23 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बस्तर बाढ़ से तबाही: राष्ट्रपति मुर्मु के मुरिया दरबार से राहत की आस, फूलो देवी नेताम ने उठाए सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बस्तर बाढ़ से तबाही: राष्ट्रपति मुर्मु के मुरिया दरबार से राहत की आस, फूलो देवी नेताम ने उठाए सवाल

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जगदलपुर दौरा बस्तर के लिए महज़ एक औपचारिक यात्रा नहीं — यह उस क्षेत्र की आवाज़ है जहाँ इस साल बाढ़ ने फसलें तबाह कीं, मलेरिया के टेंडर अटके हैं और परंपरागत मुरिया दरबार पर राजनीतिक दबाव के आरोप लग रहे हैं।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 24 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार में भाग लेंगी।
कांग्रेस राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने कहा कि इस बार बस्तर में भीषण बाढ़ से किसानों की फसलें बर्बाद हुईं और कई परिवारों को जन-धन की हानि हुई।
नेताम ने आरोप लगाया कि पास सिस्टम और प्रशासनिक दबाव के कारण आम आदिवासियों को मुरिया दरबार से दूर किया जा रहा है।
बस्तर में मलेरिया की समस्या और मच्छरदानी के टेंडर में देरी को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए गए।
नेताम ने BJP सरकार पर आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध के मामले प्रतिदिन तीन से चार की दर से बढ़ रहे हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर पहुँचेंगी, जहाँ वे बस्तर के ऐतिहासिक एवं परंपरागत मुरिया दरबार में भाग लेंगी। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने कहा कि इस वर्ष बस्तर में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है और आदिवासी समुदाय को राष्ट्रपति के इस दौरे से राहत एवं विकास की गहरी उम्मीद है।

बाढ़ से बस्तर में भारी नुकसान

सांसद नेताम के अनुसार, इस बार बस्तर में अत्यधिक बाढ़ के चलते किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं और अनेक परिवारों को जन-धन की हानि उठानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि बस्तर वन-संपदा से परिपूर्ण क्षेत्र है और यहाँ किसी प्राकृतिक संसाधन की कमी नहीं है — जरूरत केवल सही योजना और राजनीतिक इच्छाशक्ति की है, ताकि इस क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

गौरतलब है कि बाढ़-प्रभावित बस्तर में कृषि नुकसान और आधारभूत ढाँचे की क्षति के आकलन की प्रक्रिया अभी जारी बताई जा रही है।

मुरिया दरबार की परंपरा और प्रशासनिक हस्तक्षेप पर सवाल

नेताम ने मुरिया दरबार के आयोजन पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले इस दरबार में स्थानीय आदिवासी और हर समाज के लोग बिना किसी रोक-टोक के शामिल होते थे। अब उनका आरोप है कि प्रशासनिक दबाव और पास सिस्टम के कारण आम आदिवासियों को इस दरबार से दूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, 'मुरिया दरबार स्वतंत्र होना चाहिए, जैसा राजशाही के समय हुआ करता था — जब हर व्यक्ति की समस्या सुनी जाती थी और समाधान किया जाता था।' उनके अनुसार, इस पारंपरिक आयोजन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है, जो उचित नहीं है, और सत्ताधारी दल का हस्तक्षेप इसमें नहीं होना चाहिए।

मलेरिया और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी

बस्तर में मलेरिया की गंभीर स्थिति और मच्छरदानी के टेंडर में देरी के मुद्दे पर सांसद नेताम ने कहा कि यह सरकार की बड़ी खामी को उजागर करता है। उनके अनुसार, क्षेत्र के लोगों को जिस स्तर की स्वास्थ्य सेवाएँ मिलनी चाहिए, वे अब तक नहीं मिल पा रही हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब बस्तर जैसे दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में महिला सुरक्षा पर आरोप

छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर नेताम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में बालिकाओं के खिलाफ हत्या और बलात्कार जैसे मामलों में कथित तौर पर वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिदिन तीन से चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।

उन्होंने सरकार से माँग की कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि ये आरोप विपक्षी कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

आगे क्या

राष्ट्रपति मुर्मु का जगदलपुर दौरा बस्तर के आदिवासी समुदाय के लिए अपनी माँगें और समस्याएँ सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचाने का एक दुर्लभ अवसर माना जा रहा है। बाढ़ राहत, स्वास्थ्य सुविधाओं और मुरिया दरबार की परंपरागत स्वायत्तता — ये तीनों मुद्दे इस दौरे के केंद्र में रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्वास्थ्य ढाँचे की विफलता और परंपरागत संस्थाओं की स्वायत्तता — तीन अलग-अलग संकट टकरा रहे हैं। मुरिया दरबार पर पास सिस्टम का आरोप महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दरबार ऐतिहासिक रूप से आदिवासी शिकायत-निवारण का मंच रहा है — अगर वही मंच राजनीतिक फिल्टर से गुजरे, तो उसकी विश्वसनीयता खतरे में पड़ती है। मलेरिया के टेंडर में देरी छोटा मुद्दा नहीं है — बस्तर में यह बीमारी दशकों से जानलेवा रही है और इसकी अनदेखी राज्य की प्राथमिकताओं पर गहरे सवाल उठाती है। कांग्रेस के आरोपों को सत्यापित करने के लिए सरकारी आँकड़ों की स्वतंत्र पड़ताल ज़रूरी है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरिया दरबार क्या है और इसका महत्व क्यों है?
मुरिया दरबार बस्तर की एक ऐतिहासिक और पारंपरिक सभा है, जिसमें आदिवासी समुदाय के लोग अपनी समस्याएँ और माँगें सीधे उच्च अधिकारियों के समक्ष रख सकते थे। राजशाही काल से चली आ रही इस परंपरा में हर व्यक्ति को बोलने का अधिकार था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जगदलपुर दौरा कब है?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन 24 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर पहुँचेंगी और मुरिया दरबार में शामिल होंगी।
बस्तर में इस बार बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है?
कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम के अनुसार, इस वर्ष बस्तर में भीषण बाढ़ से किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हुई हैं और अनेक परिवारों को जन-धन की हानि हुई है। नुकसान के सटीक सरकारी आँकड़े अभी सामने नहीं आए हैं।
मुरिया दरबार में पास सिस्टम को लेकर क्या आरोप लगाए गए हैं?
सांसद फूलो देवी नेताम ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक दबाव और पास सिस्टम के कारण आम आदिवासियों को मुरिया दरबार में प्रवेश से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस दरबार को पहले की तरह स्वतंत्र और दलगत राजनीति से मुक्त रखा जाना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में महिला सुरक्षा पर नेताम ने क्या कहा?
फूलो देवी नेताम ने आरोप लगाया कि BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद से छत्तीसगढ़ में बालिकाओं के खिलाफ हत्या और बलात्कार जैसे मामले प्रतिदिन तीन से चार की दर से सामने आ रहे हैं। उन्होंने सरकार से कड़ी कार्रवाई की माँग की है, हालाँकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. कल
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले