असम के श्रीभूमि में ₹3.18 करोड़ की प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को श्रीभूमि जिले में दो अलग-अलग एंटी-ड्रग ऑपरेशनों के दौरान प्रतिबंधित कफ सिरप की 31,800 बोतलें जब्त कीं, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹3.18 करोड़ बताई जा रही है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो कथित तस्करों को भी हिरासत में लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस दलों ने संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुई। यह खेप अवैध तरीके से परिवहन की जा रही थी।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर श्रीभूमि पुलिस की सराहना की। उन्होंने लिखा, "पूरे असम में सतर्कता के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रीभूमि पुलिस को दो सफल एंटी-ड्रग ऑपरेशन के लिए बधाई, जिनमें ₹3.18 करोड़ मूल्य की 31,800 प्रतिबंधित बोतलें जब्त की गईं और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हर ऐसी कार्रवाई एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को कमज़ोर करती है।" सरमा ने यह भी कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
तस्करी नेटवर्क की आशंका
पुलिस को संदेह है कि जब्त की गई कफ सिरप की यह खेप अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के ज़रिए अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई की जानी थी। जाँच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसकी अंतिम मंज़िल कहाँ थी। इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
असम का 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' अभियान
यह कार्रवाई असम सरकार के व्यापक 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले कुछ वर्षों में राज्य भर में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं और दर्जनों तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक संवेदनशील मार्ग माना जाता है, जहाँ म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं से नशीली दवाएँ भारत में प्रवेश करती हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। खुफिया इनपुट और निगरानी के आधार पर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।