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पश्चिम बंगाल में PMAY घर अब महिलाओं के नाम: CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

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पश्चिम बंगाल में PMAY घर अब महिलाओं के नाम: CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

सारांश

पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार ने PMAY के तहत 50 लाख से अधिक घर सीधे महिलाओं के नाम पर रजिस्टर करने का फैसला किया है। साथ ही अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त जारी — 1.5 करोड़ महिलाओं को प्रतिमाह ₹3,000। सत्ता बदलने के चार महीने बाद यह सरकार की सबसे बड़ी महिला केंद्रित घोषणा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 17 सितंबर 2026 को घोषणा की कि PMAY के तहत राज्य के 50 लाख से अधिक घर महिलाओं के नाम पर रजिस्टर होंगे।
घरों का एग्रीमेंट भी महिला सदस्यों के नाम पर ही होगा — संपत्ति में कानूनी स्वामित्व सुनिश्चित होगा।
अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त जारी; पात्र महिलाओं के खाते में प्रतिमाह ₹3,000 अंतरित होंगे।
1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि पहले ही भेजी जा चुकी है।
PM नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल संबोधन में लाभार्थियों को 'कट मनी' या 'कमीशन' से बचने की चेतावनी दी।
सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों की जाँच के लिए आयोग के गठन की भी जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बनने वाले सभी घरों का रजिस्ट्रेशन अब परिवार की महिला सदस्यों के नाम पर किया जाएगा। यह निर्णय कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में आयोजित 'अन्नपूर्णा दिवस' कार्यक्रम में लिया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित हुआ।

मुख्य घोषणा: महिलाएँ बनेंगी घर की मालकिन

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि राज्य में 50 लाख से अधिक नए घर बनाने की सूची तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा, "ये घर परिवारों की महिला सदस्यों के नाम पर रजिस्टर किए जाएंगे। इन सभी घरों की मालकिन महिलाएँ होंगी। एग्रीमेंट भी उनके नाम पर ही होंगे। हम PMAY स्कीम के तहत महिलाओं को घरों का मालिक बनाएंगे।" उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त जारी

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में पहले ही धनराशि अंतरित की जा चुकी है और शेष पात्र आवेदकों के खातों में भी उसी दिन के भीतर पैसे पहुँचने की व्यवस्था की गई। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के खाते में प्रतिमाह ₹3,000 अंतरित किए जाएंगे।

महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर

अधिकारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक भत्ता देना नहीं, बल्कि महिलाओं का समग्र विकास और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इन चार महीनों में सबसे पहले महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचारों की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बाल विवाह और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के गर्भधारण की घटनाओं पर कड़ाई से अंकुश लगा रही है।

PM मोदी ने वर्चुअल संबोधन में 'कट मनी' पर चेतावनी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने लाभार्थियों को आश्वस्त किया कि बैंक खाते में धनराशि पाने के लिए किसी को कोई 'कमीशन' या 'कट मनी' देने की आवश्यकता नहीं है। मोदी ने कहा, "4 मई को पश्चिम बंगाल में जो बदलाव आया, उसमें राज्य की माताओं और बहनों ने अहम भूमिका निभाई। इसलिए इस राज्य में नई BJP सरकार की 'पहली परीक्षा' महिलाओं का विकास थी। हमारा मंत्र है — कम बात करना और ज़्यादा काम करना।"

आम महिलाओं पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की नई BJP सरकार महिला केंद्रित नीतियों को अपनी प्राथमिकता के रूप में पेश कर रही है। PMAY के तहत संपत्ति का महिलाओं के नाम पर पंजीकरण न केवल उन्हें कानूनी स्वामित्व देगा, बल्कि उनकी वित्तीय साख और सामाजिक स्थिति को भी मजबूत करेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की PMAY योजना में पहले से ही महिला स्वामित्व को प्रोत्साहित किया जाता है, और अब राज्य स्तर पर इसे अनिवार्य बनाया जा रहा है। आने वाले हफ्तों में इस नीति के क्रियान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी क्रियान्वयन में है — क्या यह सिर्फ रजिस्ट्री का नाम बदलना है, या महिलाओं को वास्तविक निर्णय शक्ति और वित्तीय नियंत्रण भी मिलेगा? केंद्र की PMAY योजना में संयुक्त स्वामित्व की सिफारिश पहले से थी, पर उसे ज़मीन पर लागू करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। इसके साथ ही, ₹3,000 मासिक भत्ते की घोषणा चुनाव पश्चात की राजनीतिक अर्थव्यवस्था को दर्शाती है — यह देखना होगा कि यह योजना दीर्घकालिक आर्थिक स्वावलंबन की नींव रखती है या केवल कल्याण आधारित निर्भरता को बढ़ावा देती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में PMAY घरों का महिलाओं के नाम रजिस्ट्रेशन क्या है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 17 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य में PMAY के तहत बनने वाले 50 लाख से अधिक घर परिवार की महिला सदस्यों के नाम पर रजिस्टर किए जाएंगे। घरों का एग्रीमेंट भी महिलाओं के नाम पर होगा, जिससे उन्हें कानूनी स्वामित्व प्राप्त होगा।
अन्नपूर्णा योजना के तहत महिलाओं को कितना पैसा मिलेगा?
अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में प्रतिमाह ₹3,000 अंतरित किए जाएंगे। 17 सितंबर 2026 को योजना की चौथी किस्त जारी की गई और 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पहले ही धनराशि भेजी जा चुकी थी।
PM मोदी ने अन्नपूर्णा दिवस पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लाभार्थियों को आश्वस्त किया कि उन्हें बैंक खाते में पैसे पाने के लिए कोई 'कमीशन' या 'कट मनी' देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने 4 मई के सत्ता परिवर्तन में महिलाओं की भूमिका को भी रेखांकित किया।
पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
CM अधिकारी ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया है। इसके अलावा बाल विवाह और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के गर्भधारण की घटनाओं पर भी सख्ती से रोक लगाई जा रही है।
PMAY में महिला स्वामित्व का नियम नया क्यों है?
केंद्र सरकार की PMAY योजना में महिला स्वामित्व या संयुक्त स्वामित्व को पहले से प्रोत्साहित किया जाता था, लेकिन यह अनिवार्य नहीं था। पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार ने इसे राज्य स्तर पर अनिवार्य बनाकर सभी 50 लाख से अधिक घरों का रजिस्ट्रेशन केवल महिलाओं के नाम पर करने का निर्णय लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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