ढाका में बम बनाने का सामान जब्त, 30 वर्षीय जाहिद हसन एमोन गिरफ्तार; बांग्लादेश में 311 आतंकी अभी भी फरार
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को ढाका के दक्षिण केरानीगंज इलाके में छापेमारी कर देसी बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक सामान और 9,000 कागज के मुखौटे बरामद किए तथा एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 19 सितंबर को जात्राबारी पुलिस स्टेशन के सामने हुए देसी बम विस्फोट की जांच के क्रम में हुई है।
गिरफ्तारी और बरामदगी का ब्यौरा
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 वर्षीय जाहिद हसन एमोन के रूप में हुई है। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, उसे शुक्रवार को बाघापुर इलाके से पकड़ा गया। श्यामपुर मॉडल पुलिस स्टेशन के सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान एमोन की 19 सितंबर के विस्फोट में कथित संलिप्तता के बारे में जानकारी मिली थी।
छापेमारी में जांचकर्ताओं ने 5 किलोग्राम कंचे, 2 किलोग्राम एक इंच की नुकीली कीलें, 20 लाल सेलोफेन टेप और 11 काले सेलोफेन टेप जब्त किए। इसके अलावा, तीन कार्टन में पैक किए गए 9,000 पेपर मास्क, मास्क के लिए इलास्टिक के 30 पैकेट और जैपान ब्रांड का एक ब्लेंडर व जार भी बरामद हुए, जिनका कथित तौर पर कच्चे बम बनाने के लिए सामग्री पीसने में इस्तेमाल किया गया था।
जात्राबारी विस्फोट की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 19 सितंबर 2026 को जात्राबारी पुलिस स्टेशन के सामने एक देसी बम विस्फोट हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। यह विस्फोट ढाका में हाल के महीनों में दर्ज की गई ऐसी घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा बताया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के फरार सदस्यों को लेकर सतर्क हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल 2026 तक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के कम से कम 311 सदस्य अभी भी फरार हैं।
फरार आतंकियों की चिंताजनक तस्वीर
रिपोर्टों के अनुसार, 311 फरार सदस्यों में नव-जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (नियो-जेएमबी) के 16, मूल जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के 185, अंसार अल इस्लाम के 83 और हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी बांग्लादेश (हुजी-बी) के 16 सदस्य शामिल हैं।
'स्ट्रिंगर एशिया' की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि ये महज अलग-थलग नाम नहीं हैं, बल्कि ये जिहादी उग्रवाद की क्रमिक पीढ़ियों को दर्शाते हैं — जिनमें अफगानिस्तान से जुड़े हुजी-बी के दिग्गज, इस्लामिक स्टेट से प्रेरित नियो-जेएमबी के कैडर और अंसार अल इस्लाम के डिजिटल रूप से सक्रिय ऑपरेटिव शामिल हैं।
क्या बांग्लादेश की जिहादी समस्या दोबारा उभर रही है
विश्लेषकों और रिपोर्टों के अनुसार, कई वर्षों तक ऐसा प्रतीत होता रहा कि बांग्लादेश ने अपनी आतंकवादी समस्या पर काबू पा लिया है। सुरक्षा बलों ने नेटवर्क को ध्वस्त किया था, वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराया या गिरफ्तार किया था और 2016 के होली आर्टिसन बेकरी हत्याकांड के लिए जिम्मेदार संगठनात्मक ढांचे को तोड़ा था।
हालांकि, ढाका के आसपास फिर से सामने आ रहे बम विस्फोट संकेत देते हैं कि वह जीत उतनी निर्णायक नहीं थी जितनी दावा किया गया था। जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।