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सीएम मोहन यादव का निर्देश: आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव, श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व मनाए संस्कृति विभाग

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सीएम मोहन यादव का निर्देश: आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव, श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व मनाए संस्कृति विभाग

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संस्कृति विभाग को आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव, श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व सहित बड़े सांस्कृतिक आयोजनों के निर्देश दिए। साथ ही ₹4,160 करोड़ के निर्माण कार्यों की समीक्षा और 'कला पंचांग 2026-27' का विमोचन किया गया।

मुख्य बातें

सीएम मोहन यादव ने 15 जून 2026 को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव , श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व मनाने के निर्देश दिए।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 'कला पंचांग' का विमोचन किया गया, जिसमें वर्षभर की सांस्कृतिक गतिविधियों का कैलेंडर है।
वर्ष 2023 से अब तक संस्कृति विभाग के अंतर्गत ₹4,160 करोड़ के निर्माण कार्य जारी; श्रीराम वन गमन पथ पर ₹160 करोड़ का कार्य प्रगति पर।
प्रदेश में 17 धार्मिक/सांस्कृतिक लोक और 20 संग्रहालयों का निर्माण चल रहा है।
सम्राट वीर विक्रमादित्य के नाम पर पृथक अकादमी स्थापित करने और मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में प्रदेश के 2 ज्योतिर्लिंगों व शक्ति पीठों को शामिल करने की घोषणा।
जगदीशपुर के पुराने किले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए वहाँ स्टेट कैबिनेट मीटिंग आयोजित करने की योजना।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार, 15 जून 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय में संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी छह-सात माह में प्रदेश के सभी प्रमुख सांस्कृतिक पर्वों को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव, श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व जैसे आयोजन हमारी धार्मिक आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता के प्रतीक हैं, और इन्हें समाज के सभी वर्गों को जोड़कर मनाया जाना चाहिए।

मुख्य निर्देश और सांस्कृतिक एजेंडा

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नागपंचमी के अवसर पर जैव विविधता संरक्षण — विशेषकर सर्प प्रजातियों के संरक्षण — का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जाए। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देशित किया कि वह सभी समाजों को उनकी आस्थाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ते हुए वृहद आयोजन करे, ताकि सरकार के सांस्कृतिक संदेश का भी प्रसार हो।

उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार 'कला पंचांग' का विमोचन भी किया, जिसमें वर्षभर की कलात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का पूरा कैलेंडर समाहित है। यह पंचांग अब सिलसिलेवार क्रियान्वित किया जाएगा।

विक्रमादित्य अकादमी और तीर्थदर्शन योजना का विस्तार

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सम्राट वीर विक्रमादित्य के नाम पर एक पृथक अकादमी की स्थापना की जाए, जिसमें उनके जीवनवृत्त पर समग्र शोध और संगत गतिविधियाँ संचालित हों। इसके अलावा, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में अब प्रदेश के 2 ज्योतिर्लिंगों, जागृत एवं मंशापूर्ण शक्ति पीठों और अन्य धार्मिक स्थलों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। इन परियोजनाओं को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।

विभागीय प्रगति: ₹4,160 करोड़ के कार्य जारी

बैठक में अपर मुख्य सचिव (संस्कृति) शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 धार्मिक/सांस्कृतिक लोक और 20 संग्रहालयों का निर्माण जारी है। वर्ष 2023 से अब तक संस्कृति विभाग के अंतर्गत ₹4,160 करोड़ के निर्माण कार्यों पर काम चल रहा है।

श्रीराम वन गमन पथ पर ₹160 करोड़ के कार्य जारी हैं। श्री महाकाल लोक में मूर्ति स्थापना का कार्य प्रगति पर है। ओरछा में भगवान श्री राम राजा लोक को छह नई थीम पर नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। सांची स्थित बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन की व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।

