29 जुलाई 2026
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गुरु पूर्णिमा 2026: योगी आदित्यनाथ, नायब सैनी समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने गुरुजनों को किया नमन

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गुरु पूर्णिमा 2026: योगी आदित्यनाथ, नायब सैनी समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने गुरुजनों को किया नमन

सारांश

गुरु पूर्णिमा 2026 पर देश के आठ से अधिक राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर गुरुजनों को नमन किया। योगी आदित्यनाथ से लेकर हिमंता बिस्वा सरमा तक — सभी ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया और नागरिकों से गुरु के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश के 8 से अधिक मुख्यमंत्रियों ने गुरुजनों को नमन किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन संस्कृति में गुरु के सर्वोपरि स्थान को रेखांकित किया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महर्षि वेदव्यास जयंती का भी उल्लेख करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की ऐतिहासिक विरासत को याद किया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा , दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी एक्स पर अपने संदेश साझा किए।
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाती है और यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।

29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर देशभर के मुख्यमंत्रियों ने गुरु-शिष्य परंपरा को नमन करते हुए गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा तक, आठ से अधिक राज्यों के शीर्ष नेताओं ने एक्स पर संदेश साझा कर भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्रियों के संदेश और श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपने संदेश में लिखा, 'अज्ञान के तिमिर को मिटाकर ज्ञान, संस्कार व सदाचार के दिव्य प्रकाश से जीवन को आलोकित करने वाले समस्त पूज्य गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा की अनंत बधाई एवं शुभकामनाएं। सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है, उनकी अहैतुकी कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और राष्ट्र आराधना की सच्ची प्रेरणा प्राप्त होती है।' उन्होंने गुरुजनों को 'कोटिशः नमन' अर्पित किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि भारतीय संस्कृति में गुरु केवल ज्ञान के स्रोत नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले पथप्रदर्शक हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस पावन अवसर पर गुरुजनों के आदर्शों और मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर कहा कि गुरु का सान्निध्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करता है और उसे सत्य, सेवा तथा कर्तव्य के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने समस्त गुरुवरों के श्रीचरणों में सादर प्रणाम करते हुए उनके आशीर्वाद की कामना की।

उत्तराखंड, दिल्ली और मध्य प्रदेश के नेताओं का संदेश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर दोहे के माध्यम से गुरु-भक्ति व्यक्त करते हुए लिखा — 'गुरु मूरत मुख चंद्रमा, सेवक नयन चकोर।' उन्होंने कहा कि गुरु जीवन को सही दिशा, संस्कार और उद्देश्य प्रदान करने वाले मार्गदर्शक होते हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'गुरु भारतीय संस्कृति की धुरी हैं। गुरु ही ज्ञान हैं, गुरु ही संस्कार हैं और गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं, जो व्यक्ति को आत्मबोध, समाज को सदाचार तथा राष्ट्र को वैभव के पथ पर अग्रसर करती है।' उन्होंने ऋषि परंपरा को भी नमन किया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कबीरदास की प्रसिद्ध पंक्ति — 'गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय' — के माध्यम से गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

बिहार, असम और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का नमन

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर गुरुजनों को 'ज्ञान, संस्कार और जीवन के सही मार्ग का प्रकाशस्तंभ' बताते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर गुरुजनों को सादर नमन करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही हम सत्य और कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ते हैं।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर संस्कृत श्लोक — 'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः' — के साथ महर्षि वेदव्यास की जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वेदव्यास जी ने वेदों के संकलन और महाभारत की रचना के माध्यम से मानवता को अमूल्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर प्रदान की।

गुरु पूर्णिमा का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व

गुरु पूर्णिमा प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाती है और इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी होती है। भारतीय परंपरा में यह पर्व गुरु-शिष्य संबंध की गहराई और पवित्रता का प्रतीक है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में गुरु-शिष्य परंपरा के पुनरुद्धार की माँग समाज के विभिन्न वर्गों से उठती रही है।

देश के शीर्ष राजनेताओं का इस प्रकार एकजुट होकर गुरु-परंपरा को नमन करना भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में गुरु पूर्णिमा से जुड़े कार्यक्रम और शिक्षा-संबंधी पहल की भी संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सांस्कृतिक अवसरों पर जनता से जुड़ने का सबसे सुलभ माध्यम है। उल्लेखनीय है कि इस बार अधिकांश संदेश भाजपा-शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आए, जो सनातन और गुरु-शिष्य परंपरा को राजनीतिक पहचान से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। हालांकि ये संदेश सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल नहीं उठाती कि इन भावनाओं को शिक्षा नीति और शिक्षकों के कल्याण में कितना प्रतिबिंब मिलता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु पूर्णिमा 2026 कब मनाई गई?
गुरु पूर्णिमा 2026 का पर्व 29 जुलाई को मनाया गया। यह पर्व प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है और इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी होती है।
किन-किन मुख्यमंत्रियों ने गुरु पूर्णिमा पर शुभकामनाएं दीं?
योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), नायब सैनी (हरियाणा), भजनलाल शर्मा (राजस्थान), पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड), रेखा गुप्ता (दिल्ली), मोहन यादव (मध्य प्रदेश), सम्राट चौधरी (बिहार) और हिमंता बिस्वा सरमा (असम) ने एक्स पर संदेश साझा किए। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपना संदेश पोस्ट किया।
गुरु पूर्णिमा का भारतीय संस्कृति में क्या महत्व है?
गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा का सबसे पवित्र पर्व है। इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती मनाई जाती है, जिन्होंने वेदों का संकलन और महाभारत की रचना कर मानवता को अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर दी।
योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा पर क्या कहा?
योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है और उनकी कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और राष्ट्र आराधना की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने समस्त गुरुजनों को 'कोटिशः नमन' अर्पित किया।
केशव प्रसाद मौर्य ने गुरु पूर्णिमा पर किसकी जयंती का उल्लेख किया?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महर्षि वेदव्यास जी की जयंती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वेदव्यास जी ने वेदों के संकलन और महाभारत की रचना के माध्यम से मानवता को अमूल्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर प्रदान की।
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