मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में MP के दो ज्योतिर्लिंग और शक्ति पीठ होंगे शामिल: CM मोहन यादव
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 जून 2026 को ऐलान किया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का दायरा अब राज्य के भीतर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों तक भी बढ़ाया जाएगा। इसमें प्रदेश के दो ज्योतिर्लिंगों, जागृत एवं मंशापूर्ण शक्ति पीठों और अन्य महत्त्वपूर्ण देव स्थानों को शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
क्या बदलेगा योजना में
संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि अब तक इस योजना के अंतर्गत केवल राज्य के बाहर के प्रसिद्ध मंदिरों और तीर्थ स्थलों को कवर किया जाता था। नए निर्देशों के अनुसार, मध्य प्रदेश में स्थित धार्मिक महत्त्व के स्थल — विशेष रूप से दोनों ज्योतिर्लिंग और जागृत शक्ति पीठें — अब इस योजना का हिस्सा बनेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कई कदम उठा रही है।
सांस्कृतिक आयोजनों का रोडमैप
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आगामी छह-सात महीनों में बड़े त्यौहार, सांस्कृतिक पर्व और मेले आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया कि श्रावण महोत्सव, भुजरिया पर्व और आल्हा-ऊदल वीर रस गायन के आयोजन किए जाएं। इसके साथ ही नागपंचमी पर सर्प प्रजातियों के संरक्षण सहित जैव विविधता का संदेश जन-जन तक पहुँचाने की बात कही गई।
संस्कृति विभाग को निर्देश
यादव ने अधिकारियों से कहा कि विभाग ऐसे आयोजन करे जो समाज के सभी वर्गों को जोड़ें और राज्य की कला, संस्कृति एवं परम्पराओं के संवर्धन के साथ-साथ सरकार के संदेश का भी प्रसार करें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पुरातात्त्विक धरोहरें और सांस्कृतिक परम्पराएं प्रदेश की अमूल्य पूंजी हैं, जिनकी रक्षा करना सामूहिक दायित्व है।
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पहचान का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं। यादव ने कहा, 'हम समाज को साथ लेकर इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।' गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में उज्जैन स्थित महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर — दोनों ज्योतिर्लिंग — पहले से ही लाखों श्रद्धालुओं के प्रमुख गंतव्य हैं, और इनके योजना में शामिल होने से वरिष्ठ नागरिकों व अन्य लाभार्थियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा।