सीएम मोहन यादव का बड़वानी में संदेश: शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन भी ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 अक्टूबर 2026 को बड़वानी प्रवास के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है — उन्हें सनातन संस्कृति के मूल्य, अच्छे संस्कार और अनुशासन भी सिखाना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने इसे भावी पीढ़ी को संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने की बुनियादी शर्त बताया।
गायत्री परिवार आश्रम में रात्रि विश्राम
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि उन्हें रविवार रात बड़वानी स्थित गायत्री परिवार के आश्रम में रुकने का सौभाग्य मिला। आश्रम में प्रातःकालीन योगाभ्यास सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता कर उन्होंने सुखद अनुभूति होने की बात कही। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
समाज और सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार और समाज के मिले-जुले प्रयासों से संचालित ऐसे अभियान समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने शरद पूर्णिमा से दीपावली तक के इस पावन काल को सनातन परंपरा में विशेष महत्व का बताया। उनके अनुसार, ऐसे पर्व समाज में सद्भाव, सेवा और जनकल्याण के संकल्प को और सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।
बड़वानी को बताया 'निमाड़ का पेरिस'
मुख्यमंत्री ने बड़वानी को 'निमाड़ का पेरिस' की संज्ञा देते हुए कहा कि इस प्रवास में समाज निर्माण और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े अनेक प्रेरणादायी कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों के कल्याण और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है।
नशे के विरुद्ध जनजागरण की सराहना
मुख्यमंत्री यादव ने शिवपंथ समुदाय और महाराज बंशी तथा उनके अनुयायियों द्वारा आदिवासी अंचल में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जनजागरण अभियान की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति, महादेव की आराधना और नशामुक्ति के इस संयुक्त प्रयास को देखकर उन्हें संतोष हुआ। यह अभियान आदिवासी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का एक ठोस उदाहरण है।
मुख्यमंत्री के इस बड़वानी प्रवास को सरकार की उस प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों तक सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता पहुँचाने पर बल दिया जाता है। आगामी दिनों में ऐसे और जनसंपर्क कार्यक्रम अपेक्षित हैं।