पश्चिम बंगाल: 'बांग्लार बारी' का नाम बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास', 10 लाख परिवारों को दूसरी किस्त
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की 'बांग्लार बारी परियोजना' का नाम स्थायी रूप से बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास' करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी राज्य सचिवालय स्थित नबन्ना सभागार से इस नई नाम वाली परियोजना के तहत राज्य के 10 लाख परिवारों के बैंक खातों में दूसरी किस्त सीधे हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। यह कार्यक्रम 6 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा।
परियोजना की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदलकर 'बांग्लार बारी' कर दिया था। इस परियोजना के दूसरे चरण में 18 लाख परिवारों को घर बनाने के लिए अनुदान देने का वादा किया गया था, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को कुल ₹1 लाख 20 हजार की सहायता राशि दी जानी थी। विधानसभा चुनाव से पूर्व ₹60 हजार की पहली किस्त वितरित की जा चुकी थी।
राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद दूसरी किस्त का भुगतान लंबित हो गया था। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार नए सर्वेक्षण के आधार पर पात्र लाभार्थियों को यह राशि जारी करने जा रही है।
पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया
राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, केवल वे परिवार दूसरी किस्त के पात्र माने गए हैं जिन्होंने पहली किस्त की राशि से निर्धारित स्तर तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। जिन 8 लाख परिवारों ने राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्माण का पहला चरण अभी तक पूरा नहीं किया है, उनका नया सर्वेक्षण किया जाएगा।
सत्यापन के बाद सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अगले चरण में उनके खातों में राशि भेजेगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को धन वितरण पूरी तरह जाँच-पड़ताल और सत्यापन के बाद ही करने के निर्देश दिए हैं।
नाम परिवर्तन का राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार पूर्ववर्ती TMC सरकार की नीतियों और योजनाओं की समीक्षा कर रही है। आलोचकों का कहना है कि योजनाओं का नाम बदलना राजनीतिक पहचान स्थापित करने का एक सामान्य तरीका है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि नई सरकार का ध्यान पारदर्शी वितरण और सत्यापन पर है।
यह उल्लेखनीय है कि पहले TMC सरकार ने केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदला था, और अब BJP सरकार ने TMC की 'बांग्लार बारी' का नाम बदला है — यह राज्य-केंद्र और दल-आधारित योजना-नामकरण की लंबी परंपरा का हिस्सा है।
आगे की राह
नए सर्वेक्षण के पूरा होने के बाद शेष 8 लाख परिवारों को भी दूसरी किस्त जारी की जाएगी, बशर्ते वे निर्माण मानकों को पूरा करें। राज्य सरकार के अनुसार, धन वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सत्यापन-आधारित रहेगी, जिससे लाभार्थियों तक वास्तविक सहायता सुनिश्चित हो सके।