आयुषएक्ससिल और स्पाइसेज बोर्ड के बीच एमओयू, वैश्विक बाज़ार में आयुष व भारतीय मसालों को मिलेगी नई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
आयुष एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (आयुषएक्ससिल) और स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के बीच 25 मई 2026 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य आयुष उत्पादों और भारतीय औषधीय मसालों की वैश्विक बाज़ार में पहुँच को व्यापक बनाना है। इस ऐतिहासिक साझेदारी का लक्ष्य निर्यात प्रोत्साहन, गुणवत्ता मानकीकरण और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग के ज़रिये भारत को प्राकृतिक वेलनेस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की स्थिति में स्थापित करना है।
समझौते पर हस्ताक्षर और उपस्थित गणमान्य
एमओयू पर आयुषएक्ससिल के चेयरमैन डॉ. अनुराग शर्मा और स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के सचिव एम. एस. मणिवन्नन (IAS) ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
साझेदारी के मुख्य क्षेत्र
इस सहयोग के अंतर्गत दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से ब्रांडिंग पहल, ट्रेसेबिलिटी फ्रेमवर्क, वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, क्षमता निर्माण, कोडेक्स सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेंगी। इसके अलावा अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार विकास पर भी मिलकर काम किया जाएगा।
मंत्री प्रतापराव जाधव ने इस साझेदारी को 'दूरदर्शी और भविष्य उन्मुख' बताते हुए कहा कि यह सहयोग भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत करने तथा आयुर्वेद, औषधीय पौधों और भारतीय मसालों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।
'स्पाइस एंड हील' पहल का उल्लेख
मंत्री ने प्रस्तावित 'स्पाइस एंड हील' पहल का विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह भारत को समग्र स्वास्थ्य और प्राकृतिक उपचार समाधान के क्षेत्र में एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित कर सकती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और भारतीय मसाले सदियों से निवारक स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और प्राकृतिक चिकित्सा ज्ञान के प्रतीक रहे हैं।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और हील इन इंडिया के विज़न के अनुरूप बताई गई है।
किसे होगा फायदा
इस समझौते से आयुष और मसाला क्षेत्र से जुड़े निर्यातकों, किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता निर्यात वृद्धि, रोज़गार सृजन, ग्रामीण विकास और किसान सशक्तिकरण के नए रास्ते खोलेगा।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह साझेदारी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक और हर्बल उत्पादों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। दोनों संस्थाओं के बीच इस सहयोग से भारतीय आयुष और मसाला उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अपनी स्थिति और मज़बूत करने का अवसर मिलेगा।