क्या बठिंडा में टारगेट किलिंग का प्रयास विफल हुआ? डल्ला गैंग के तीन आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- बठिंडा पुलिस ने टारगेट किलिंग को विफल किया।
- गिरफ्तार आरोपियों के पास अवैध हथियार थे।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर कार्रवाई।
- पुलिस ने आपसी दुश्मनी के कारणों की जांच शुरू की।
- सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास।
चंडीगढ़/बठिंडा, ६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशन में पंजाब को एक सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत, बठिंडा पुलिस के सहयोग से काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) बठिंडा ने अर्श डल्ला गिरोह से संबंधित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है, जिससे एक टारगेट किलिंग को टाल दिया गया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने मंगलवार को जानकारी दी कि आरोपियों के पास से चार अवैध पिस्तौल, चार मैगजीन और २६ जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बठिंडा के गिल पट्टी निवासी कुलदीप सिंह, गुरविंदर सिंह (बठिंडा के कोटशमीर निवासी) और गगनदीप सिंह (बठिंडा के भोखरा गांव निवासी) के रूप में हुई है। बरामद की गई पिस्तौलों में एक ग्लॉक, एक जिगाना, एक पॉइंट 30 बोर की पिस्तौल और एक पॉइंट 32 बोर की पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा, बिना पंजीकरण नंबर वाली एक हुंडई वरना कार भी जब्त की गई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी एक टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक, कुलदीप सिंह, हाल ही में कनाडा से बठिंडा लौटा था, जिसका उद्देश्य इसी योजनाबद्ध गोलीबारी को अंजाम देना था।
बठिंडा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अमनीत कोंडल ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने गिरोहों के बीच चल रही आपसी दुश्मनी में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बठिंडा के थर्मल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की आगे की जांच जारी है।
ऑपरेशनल विवरण साझा करते हुए एआईजी सीआई बठिंडा अवनीत कौर सिद्धू ने कहा कि सीआई बठिंडा को विश्वसनीय स्रोतों से सूचना मिली थी कि अर्श डल्ला गिरोह से जुड़े निशानेबाजों के पास अवैध हथियार हैं और उन्होंने लक्षित हत्या को अंजाम देने की साजिश रची है। सूचना मिलते ही, सीआई बठिंडा की एक टीम ने जिला पुलिस बठिंडा के साथ मिलकर गोनियाना रोड पर सुचा सिंह नगर के पास नाका लगाया और आरोपियों को पकड़ लिया।