सांदीपनि आश्रम उज्जैन: CM मोहन यादव बोले — प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का विश्व केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 जुलाई 2026 को उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम में आयोजित 'गुरु परंपरा का लोकपर्व श्रद्धा समारोह' में कहा कि जो भी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को उसकी गहराई में समझना चाहता है, उसे सांदीपनि आश्रम अवश्य आना चाहिए। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह में उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा और उज्जैन की ऐतिहासिक आध्यात्मिक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उज्जैन की अद्वितीय ज्ञान परंपरा
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु को ईश्वर से भी ऊपर का स्थान दिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उज्जैन वह नगर है जहाँ स्वयं ईश्वर ने शिक्षा ग्रहण की थी। उनके अनुसार, महर्षि सांदीपनि ने श्री कृष्ण को जो विद्या प्रदान की, उसी के कारण वे जगतगुरु बने — यह तथ्य इस आश्रम को समस्त विश्व के लिए अतुलनीय ज्ञान-तीर्थ बनाता है।
सिंहस्थ 2028 और विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अतीत की गौरवशाली परंपराओं को संजोते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंहस्थ 2028 महापर्व को ध्यान में रखते हुए उज्जैन के साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े विकास कार्य तेज़ी से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उज्जैन में सभी धर्मों के लोग एकजुट होकर इन विकास कार्यों में सहयोग दे रहे हैं — जो शहर की समावेशी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
सांदीपनि लोक और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की योजना
कार्यक्रम में उपस्थित विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उज्जैन को लगातार विकास की सौगातें मिल रही हैं। शीघ्र ही सांदीपनि लोक और काल भैरव लोक का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी योजना है, जो इस नगर को आधुनिक शिक्षा और प्राचीन चिकित्सा विज्ञान का संगम बनाएगी।
पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर महर्षि सांदीपनि गुरुदेव की पूजा-अर्चना एवं आरती की। उन्होंने कुण्डेश्वर महादेव और सर्वेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन किए। समारोह में भक्ति गायन के साथ-साथ नाट्य प्रस्तुति 'गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला' भी प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता से जोड़ा।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। सांदीपनि आश्रम को वैश्विक ज्ञान-केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह समारोह एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयुर्वेद विश्वविद्यालय और सांदीपनि लोक जैसी परियोजनाएँ उज्जैन को आध्यात्मिक पर्यटन के साथ-साथ शैक्षणिक मानचित्र पर भी प्रमुखता से स्थापित करेंगी।