22 अक्टूबर 2026
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा: बस्तर दशहरा, मुरिया दरबार और ₹200 के सिक्के का विमोचन

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा: बस्तर दशहरा, मुरिया दरबार और ₹200 के सिक्के का विमोचन

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा महज़ एक राजकीय यात्रा नहीं — यह नक्सलवाद से उबरते बस्तर को राष्ट्रीय स्वीकृति की मुहर है। ऐतिहासिक मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की उपस्थिति और जनसभा का संदेश स्पष्ट है: बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुँचीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत किया।
राष्ट्रपति ₹200 के स्मारक सिक्के का विमोचन करेंगी और सेवा सम्मान पर्व तथा युवा प्रबोधन कार्यक्रम में भाग लेंगी।
शुक्रवार को बस्तर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शिरकत और जनसभा को संबोधन निर्धारित।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बस्तर को 'नक्सलवाद से मुक्त' बताते हुए दौरे को 'अभूतपूर्व अवसर' कहा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय राजकीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुँचीं। रायपुर में उनके आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरे में ऐतिहासिक बस्तर दशहरा, मुरिया दरबार, ₹200 के स्मारक सिक्के का विमोचन तथा सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम में भागीदारी शामिल है।

दौरे का कार्यक्रम

राष्ट्रपति मुर्मु पहले दिन रायपुर में विभिन्न सरकारी आयोजनों में शिरकत करेंगी, जिनमें ₹200 मूल्य के स्मारक सिक्के का विमोचन, सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम प्रमुख हैं। शुक्रवार, 24 अक्टूबर को वे बस्तर की यात्रा करेंगी, जहाँ मुरिया दरबार में भाग लेने के साथ-साथ एक जनसभा को भी संबोधित करेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा, 'छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से राष्ट्रपति का हार्दिक अभिनंदन है। उनकी उपस्थिति से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी।'

बस्तर दौरे का विशेष महत्त्व

छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रपति के बस्तर दौरे को 'अभूतपूर्व अवसर' बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर का दूरस्थ क्षेत्र हाल ही में नक्सलवाद से मुक्त हुआ है और इस पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति की यात्रा वहाँ के लोगों के लिए विशेष ऐतिहासिक महत्त्व रखती है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों में तेज़ी लाने के प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि बस्तर दशहरा देश के सबसे पुराने और विशिष्ट आदिवासी उत्सवों में से एक है, जो लगभग 75 दिनों तक चलता है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस के नेताओं द्वारा राष्ट्रपति के दौरे पर की गई टिप्पणियों को अनुचित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला, जबकि अब बस्तर विकास के पथ पर अग्रसर है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के तहत क्षेत्र में बदलाव का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष इस परिवर्तन को स्वीकार करने में असहज है।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर बयान

मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के महिला आरक्षण संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और बदलते विकास के क्षेत्रों को देखते हुए संसदीय सीटों की संख्या में वृद्धि आवश्यक है ताकि व्यापकतम प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। उन्होंने खड़गे को सुझाव दिया कि जब यह विधेयक संसद में पेश हो, तो वे सदन के भीतर चर्चा में भाग लें।

आगे की राह

राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। बस्तर में उनकी जनसभा को क्षेत्र के विकास और पुनर्निर्माण के प्रयासों को बल देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार इस दौरे को 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को मज़बूती देने के अवसर के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली कसौटी यह है कि क्या राजकीय यात्राएँ और प्रतीकात्मक आयोजन बस्तर के दीर्घकालिक विकास की ठोस ज़मीन तैयार कर पाते हैं। जायसवाल का नक्सलवाद और कांग्रेस को जोड़ने वाला बयान राज्य की राजनीतिक दिशा दर्शाता है, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी सुर्खियों से आगे जाकर बस्तर में टिकाऊ रोज़गार, स्वास्थ्य और शिक्षा सुनिश्चित करने में होगी।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ दौरे का उद्देश्य क्या है?
राष्ट्रपति मुर्मु 22-23 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आई हैं। इस दौरान वे ₹200 के स्मारक सिक्के का विमोचन, सेवा सम्मान पर्व, युवा प्रबोधन कार्यक्रम और बस्तर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार तथा जनसभा में भाग लेंगी।
बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार क्या है?
बस्तर दशहरा देश के सबसे प्राचीन जनजातीय उत्सवों में से एक है जो लगभग 75 दिनों तक चलता है। मुरिया दरबार इसी उत्सव का एक महत्त्वपूर्ण आयोजन है जिसमें आदिवासी जनसमूह भाग लेते हैं और राष्ट्रपति की उपस्थिति इसे विशेष ऐतिहासिक महत्त्व देती है।
राष्ट्रपति के दौरे पर राजनीतिक विवाद क्यों है?
छत्तीसगढ़ के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अनुसार कांग्रेस ने राष्ट्रपति के दौरे पर अनुचित टिप्पणियाँ कीं। सरकार का कहना है कि कांग्रेस के कार्यकाल में नक्सलवाद पनपा, जबकि अब बस्तर विकास की ओर बढ़ रहा है, और इसीलिए विपक्ष इस परिवर्तन से असहज है।
₹200 के सिक्के का विमोचन किस अवसर पर होगा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने रायपुर प्रवास के दौरान ₹200 मूल्य के स्मारक सिक्के का विमोचन करेंगी। यह आयोजन 22 अक्टूबर 2026 को रायपुर में होने वाले राजकीय कार्यक्रमों का हिस्सा है।
छत्तीसगढ़ के लिए इस दौरे का क्या महत्त्व है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार राष्ट्रपति की उपस्थिति छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता के लिए गर्व का क्षण है और 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को नई ऊर्जा देगी। विशेष रूप से नक्सल-प्रभावित बस्तर क्षेत्र के लिए यह दौरा विकास की मुख्यधारा में आने का प्रतीक माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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