गुरु पूर्णिमा 2026: योगी आदित्यनाथ बोले — गुरु जीवन को दिशा देते हैं, 60 लाख शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाभान्वित
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुरु केवल शिक्षा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे शिष्य के जीवन को सही दिशा और उद्देश्य प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे गुरुजनों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।
गुरु पूर्णिमा का सार्वकालिक महत्त्व
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, 'भारतीय मनीषा एवं सनातन संस्कृति में गुरु को साक्षात परम ब्रह्म माना गया है। विक्रम संवत 2083 की आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा अर्थात 29 जुलाई 2026 को मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने का पवित्र अवसर है।' उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में यह पर्व महर्षि वेदव्यास की स्मृति में 'व्यास पूर्णिमा' के रूप में मनाया जाता है, जबकि बौद्ध परंपरा में यह भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन का स्मृति-दिवस है। जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से है और सिख परंपरा में भी गुरु-वाणी सर्वोपरि मानी जाती है।
पौराणिक आदर्शों से जोड़ा संदेश
योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक और पौराणिक उदाहरणों के माध्यम से गुरु-शिष्य संबंध की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से ज्ञान और संस्कार ग्रहण कर आदर्श जीवन की मर्यादाओं को आत्मसात किया, वहीं भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कठोपनिषद का उल्लेख करते हुए नचिकेता के उदाहरण को सामने रखा, जिन्होंने यमराज के समक्ष क्षणिक सुख-वैभव के स्थान पर 'श्रेय' अर्थात् सत्य एवं आत्मज्ञान का मार्ग चुना।
शिक्षकों के सशक्तीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ गुरु का सम्मान होता है, वही समाज उन्नति करता है। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने पिछले नौ वर्षों में शिक्षक सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती, समयबद्ध सेवा-सुविधाएँ, आधुनिक डिजिटल संसाधन और निरंतर क्षमता संवर्धन के माध्यम से सरकार ने गुरुजनों को एक सक्षम वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना
शिक्षकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के तहत मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े प्रदेश के 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित परिजन लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा विभाग के राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रितों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। शीघ्र ही 2.50 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके परिजन भी इसके दायरे में आएँगे। साथ ही शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में कहा कि गुरु स्वयं ज्ञान का आलोक हैं, जो शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य, संस्कार और प्रकाश के पथ पर अग्रसर करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने गुरुजनों का सदैव स्मरण रखें और उनके दिए आदर्शों को जीवन में अपनाएँ। योगी आदित्यनाथ के अनुसार, यही विकसित व्यक्ति और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे सशक्त आधारशिला है।