मध्य प्रदेश: लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगी स्पेशल तीर्थ ट्रेन, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 जून 2025 को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आपातकाल के दौरान जेल में रहे लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की घोषणा की। इनमें सबसे प्रमुख है तीर्थाटन के लिए एक विशेष ट्रेन की शुरुआत, जो इन सेनानियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराएगी। यह सम्मेलन आपातकाल की वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मेलन में कई सुविधाओं का ऐलान किया। लोकतंत्र सेनानियों को प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन नि:शुल्क ठहरने की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही उनके नि:शुल्क इलाज और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। जो सेनानी अब तक ताम्रपत्र प्राप्त करने से वंचित हैं, उन्हें भी शीघ्र ताम्रपत्र प्रदान किए जाएंगे।
स्मृति संरक्षण के प्रयास
दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके गाँवों और कस्बों में शिलालेख स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय पार्क, मार्ग और खेल मैदानों का नामकरण भी लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर किया जाएगा। यादव ने स्पष्ट किया कि सेनानियों के सुझावों को प्रदेश के कल्याण की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।
आपातकाल पर मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय घर के मुखिया को बिना किसी सूचना के सीधे जेल में बंद कर दिया जाता था — 'न वकील, न अपील, न दलील'। उन्होंने कहा कि मीसाबंदियों पर कांग्रेस में शामिल होने का दबाव डाला जाता था। यादव ने लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई की तुलना स्वतंत्रता संग्राम की पहली लड़ाई से करते हुए कहा कि इसी संघर्ष की बदौलत आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है।
सम्मेलन का माहौल
कार्यक्रम में उपस्थित लोकतंत्र सेनानियों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया और बुजुर्ग सेनानियों का विशेष अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इन सेनानियों के बलिदान के कारण ही आज एक गरीब परिवार से निकला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सका है।
आगे की राह
इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की समय-सीमा और विस्तृत दिशानिर्देश राज्य सरकार द्वारा जल्द जारी किए जाने की उम्मीद है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब देशभर में आपातकाल की वर्षगाँठ पर विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।