राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा: बस्तर दशहरा, मुरिया दरबार और ₹200 के सिक्के का विमोचन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय राजकीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुँचीं। रायपुर में उनके आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरे में ऐतिहासिक बस्तर दशहरा, मुरिया दरबार, ₹200 के स्मारक सिक्के का विमोचन तथा सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम में भागीदारी शामिल है।
दौरे का कार्यक्रम
राष्ट्रपति मुर्मु पहले दिन रायपुर में विभिन्न सरकारी आयोजनों में शिरकत करेंगी, जिनमें ₹200 मूल्य के स्मारक सिक्के का विमोचन, सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम प्रमुख हैं। शुक्रवार, 24 अक्टूबर को वे बस्तर की यात्रा करेंगी, जहाँ मुरिया दरबार में भाग लेने के साथ-साथ एक जनसभा को भी संबोधित करेंगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, 'छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से राष्ट्रपति का हार्दिक अभिनंदन है। उनकी उपस्थिति से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी।'
बस्तर दौरे का विशेष महत्त्व
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रपति के बस्तर दौरे को 'अभूतपूर्व अवसर' बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर का दूरस्थ क्षेत्र हाल ही में नक्सलवाद से मुक्त हुआ है और इस पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति की यात्रा वहाँ के लोगों के लिए विशेष ऐतिहासिक महत्त्व रखती है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों में तेज़ी लाने के प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि बस्तर दशहरा देश के सबसे पुराने और विशिष्ट आदिवासी उत्सवों में से एक है, जो लगभग 75 दिनों तक चलता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस के नेताओं द्वारा राष्ट्रपति के दौरे पर की गई टिप्पणियों को अनुचित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला, जबकि अब बस्तर विकास के पथ पर अग्रसर है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के तहत क्षेत्र में बदलाव का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष इस परिवर्तन को स्वीकार करने में असहज है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर बयान
मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के महिला आरक्षण संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और बदलते विकास के क्षेत्रों को देखते हुए संसदीय सीटों की संख्या में वृद्धि आवश्यक है ताकि व्यापकतम प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। उन्होंने खड़गे को सुझाव दिया कि जब यह विधेयक संसद में पेश हो, तो वे सदन के भीतर चर्चा में भाग लें।
आगे की राह
राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। बस्तर में उनकी जनसभा को क्षेत्र के विकास और पुनर्निर्माण के प्रयासों को बल देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार इस दौरे को 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को मज़बूती देने के अवसर के रूप में प्रस्तुत कर रही है।