कलाकारों को जोड़ने और पद्म पुरस्कार अनुशंसा की पहल

मुख्यमंत्री यादव ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश में जन्मे या यहाँ से उभरे प्रतिभावान गायकों, कलाकारों की जानकारी एकत्र कर उन्हें प्रदेश में प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पद्म पुरस्कारों के लिए प्रदेश के कलाकारों, समाजसेवियों और पर्यावरणविदों की अनुशंसा संस्कृति विभाग की ओर से भी की जाए। साथ ही, पद्म पुरस्कार विजेताओं की आर्थिक सहायता के लिए एक स्थायी योजना तैयार की जाए।

उन्होंने भोपाल के निकट जगदीशपुर स्थित पुराने किले के इतिहास को जीवंत करने और उसे राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए शीघ्र स्टेट कैबिनेट मीटिंग वहाँ आयोजित करने की बात भी कही।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

बैठक में संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (वित्त) मनीष रस्तोगी, आयुक्त पुरातत्व मदन नागरगोजे और संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगामी महीनों में प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का दायरा और तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भाजपा की 'सॉफ्ट हिंदुत्व' पहचान को जमीनी स्तर तक ले जाने का प्रयास करती है। ₹4,160 करोड़ के निर्माण कार्य और 'कला पंचांग' जैसे संस्थागत उपकरण यह संकेत देते हैं कि सरकार संस्कृति को एक विभागीय जिम्मेदारी से आगे बढ़ाकर शासन के केंद्र में रखना चाहती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इतने बड़े बजट और आयोजनों के बावजूद प्रदेश के लोक कलाकारों और परंपरागत शिल्पकारों की आजीविका सुरक्षा पर ठोस नीतिगत कदम अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। पद्म पुरस्कार विजेताओं के लिए 'स्थायी आर्थिक योजना' की घोषणा सकारात्मक है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की समयसीमा और पात्रता मानदंड अभी तय नहीं हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम मोहन यादव ने संस्कृति विभाग को कौन-से प्रमुख उत्सव मनाने के निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आल्हा-ऊदल स्मृति उत्सव, श्रावण महोत्सव, भुजरिया पर्व और नागपंचमी पर सर्प संरक्षण संदेश के आयोजन के निर्देश दिए। ये आयोजन आगामी छह-सात माह में संस्कृति विभाग द्वारा सभी समाजों को जोड़कर किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश का 'कला पंचांग 2026-27' क्या है?
'कला पंचांग 2026-27' संस्कृति विभाग द्वारा तैयार वार्षिक कैलेंडर है, जिसमें वर्षभर की कलात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की योजना समाहित है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 जून 2026 को इसका विमोचन किया और निर्देश दिया कि इसे सिलसिलेवार क्रियान्वित किया जाए।
मध्य प्रदेश में संस्कृति विभाग के निर्माण कार्यों पर कितना खर्च हो रहा है?
वर्ष 2023 से अब तक संस्कृति विभाग के अंतर्गत ₹4,160 करोड़ के निर्माण कार्य जारी हैं। इनमें 17 धार्मिक/सांस्कृतिक लोक, 20 संग्रहालय और श्रीराम वन गमन पथ पर ₹160 करोड़ के कार्य शामिल हैं।
विक्रमादित्य अकादमी की स्थापना क्यों की जाएगी?
सम्राट वीर विक्रमादित्य के जीवनवृत्त पर समग्र शोध और संगत सांस्कृतिक गतिविधियाँ संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री यादव ने उनके नाम पर एक पृथक अकादमी गठित करने के निर्देश दिए। यह अकादमी मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का हिस्सा होगी।
मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में क्या नया जोड़ा जाएगा?
अब तक योजना में मुख्यतः राज्य के बाहर के प्रसिद्ध मंदिर शामिल थे। मुख्यमंत्री यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में स्थित 2 ज्योतिर्लिंगों, जागृत एवं मंशापूर्ण शक्ति पीठों और अन्य धार्मिक स्थलों को भी इस योजना में शामिल किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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