बस्तर बाढ़ से तबाही: राष्ट्रपति मुर्मु के मुरिया दरबार से राहत की आस, फूलो देवी नेताम ने उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर पहुँचेंगी, जहाँ वे बस्तर के ऐतिहासिक एवं परंपरागत मुरिया दरबार में भाग लेंगी। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने कहा कि इस वर्ष बस्तर में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है और आदिवासी समुदाय को राष्ट्रपति के इस दौरे से राहत एवं विकास की गहरी उम्मीद है।
बाढ़ से बस्तर में भारी नुकसान
सांसद नेताम के अनुसार, इस बार बस्तर में अत्यधिक बाढ़ के चलते किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं और अनेक परिवारों को जन-धन की हानि उठानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि बस्तर वन-संपदा से परिपूर्ण क्षेत्र है और यहाँ किसी प्राकृतिक संसाधन की कमी नहीं है — जरूरत केवल सही योजना और राजनीतिक इच्छाशक्ति की है, ताकि इस क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
गौरतलब है कि बाढ़-प्रभावित बस्तर में कृषि नुकसान और आधारभूत ढाँचे की क्षति के आकलन की प्रक्रिया अभी जारी बताई जा रही है।
मुरिया दरबार की परंपरा और प्रशासनिक हस्तक्षेप पर सवाल
नेताम ने मुरिया दरबार के आयोजन पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले इस दरबार में स्थानीय आदिवासी और हर समाज के लोग बिना किसी रोक-टोक के शामिल होते थे। अब उनका आरोप है कि प्रशासनिक दबाव और पास सिस्टम के कारण आम आदिवासियों को इस दरबार से दूर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, 'मुरिया दरबार स्वतंत्र होना चाहिए, जैसा राजशाही के समय हुआ करता था — जब हर व्यक्ति की समस्या सुनी जाती थी और समाधान किया जाता था।' उनके अनुसार, इस पारंपरिक आयोजन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है, जो उचित नहीं है, और सत्ताधारी दल का हस्तक्षेप इसमें नहीं होना चाहिए।
मलेरिया और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी
बस्तर में मलेरिया की गंभीर स्थिति और मच्छरदानी के टेंडर में देरी के मुद्दे पर सांसद नेताम ने कहा कि यह सरकार की बड़ी खामी को उजागर करता है। उनके अनुसार, क्षेत्र के लोगों को जिस स्तर की स्वास्थ्य सेवाएँ मिलनी चाहिए, वे अब तक नहीं मिल पा रही हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बस्तर जैसे दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में महिला सुरक्षा पर आरोप
छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर नेताम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में बालिकाओं के खिलाफ हत्या और बलात्कार जैसे मामलों में कथित तौर पर वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिदिन तीन से चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।
उन्होंने सरकार से माँग की कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि ये आरोप विपक्षी कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
आगे क्या
राष्ट्रपति मुर्मु का जगदलपुर दौरा बस्तर के आदिवासी समुदाय के लिए अपनी माँगें और समस्याएँ सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचाने का एक दुर्लभ अवसर माना जा रहा है। बाढ़ राहत, स्वास्थ्य सुविधाओं और मुरिया दरबार की परंपरागत स्वायत्तता — ये तीनों मुद्दे इस दौरे के केंद्र में रहने की संभावना है।