29 अगस्त 2026
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भुजरिया पर्व पर मोहन यादव का संदेश: मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत हो रही पुनर्जीवित

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भुजरिया पर्व पर मोहन यादव का संदेश: मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत हो रही पुनर्जीवित

सारांश

भुजरिया पर्व के अवसर पर उज्जैन के वाल्मीकी धाम आश्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छड़ी पूजन किया और कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक परंपराएं पुनर्जीवित हो रही हैं। उज्जैन से सामाजिक समरसता का संदेश पूरे देश में जाएगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 अगस्त को उज्जैन के वाल्मीकी धाम आश्रम में भुजरिया पर्व पर छड़ी पूजन किया।
भगवान जाहरवीर गोगादेव महाराज के ध्वज-चिह्न की शोभायात्रा बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से निकाली गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक परंपराएं पुनः जीवंत हो रही हैं और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार हो रहा है।
उज्जैन की धरती से सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को भुजरिया पर्व की शुभकामनाएं दीं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 अगस्त को उज्जैन स्थित वाल्मीकी धाम आश्रम में भुजरिया पर्व के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराएं पुनः जीवंत हो रही हैं और आध्यात्मिक चेतना का व्यापक विस्तार हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से छड़ी पूजन किया और प्रदेशवासियों को भुजरिया पर्व की शुभकामनाएं दीं।

भुजरिया पर्व और छड़ी पूजन

मुख्यमंत्री यादव ने वाल्मीकी धाम आश्रम, उज्जैन में परंपरागत विधि-विधान के साथ छड़ी पूजन संपन्न किया। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से भगवान जाहरवीर गोगादेव महाराज के ध्वज-चिह्न की शोभायात्रा निकाली जा रही है। राज्यभर में भुजरिया पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।

सामाजिक समरसता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की पावन धरती से पूरे देश में सामाजिक समरसता और एकता का संदेश प्रसारित होगा। उनके अनुसार भुजरिया पर्व लोक परंपराओं, आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। यह पर्व समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का काम करता है।

सांस्कृतिक पुनरुत्थान पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य

मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपने गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को पुनः जीवंत कर रहा है। उनके अनुसार देश हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और इसके साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का भी विस्तार हो रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों को सरकारी स्तर पर बढ़ावा दिए जाने की चर्चा जोरों पर है।

प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को भुजरिया पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। गौरतलब है कि भुजरिया पर्व मध्य प्रदेश की लोक संस्कृति में विशेष महत्व रखता है और इसे फसल और प्रकृति से जोड़कर मनाया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें किसी नेतृत्व-विशेष की राजनीतिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना एक सोची-समझी रणनीति है। मध्य प्रदेश में जहाँ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद BJP की मुख्य चुनावी धुरी रही है, वहाँ ऐसे आयोजन जनाधार को मज़बूत करने के साथ-साथ सरकारी छवि-निर्माण का भी माध्यम बनते हैं। असली सवाल यह है कि क्या आध्यात्मिक चेतना के इस विस्तार के साथ-साथ प्रदेश में ठोस सामाजिक-आर्थिक सुधार भी उतनी ही तेज़ी से हो रहे हैं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुजरिया पर्व क्या है और इसका क्या महत्व है?
भुजरिया मध्य प्रदेश और उत्तर भारत की एक पारंपरिक लोक परंपरा है जो फसल, प्रकृति और सामुदायिक आस्था से जुड़ी है। इस पर्व में अनाज के अंकुरों की पूजा की जाती है और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में क्या किया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 अगस्त को उज्जैन के वाल्मीकी धाम आश्रम में भुजरिया पर्व पर विधि-विधान से छड़ी पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान जाहरवीर गोगादेव महाराज के ध्वज-चिह्न की शोभायात्रा का शुभारंभ किया।
मोहन यादव ने मोदी के नेतृत्व को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को पुनः जीवंत किया जा रहा है। उनके अनुसार देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार भी हो रहा है।
उज्जैन से किस संदेश की बात की गई?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि उज्जैन की पावन धरती से पूरे देश में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश जाएगा। उन्होंने भुजरिया पर्व को लोक परंपराओं और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बताया।
भुजरिया पर्व मध्य प्रदेश में कैसे मनाया जाता है?
मध्य प्रदेश में भुजरिया पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें शोभायात्राएं, छड़ी पूजन और सामुदायिक आयोजन होते हैं। इस वर्ष उज्जैन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राजकीय स्तर पर यह पर्व आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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