मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव छिंदवाड़ा में 26 मार्च को करेंगे 'हनुमान लोक प्रोजेक्ट' का उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- हनुमान लोक परियोजना 30 एकड़ में फैली हुई है।
- यह धार्मिक पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल होगा।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव इसका उद्घाटन करेंगे।
- इसमें भगवान हनुमान की मूर्तियां शामिल होंगी।
- पांढुर्ना को हाल ही में नया जिला घोषित किया गया है।
छिंदवाड़ा, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव 26 मार्च को रामनवमी के अवसर पर छिंदवाड़ा जिले के दौरे के दौरान मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा विकसित हनुमान लोक परियोजना का उद्घाटन करेंगे।
यह परियोजना लगभग 30 एकड़ में फैली हुई है और इसे राज्य के एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट मौजूदा जाम सवाली हनुमान मंदिर का विस्तार है, जिसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन परंपराओं का समावेश करके तैयार किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले इसकी आधारशिला रखी थी।
कई चरणों में विकसित होने वाली इस विशाल धार्मिक परियोजना में भगवान हनुमान की अनेक मूर्तियां और आकृतियां शामिल की जाएंगी, जिनमें पहले प्रांगण में उनके बाल रूप की एक मूर्ति भी होगी।
राज्य सरकार की ओर से 2023 में परियोजना की घोषणा के समय जारी किए गए खाके (ब्लूप्रिंट) के अनुसार, पवित्र रामटेकरी पर्वत की परिक्रमा के लिए एक संजीवनी पथ भी विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव छिंदवाड़ा और नवगठित पांढुर्ना जिले के अपने दौरे के दौरान 506.29 करोड़ रुपये की लागत वाली 100 से अधिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
इस कार्यक्रम में, वे एक ही क्लिक के माध्यम से पूरे राज्य में 'संबल योजना' और विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता राशि भी हस्तांतरित करेंगे।
उद्घाटन होने वाले प्रमुख प्रोजेक्ट्स में 69.49 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए 'मध्य प्रदेश भवन विकास निगम' का कार्यालय, नवगठित जिले पांढुर्ना में 'कलेक्टर कार्यालय', 'जिला अस्पताल' और 'पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय' शामिल हैं।
ये संस्थान जिले में प्रशासनिक, स्वास्थ्य सेवा और कानून व्यवस्था सेवाओं को मजबूत करेंगे, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 में छिंदवाड़ा जिले से अलग कर पांढुर्ना को आधिकारिक तौर पर मध्य प्रदेश का 55वां जिला घोषित किया गया था। प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए पांढुर्ना और सौंसर तहसीलों का विलय करके इसका गठन किया गया था।