8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी के बयान पर पूर्व CM बोम्मई की माफी की मांग, बोले — 'देश की जनता सबक सिखाएगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी के बयान पर पूर्व CM बोम्मई की माफी की मांग, बोले — 'देश की जनता सबक सिखाएगी'

सारांश

कर्नाटक के पूर्व CM बसवराज बोम्मई ने राहुल गांधी के PM मोदी और गृह मंत्री शाह पर कथित आपत्तिजनक बयान को 'संवैधानिक पद का अपमान' बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की। यह विवाद भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच राजनीतिक वाक्युद्ध को और तेज़ करता है।

मुख्य बातें

BJP सांसद बसवराज बोम्मई ने 22 मई को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी के बयान की निंदा की।
बोम्मई ने राहुल गांधी के बयान को संवैधानिक पद का अपमान और देश का अपमान करार दिया।
उन्होंने अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण और 'ऑपरेशन सिंदूर' का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं।
बोम्मई का दावा — हाल के चुनावों में पाँच में से चार राज्यों में कांग्रेस का अस्तित्व लगभग समाप्त।
बोम्मई की माफी की मांग: 'ऐसा न करने पर जनता खुद सबक सिखाएगी।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज एस. बोम्मई ने शुक्रवार, 22 मई को कांग्रेस नेता व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। बोम्मई ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इस बयान ने न केवल संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाई, बल्कि पूरे देश का अपमान किया है।

बोम्मई के मुख्य आरोप

बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान बोम्मई ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रधानमंत्री मोदी को संविधान के अनुसार तीन बार प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया है। उन्होंने दावा किया कि विश्व के अनेक नेताओं ने मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की है और भारत के नागरिक उन्हें अपना नेता पाकर गौरवान्वित महसूस करते हैं।

बोम्मई के अनुसार, विपक्ष के नेता का पद एक जिम्मेदार संवैधानिक पद है और ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति को 'निम्न स्तर की टिप्पणी' से परहेज करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को 'संवैधानिक पद का अपमान' करार दिया।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार के कदमों का बचाव

बोम्मई ने केंद्र सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 को रद्द करने से जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद की जड़ों को कमज़ोर करने में मदद मिली। उन्होंने यह भी कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के ज़रिए सरकार ने पाकिस्तान को कथित तौर पर आतंकवादियों को समर्थन देने पर सबक सिखाया। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि देश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया गया है।

कांग्रेस पर चुनावी कमज़ोरी का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोलते हुए दावा किया कि हाल के विधानसभा चुनावों में पाँच में से चार राज्यों में पार्टी का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की इस तरह की विवादित टिप्पणियाँ पार्टी को और अधिक कमज़ोर करेंगी।

माफी की मांग

बोम्मई ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए कहा, 'राहुल गांधी को अपने बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए, ऐसा न करने पर जनता खुद उन्हें सबक सिखाएगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच राजनीतिक दलों के बीच वाक्युद्ध तेज़ हो गया है।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह विवाद संसद के आगामी सत्र से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयान और पलटवार आने वाले चुनावी मौसम की आहट हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे 'आपत्तिजनक' की परिभाषा विवादास्पद बनी हुई है। चुनावी कमज़ोरी के बोम्मई के दावे भी एकतरफा हैं — कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता में वापसी इसका उलट उदाहरण है। असली सवाल यह है कि क्या यह राजनीतिक शोर संसदीय जवाबदेही की जगह ले रहा है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसवराज बोम्मई ने राहुल गांधी से माफी की मांग क्यों की?
बोम्मई ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जो विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद की गरिमा के विरुद्ध है। उन्होंने इसे देश का अपमान बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की।
बोम्मई ने केंद्र सरकार की कौन-सी उपलब्धियाँ गिनाईं?
बोम्मई ने अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण, 'ऑपरेशन सिंदूर' के ज़रिए पाकिस्तान को कथित सबक सिखाने और देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का उल्लेख किया। उन्होंने इन कदमों को PM मोदी के नेतृत्व की उपलब्धि बताया।
बोम्मई ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर क्या कहा?
बोम्मई ने दावा किया कि हाल के विधानसभा चुनावों में पाँच में से चार राज्यों में कांग्रेस का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के विवादित बयान पार्टी को और कमज़ोर करेंगे।
राहुल गांधी के विवादित बयान का क्या असर हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद संसद के आगामी सत्र से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच इस तरह के बयान और पलटवार दलों के बीच वाक्युद्ध को तेज़ करते हैं।
कांग्रेस ने बोम्मई की माफी की मांग पर क्या कहा?
बोम्मई के बयान के समय तक कांग्रेस की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। मामले का राजनीतिक घटनाक्रम जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले