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पश्चिम बंगाल: 'बांग्लार बारी' का नाम बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास', 10 लाख परिवारों को दूसरी किस्त

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पश्चिम बंगाल: 'बांग्लार बारी' का नाम बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास', 10 लाख परिवारों को दूसरी किस्त

सारांश

सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम बंगाल में BJP सरकार ने TMC की 'बांग्लार बारी' का नाम बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास' किया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 10 लाख पात्र परिवारों को दूसरी किस्त जारी करेंगे — लेकिन 8 लाख परिवारों को नए सर्वेक्षण का इंतजार करना होगा।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने 'बांग्लार बारी परियोजना' का नाम बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास' करने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी नबन्ना सभागार से 10 लाख परिवारों के खातों में दूसरी किस्त हस्तांतरित करेंगे।
प्रत्येक लाभार्थी परिवार को कुल ₹1 लाख 20 हजार की सहायता राशि मिलनी है; पहली किस्त ₹60 हजार पहले ही दी जा चुकी थी।
8 लाख परिवार जिन्होंने निर्माण का पहला चरण पूरा नहीं किया, उनका नया सर्वेक्षण किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदलकर 'बांग्लार बारी' किया था; BJP ने अब इसे पुनः नाम दिया।

पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की 'बांग्लार बारी परियोजना' का नाम स्थायी रूप से बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास' करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी राज्य सचिवालय स्थित नबन्ना सभागार से इस नई नाम वाली परियोजना के तहत राज्य के 10 लाख परिवारों के बैंक खातों में दूसरी किस्त सीधे हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। यह कार्यक्रम 6 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा।

परियोजना की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदलकर 'बांग्लार बारी' कर दिया था। इस परियोजना के दूसरे चरण में 18 लाख परिवारों को घर बनाने के लिए अनुदान देने का वादा किया गया था, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को कुल ₹1 लाख 20 हजार की सहायता राशि दी जानी थी। विधानसभा चुनाव से पूर्व ₹60 हजार की पहली किस्त वितरित की जा चुकी थी।

राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद दूसरी किस्त का भुगतान लंबित हो गया था। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार नए सर्वेक्षण के आधार पर पात्र लाभार्थियों को यह राशि जारी करने जा रही है।

पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया

राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, केवल वे परिवार दूसरी किस्त के पात्र माने गए हैं जिन्होंने पहली किस्त की राशि से निर्धारित स्तर तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। जिन 8 लाख परिवारों ने राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्माण का पहला चरण अभी तक पूरा नहीं किया है, उनका नया सर्वेक्षण किया जाएगा।

सत्यापन के बाद सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अगले चरण में उनके खातों में राशि भेजेगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को धन वितरण पूरी तरह जाँच-पड़ताल और सत्यापन के बाद ही करने के निर्देश दिए हैं।

नाम परिवर्तन का राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार पूर्ववर्ती TMC सरकार की नीतियों और योजनाओं की समीक्षा कर रही है। आलोचकों का कहना है कि योजनाओं का नाम बदलना राजनीतिक पहचान स्थापित करने का एक सामान्य तरीका है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि नई सरकार का ध्यान पारदर्शी वितरण और सत्यापन पर है।

यह उल्लेखनीय है कि पहले TMC सरकार ने केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदला था, और अब BJP सरकार ने TMC की 'बांग्लार बारी' का नाम बदला है — यह राज्य-केंद्र और दल-आधारित योजना-नामकरण की लंबी परंपरा का हिस्सा है।

आगे की राह

नए सर्वेक्षण के पूरा होने के बाद शेष 8 लाख परिवारों को भी दूसरी किस्त जारी की जाएगी, बशर्ते वे निर्माण मानकों को पूरा करें। राज्य सरकार के अनुसार, धन वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सत्यापन-आधारित रहेगी, जिससे लाभार्थियों तक वास्तविक सहायता सुनिश्चित हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब BJP ने TMC की योजना का। असली सवाल यह है कि जिन 8 लाख परिवारों ने पहली किस्त लेने के बाद निर्माण नहीं किया, उनके साथ क्या होगा — क्या नया सर्वेक्षण उन्हें योजना से बाहर कर देगा या उन्हें मौका मिलेगा? सत्यापन-आधारित वितरण की नीति सराहनीय है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की पारदर्शिता और समयसीमा पर नज़र रखना ज़रूरी है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवार राजनीतिक फेरबदल की भेंट न चढ़ें।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'बांग्लार बारी परियोजना' का नाम क्यों बदला गया?
पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार ने पूर्ववर्ती TMC सरकार की 'बांग्लार बारी परियोजना' का नाम बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास' कर दिया है। यह उल्लेखनीय है कि TMC सरकार ने भी केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदलकर 'बांग्लार बारी' किया था।
दूसरी किस्त किन परिवारों को मिलेगी?
केवल वे परिवार दूसरी किस्त के पात्र हैं जिन्होंने पहली किस्त की ₹60 हजार राशि से निर्धारित स्तर तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। जिन 8 लाख परिवारों ने निर्माण का पहला चरण पूरा नहीं किया, उनका नया सर्वेक्षण किया जाएगा और उसके बाद ही उन्हें राशि मिलेगी।
'पश्चिम बंगाल आवास' के तहत कितनी राशि मिलती है?
इस परियोजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को कुल ₹1 लाख 20 हजार की सहायता राशि दी जाती है। पहली किस्त के रूप में ₹60 हजार पहले ही वितरित किए जा चुके थे और अब दूसरी किस्त के रूप में शेष ₹60 हजार 10 लाख परिवारों को दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी किस्त वितरण कार्यक्रम कहाँ आयोजित करेंगे?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय के नबन्ना सभागार से 6 अगस्त 2026 को यह कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिसमें 10 लाख पात्र परिवारों के बैंक खातों में सीधे दूसरी किस्त हस्तांतरित की जाएगी।
जिन परिवारों ने निर्माण अधूरा छोड़ा उनका क्या होगा?
जिन 8 लाख परिवारों ने पहली किस्त लेने के बावजूद निर्माण का पहला चरण पूरा नहीं किया, उनका नया सर्वेक्षण होगा। निर्माण पूरा होने के बाद सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अगले चरण में उनके खातों में राशि भेजेगी।
राष्ट्र प्रेस
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