26 अक्टूबर 2026
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़वानी में दीपावली पर दिया सद्भावना और नशामुक्ति का संदेश

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़वानी में दीपावली पर दिया सद्भावना और नशामुक्ति का संदेश

सारांश

शरद पूर्णिमा की सुबह बड़वानी के गायत्री धाम में योगाभ्यास से लेकर ग्राम अजगरिया के नशामुक्ति कार्यक्रम तक — मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीपावली पर आध्यात्मिक चेतना और नशामुक्त समाज का दोहरा संदेश दिया, और 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने की सरकारी प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 26 अक्टूबर 2026 को बड़वानी के गायत्री धाम (जामली, सेंधवा) में गायत्री परिवार के साथ योगाभ्यास किया।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर दीपावली उत्सव की शुरुआत बताते हुए सद्भावना और सत्कर्मों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
रविवार की रात ग्राम अजगरिया में शिव पंथ समुदाय के नशामुक्ति कार्यक्रम में शिरकत की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 2029 तक मध्यप्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का लक्ष्य दोहराया।
वैदिक दर्शन 'यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे' का हवाला देते हुए आध्यात्मिक चेतना और पंचमहाभूतों के महत्व पर प्रकाश डाला।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 26 अक्टूबर 2026 को शरद पूर्णिमा के अवसर पर दीपावली उत्सव की शुरुआत के साथ प्रदेशवासियों से सद्भावना और सत्कर्मों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने बड़वानी जिले के जामली (सेंधवा) स्थित गायत्री धाम में गायत्री परिवार के सदस्यों के साथ योगाभ्यास करते हुए योग, आध्यात्मिक चेतना और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला।

गायत्री धाम में योगाभ्यास और आध्यात्मिक संदेश

मुख्यमंत्री यादव ने सोमवार की सुबह गायत्री धाम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, 'शरद पूर्णिमा के साथ आज से वास्तव में दीपावली का शुभारंभ हो गया है। परमात्मा ने हम सभी के मन में जो दीप प्रज्ज्वलित किया है, वह जीवन भर ऊर्जा का स्रोत बना रहे।' उन्होंने सभी से यह कामना की कि उनके हाथों से सत्कर्म होते रहें, मन में सद्भावना बनी रहे और दुर्विचार समाप्त हों।

मुख्यमंत्री ने महाकाल, भगवान श्रीकृष्ण और माँ गायत्री की कृपा का उल्लेख करते हुए कहा कि मिले हुए जीवन का अधिकतम सदुपयोग करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने भारतीय दर्शन के प्रसिद्ध वैदिक वाक्य 'यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे' का उल्लेख करते हुए कहा कि जो तत्व मानव शरीर में विद्यमान हैं, उन्हीं का व्यापक स्वरूप ब्रह्मांड में भी दिखाई देता है। पंचमहाभूतों के माध्यम से सृष्टि और जीवन की संरचना को समझा जा सकता है।

आध्यात्मिक चेतना और जीवन का उद्देश्य

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मनुष्य का जन्म और जीवन-यात्रा ईश्वर की कृपा से निर्धारित समय का हिस्सा है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन-काल का श्रेष्ठतम उपयोग करते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। आध्यात्मिक चेतना, सद्भावना और सत्कर्मों को अपनाकर समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना जीवन का वास्तविक लक्ष्य है।

नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भागीदारी का संकल्प

इससे एक दिन पहले, रविवार की रात मुख्यमंत्री यादव बड़वानी जिले के ग्राम अजगरिया में शिव पंथ समुदाय द्वारा आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित लोगों से नशे के विरुद्ध जनजागरण का संकल्प लेने और नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, 'नशा नाश की जड़ है, इससे दूर रहना ही सुखी एवं सार्थक जीवन का आधार है।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप वर्ष 2029 तक मध्यप्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ निरंतर प्रयासरत है।

आम जनता और समाज पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब मध्यप्रदेश में नशे की समस्या को लेकर सामाजिक संगठन लगातार सरकार से सख्त कदम उठाने की माँग कर रहे हैं। गायत्री परिवार जैसे आध्यात्मिक संगठनों के साथ मुख्यमंत्री का जुड़ाव यह संकेत देता है कि सरकार नशामुक्ति के लिए सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को भी इस अभियान से जोड़ने की रणनीति अपना रही है। दीपावली के पर्व पर दिए गए इस संदेश का व्यापक सांस्कृतिक प्रभाव होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

2029 की समयसीमा और 'नशामुक्त मध्यप्रदेश' के लक्ष्य के लिए कोई मापनीय संकेतक या जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। धार्मिक अवसरों पर नीतिगत संकल्प दोहराना राजनीतिक दृष्टि से प्रभावशाली है, लेकिन जमीनी बदलाव के लिए प्रशासनिक क्रियान्वयन की कठोर समीक्षा अभी भी अपेक्षित है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री मोहन यादव बड़वानी में किस कार्यक्रम में शामिल हुए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 26 अक्टूबर 2026 को बड़वानी जिले के जामली (सेंधवा) स्थित गायत्री धाम में गायत्री परिवार के सदस्यों के साथ योगाभ्यास किया। इसके अलावा, एक दिन पहले रविवार की रात वे ग्राम अजगरिया में शिव पंथ समुदाय के नशामुक्ति कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
नशामुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य कब तक पूरा करने की बात कही गई है?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप वर्ष 2029 तक मध्यप्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री यादव ने शरद पूर्णिमा पर क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि शरद पूर्णिमा के साथ दीपावली उत्सव का शुभारंभ हो गया है और परमात्मा द्वारा प्रज्ज्वलित आंतरिक दीप जीवन भर ऊर्जा का स्रोत बना रहे। उन्होंने सभी से सद्भावना, सत्कर्म और सकारात्मक सोच के साथ समाज व राष्ट्र के कल्याण में योगदान देने का आह्वान किया।
'यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे' का उल्लेख मुख्यमंत्री ने किस संदर्भ में किया?
मुख्यमंत्री यादव ने इस वैदिक वाक्य का उल्लेख यह बताने के लिए किया कि मानव शरीर में विद्यमान तत्वों का व्यापक स्वरूप ब्रह्मांड में भी दिखाई देता है। उन्होंने प्रकृति, वनस्पति, पंचतत्व और पंचमहाभूतों के मानव जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला।
नशामुक्ति अभियान में आम नागरिकों की क्या भूमिका बताई गई?
मुख्यमंत्री यादव ने ग्राम अजगरिया के कार्यक्रम में नागरिकों से नशे के विरुद्ध जनजागरण का संकल्प लेने और नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशे से दूर रहना ही सुखी और सार्थक जीवन का आधार है।
राष्ट्र प्रेस
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