बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की अपील — 'पहले मतदान, फिर जलपान', फर्जी पहचान पत्र का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने मतदाताओं से विकास के पक्ष में मतदान करने की अपील की। व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच पटना के बांकीपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मंजलपुर में भी मतदान एक साथ आरंभ हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा बिहार अध्यक्ष संजय सरावगी ने मतदाताओं से सीधी अपील करते हुए कहा, 'पहले मतदान, फिर जलपान। विकास के लिए वोट करें ताकि यह क्षेत्र प्रगति करता रहे और विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे।' उन्होंने भरोसा जताया कि बांकीपुर की जनता विकास के समर्थन में अपना मत देगी।
मतदान से पूर्व चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन ने निर्धारित ईवीएम केंद्रों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया। मतदान दल आवश्यक उपकरण लेकर समय पर अपने-अपने बूथों पर पहुँचे।
फर्जी पहचान पत्र का आरोप
सरावगी ने उपचुनाव के संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर को लिखे भाजपा के पत्र का हवाला देते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया, 'बड़ी संख्या में फर्जी पहचान पत्र बनाकर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पीछे जन सुराज पार्टी का हाथ है। कल रात हमें ऐसे कई मामले मिले।' हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
भाजपा की जीत का दावा
भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने बांकीपुर को महज राजनीतिक मुद्दा मानने से इनकार करते हुए कहा, 'बांकीपुर सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, यह आस्था, विश्वास और दशकों की हमारी प्रतिबद्धता का मामला है। भाजपा को बांकीपुर की जनता से अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जनादेश मिल रहा है।' उन्होंने मतदाताओं के उत्साह को ऐतिहासिक जीत का संकेत बताया।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी
तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। 28 जुलाई को प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद रैलियों, रोड शो और जनसंपर्क कार्यक्रमों के ज़रिये मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की गई थी।
आगे क्या
गौरतलब है कि बांकीपुर, दतिया और मंजलपुर — तीनों सीटों के नतीजे संबंधित राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मतगणना की तारीख की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की जाएगी।