बांकीपुर उपचुनाव: NDA नेताओं का पलटवार, 'प्रशांत किशोर हार मान चुके हैं, इसीलिए कर रहे ड्रामा'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से पहले राजनीतिक तापमान चरम पर पहुँच गया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा पटना पुलिस और जिला प्रशासन पर चुनाव प्रभावित करने के आरोप लगाए जाने के बाद, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने कड़ा जवाब दिया है। NDA नेताओं का कहना है कि किशोर पहले ही अपनी पराजय स्वीकार कर चुके हैं और यह आरोप-प्रत्यारोप महज उसी हताशा का परिणाम है।
मंत्री राम कृपाल यादव का पलटवार
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, 'प्रशांत किशोर पहले ही हार मान चुके हैं, इसीलिए वे नाटक कर रहे हैं। अगर कोई गड़बड़ी हुई थी, तो उन्होंने उसी दिन यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया? बूथ-वार नतीजों से उन्हें पता चला कि वे शुरू से ही पीछे चल रहे थे और उसके बाद ही वे चुनाव आयोग के पास गए।' उन्होंने यह भी कहा कि किशोर को अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए और जनता से माफी माँगकर वापस लौटना चाहिए।
जदयू महासचिव ने भी साधा निशाना
जनता दल (यूनाइटेड) के महासचिव श्याम रजक ने भी प्रशांत किशोर के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'वे अपना ड्रामा करेंगे जो वैसे भी फ्लॉप ही होगा, क्योंकि जनता पहले ही तय कर चुकी है कि NDA, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा की जीत होगी। जनता ने ईवीएम में अपना वोट डाल दिया है।' रजक ने यह भी कहा कि किशोर की आदत रही है कि वे जनता के फैसले पर सवाल उठाते हैं, इसीलिए उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
प्रशांत किशोर के आरोप
इससे पहले, प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर पटना पुलिस और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो-तीन दिनों के दौरान पुलिस ने सत्तारूढ़ दल के साथ मिलकर मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। किशोर ने अपने सात वरिष्ठ साथियों के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिलकर पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के खिलाफ नामजद शिकायत भी सौंपी। उनका आरोप है कि SSP और उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने में भूमिका निभाई।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि बांकीपुर पटना शहर का एक प्रतिष्ठित विधानसभा क्षेत्र है और यह उपचुनाव जन सुराज पार्टी के लिए एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं। NDA की ओर से आई तीखी प्रतिक्रिया यह भी संकेत देती है कि सत्तापक्ष इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत मानता है।
आगे क्या होगा
नतीजे आने के बाद स्पष्ट होगा कि जनता का फैसला किसके पक्ष में है। यदि NDA उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा जीतते हैं, तो किशोर के आरोपों की राजनीतिक प्रासंगिकता सीमित रह जाएगी। वहीं, यदि परिणाम अप्रत्याशित रहा, तो चुनाव आयोग के समक्ष दायर शिकायत केंद्र में आ सकती है।