी कैबिनेट में जगह बनाए रखी, जो पार्टी नेतृत्व का उनके प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा दर्शाता है।
वहीं, अश्विनी राय सरकार, बिस्वजीत दैमारी, नीलिमा देवी और सुशांत बोरगोहेन पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि बिस्वजीत दैमारी पिछले कार्यकाल में असम विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं।
किन्हें नहीं मिली जगह
नई कैबिनेट में पिछली सरकार के कुछ मंत्रियों को स्थान नहीं दिया गया है। इनमें चंद्र मोहन पटोवारी, जोगेन मोहन और उरखाओ ग्वरा ब्रह्मा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास को विधानसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कैबिनेट का यह गठन प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ राज्य में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को व्यापक बनाने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आया है जब NDA ने 2026 के विधानसभा चुनाव में बंपर जीत दर्ज की और सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नई कैबिनेट से अपेक्षा है कि वह राज्य के विकास एजेंडे को नई गति देगी।