असम: CM विजिलेंस सेल के DSP खरगेश्वर राभा का शव बोंगाईगांव होटल में मिला, जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री की विजिलेंस सेल में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (DSP) खरगेश्वर राभा का आंशिक रूप से विघटित शव 22 अक्टूबर 2026 को बोंगाईगांव स्थित एक होटल के कमरे से बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मौत की परिस्थितियों को स्थापित करने के लिए जांच तत्काल शुरू कर दी गई है और चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राभा का शव बोंगाईगांव के होटल जाह्नवी रीजेंसी के कमरा नंबर 102 से बरामद हुआ। शव मिलने के समय वह आंशिक रूप से सड़ी-गली अवस्था में था, जो संभवतः कई दिनों पूर्व हुई मृत्यु की ओर इशारा करता है।
गौरतलब है कि खरगेश्वर राभा असम के मुख्यमंत्री की विजिलेंस सेल में उपाधीक्षक पद पर कार्यरत थे — यह राज्य की एक संवेदनशील सुरक्षा इकाई है, जो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन कार्य करती है।
जांच का दायरा
अधिकारियों ने अब तक किसी साजिश या आपराधिक गतिविधि की न तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव बरामद होने से पहले क्या घटनाक्रम हुआ था और राभा बोंगाईगांव कब और क्यों गए थे।
मौत के कारणों की पुष्टि चिकित्सकीय परीक्षण और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। जांच अधिकारियों ने मीडिया से विस्तृत जानकारी साझा करने से फिलहाल परहेज किया है।
असम में पुलिसकर्मियों से जुड़ी हालिया घटनाएं
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले कुछ महीनों में असम में पुलिसकर्मियों से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।
10 सितंबर 2026 को नगांव जिले के गेरुआती गांव में एक अभियान के दौरान लोगों के एक समूह द्वारा पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें खटोवाल थाने के प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हुए और एक पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचा।
इससे पहले 3 सितंबर 2026 को कामरूप जिले की गामेरीमुरा पुलिस चौकी में गोलीबारी की एक गंभीर घटना में असम पुलिस के दो जवानों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। उल्लेखनीय है कि इस मामले में एक साथी पुलिसकर्मी पर AK-47 राइफल से गोली चलाने का आरोप लगा था।
22 मार्च 2026 को तिनसुकिया जिले के जागुन पुलिस कमांडो पोस्ट पर कथित उग्रवादियों के हमले में चार पुलिस जवान घायल हुए। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में रॉकेट-चालित ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था।
सरकार की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने अभी तक इन पूर्व घटनाओं और DSP राभा की मौत के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच पूरी होने और फोरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर उभरने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
जांच एजेंसियों द्वारा होटल के सीसीटीवी फुटेज, रजिस्टर और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी — खासकर यह स्थापित करने में कि मृत्यु स्वाभाविक थी, संदिग्ध थी या आपराधिक।