बागलकोट में भाजपा को मिला उम्दा जनसमर्थन: वीरन्ना चरंतिमठ का बयान
सारांश
Key Takeaways
- वीरन्ना चरंतिमठ का जनसमर्थन पर सकारात्मक बयान
- सरकार की भ्रष्टाचार और न्याय पर आलोचना
- कांग्रेस का उम्मीदवार उमेश मेटी
- पीएच पुजार का फंड आवंटन पर सवाल
- मतदाताओं को प्रलोभनों से दूर रहने की सलाह
बागलकोट, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बागलकोट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार वीरन्ना चरंतिमठ ने कहा है कि उनकी पार्टी को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उम्मीद से अधिक जनसमर्थन मिल रहा है।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान यह स्पष्ट हो गया है कि लोगों को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो उनकी आवाज को मजबूती से उठा सके।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे उस सरकार के खिलाफ वोट करें, जिसे उन्होंने “तुगलक सरकार” के रूप में बताया है।
चारंतिमठ ने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावितों को न्याय नहीं मिला है और भ्रष्टाचार अपनी सीमा से बाहर चला गया है। उन्होंने कहा, “जब हम सत्ता में थे, तब हमने 2,100 लोगों को जमीन के पट्टे दिए थे। लेकिन पिछले तीन वर्षों में एक भी पट्टा नहीं दिया गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विकास योजनाएं धीमी गति से चल रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 2.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये का भुगतान करने के बावजूद लोगों को जमीन नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “वे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं। वे कहते हैं कि 30 लाख या 40 लाख रुपये देंगे।”
उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर मेडिकल कॉलेज और गांधी भवन जैसे वादों को केवल चुनावी जुमला करार देते हुए आरोप लगाया कि ये घोषणाएं केवल लोगों को लुभाने के लिए हैं।
कांग्रेस ने इस सीट से उमेश मेटी को उम्मीदवार बनाया है, जो दिवंगत एच वाई मेटी के पुत्र हैं। उनके निधन के कारण ही इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है।
इस बीच, भाजपा विधान परिषद सदस्य पीएच पुजार ने भी राज्य सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार केवल भाषण देने तक सीमित है और सिंचाई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त फंड आवंटित नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार बसवराज रायरेड्डी ने भी टिप्पणी की है कि सरकार कृष्णा अपर कैनाल परियोजना को भूल गई है।
उन्होंने कहा कि बजट में अधिक फंड देने के वादों के बावजूद केवल 2,600 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इस रफ्तार से परियोजना को पूरा होने में 20 से 25 साल लग सकते हैं।
पुजार ने कहा कि सरकार को सत्ता में आए तीन साल हो चुके हैं, लेकिन कोई खास प्रगति नहीं दिख रही, जिससे जनता में निराशा बढ़ी है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में मजबूत लहर है और मतदाता पैसे या शराब के प्रलोभन में नहीं आएंगे।