असम मंत्रिपरिषद में विभागों का बंटवारा: सीएम हिमंता ने गृह, PWD और ऊर्जा विभाग अपने पास रखे
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 जून 2026 को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्यों के बीच विभागों का औपचारिक बंटवारा घोषित किया। सरमा ने स्वयं गृह एवं राजनीतिक विभाग, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़कें), ऊर्जा विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग अपने पास रखे हैं।
मुख्यमंत्री के पास कौन-कौन से विभाग
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के पास गृह एवं राजनीतिक विभाग, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग), लोक निर्माण विभाग (सड़कें), ऊर्जा विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क, मुद्रण एवं लेखन सामग्री तथा वे सभी विभाग रहेंगे जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। गौरतलब है कि गृह और ऊर्जा जैसे संवेदनशील विभागों को मुख्यमंत्री ने अपने नियंत्रण में रखकर प्रशासनिक केंद्रीकरण की नीति जारी रखी है।
मंत्रियों को सौंपे गए प्रमुख विभाग
अशोक सिंघल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग सौंपा गया है। जयंत मल्लाबरुआ को वित्त, पर्यावरण एवं वन तथा खनन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है — ये तीनों आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग हैं।
डॉ. रनोज पेगू को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, जनजातीय मामले (मैदानी) तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग सौंपे गए हैं। केशव महंता को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सामान्य प्रशासन विभाग मिले हैं।
पियूष हजारिका को कृषि, सिंचाई तथा संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कौशिक राय को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, शहरी विकास तथा सहकारिता विभाग आवंटित हुए हैं।
अन्य मंत्रियों के विभाग
डॉ. अश्विनी राय सरकार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, मृदा संरक्षण तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं विकास विभाग सौंपे गए हैं। बिमल बोरा को सांस्कृतिक कार्य, उद्योग एवं वाणिज्य, सार्वजनिक उपक्रम तथा 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।
बिस्वजीत दैमारी को हथकरघा, वस्त्र, खेल एवं युवा कल्याण, कौशल विकास तथा जनजातीय आस्था एवं संस्कृति विभाग मिले हैं। कृष्णेंदु पॉल को सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पहाड़ी क्षेत्र विकास तथा बराक घाटी विकास विभाग सौंपे गए हैं।
निलिमा देवी को पशुपालन एवं पशु चिकित्सा तथा मत्स्य पालन विभाग और सुशांत बोरगोहैन को जल संसाधन तथा न्यायिक विभाग दिया गया है।
सीएम सरमा का संदेश
मुख्यमंत्री सरमा ने सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार टीमवर्क और समर्पण के साथ असम के विकास और समृद्धि को और गति देगी। यह विभाजन ऐसे समय में आया है जब असम सरकार कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को तेज़ करने की तैयारी में है। मंत्रिपरिषद के स्पष्ट विभागीय ढाँचे से अब जवाबदेही और नीति-क्रियान्वयन में तेज़ी आने की उम्मीद है।