असम मंत्रिमंडल विस्तार 5 जून को: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 31 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की कि राज्य मंत्रिपरिषद का विस्तार 5 जून को किया जाएगा। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब 12 मई को शपथ ग्रहण के बाद से मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत केवल पाँच सदस्य हैं और खाली पदों को भरने की माँग राजनीतिक हलकों में लगातार उठ रही थी।
मुख्य घटनाक्रम
सरमा ने एक्स पर लिखा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि असम सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार 5 जून को किया जाएगा।' हालाँकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन नए चेहरों को शामिल किया जाएगा या किन विभागों में फेरबदल होगा।
गौरतलब है कि 4 मई को हुई मतगणना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इसके बाद 12 मई को गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरिनरी कॉलेज मैदान में सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
मौजूदा मंत्रिमंडल की संरचना
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री के साथ रामेश्वर तेली, अजंता नेओग, अतुल बोरा और चरण बोरो ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। राज्यपाल की अधिसूचना के अनुसार, रामेश्वर तेली को परिवर्तन एवं विकास, श्रम कल्याण तथा चाय जनजाति एवं आदिवासी कल्याण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष अतुल बोरा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास, असम समझौता क्रियान्वयन, सीमा संरक्षण एवं विकास तथा आबकारी विभाग दिए गए हैं। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के नेता चरण बोरो को परिवहन के साथ बोडोलैंड कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अजंता नेओग को महिला एवं बाल विकास तथा पर्यटन विभाग सौंपे गए हैं।
विस्तार का महत्व
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 5 जून के विस्तार के जरिए मंत्रिपरिषद में खाली पदों को भरा जाएगा और कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल संभव है। चाय जनजाति एवं आदिवासी कल्याण विभाग को तेली के कार्यभार में शामिल किए जाने को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार चाय बागान समुदायों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है।
इसी तरह असम समझौते के प्रावधानों को लागू करने और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर अतुल बोरा की भूमिका को राजनीतिक विश्लेषक अहम मान रहे हैं।
आगे क्या होगा
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को विभाग आवंटन और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया 5 जून को पूरी होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि गठबंधन दलों — AGP और BPF — के साथ-साथ BJP के भीतर भी नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इस विस्तार से सरमा सरकार के दूसरे कार्यकाल को पूर्ण प्रशासनिक ढाँचा मिलने की उम्मीद है।