20 अक्टूबर 2026
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यूपी में बाजारों की रौनक सरकार की नीतियों का सबूत, सपा को खुशहाली नहीं सुहाती: अनिल राजभर

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यूपी में बाजारों की रौनक सरकार की नीतियों का सबूत, सपा को खुशहाली नहीं सुहाती: अनिल राजभर

सारांश

योगी सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश यादव के महंगाई बयान को सिरे से खारिज करते हुए त्योहारी बाजारों की भीड़ को सरकार की उपलब्धि बताया — और आरोप लगाया कि सपा यूपी की खुशहाली पचा नहीं पा रही।

मुख्य बातें

अनिल राजभर ने 20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में त्योहारी बाजारों की भीड़ को योगी सरकार की नीतियों और रोजगार सृजन का प्रमाण बताया।
राजभर ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वे युवाओं को गुमराह करने और देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सपा के आदर्श अब AISA और कम्युनिस्ट दल बन गए हैं।
राजभर ने PM मोदी की दशहरे पर एकता की अपील का समर्थन किया और कहा कि सामूहिक प्रयास से भारत 2047 से पहले विकसित राष्ट्र बन सकता है।
लखनऊ शिव शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस का बचाव किया।

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में त्योहारी सीजन में बाजारों की भीड़ को सरकार की नीतियों और रोजगार सृजन का प्रमाण बताते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के महंगाई संबंधी बयान पर कड़ा पलटवार किया। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव देश में अशांति फैलाने और युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

बाजारों की भीड़ को बताया विकास का प्रमाण

अनिल राजभर ने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में उमड़ रही भीड़ को देखकर जनता खुद ही हालात का आकलन कर सकती है। उनके अनुसार, 'गरीब से गरीब व्यक्ति भी त्योहारों पर खरीदारी कर रहा है' और उत्साह के साथ पर्व मना रहा है। राजभर ने दावा किया कि सपा शासनकाल में त्योहारों के दौरान बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता था, जबकि आज स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों के चलते बड़ी संख्या में परिवार गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

अखिलेश यादव पर सीधा निशाना

राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता की खुशहाली सपा को नहीं सुहाती। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि यदि उन्हें प्रदेश की प्रगति दिखाई नहीं दे रही, तो उन्हें अपनी दृष्टि सुधारने की जरूरत है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सपा के बीच राजनीतिक तनातनी चरम पर है।

फ्रांस आंदोलन और कम्युनिस्ट संदर्भ पर आरोप

फ्रांस में चल रहे आंदोलन पर अखिलेश यादव के बयान का जवाब देते हुए राजभर ने कहा कि सपा के आदर्श अब AISA और कम्युनिस्ट दल बन गए हैं। उन्होंने सपा के कम्युनिस्ट दलों के साथ चुनाव लड़ने का भी उल्लेख किया। राजभर ने कहा कि NSUI, कम्युनिस्ट दलों और सपा के कुछ नेता युवाओं को गुमराह करने तथा देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद खत्म करने का काम किया है।

दशहरे पर मोदी की एकता अपील का समर्थन

दशहरे पर प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से एकजुट होने की अपील का समर्थन करते हुए राजभर ने कहा कि देश के निर्माण में भागीदारी का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यदि पूरा देश सामूहिक प्रयास करे, तो भारत 2047 से भी पहले विकसित राष्ट्र बन सकता है। उनके अनुसार, भारत की बढ़ती ताकत से असहज कुछ तत्व फ्रांस, बांग्लादेश और नेपाल की अशांति का हवाला देकर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश में हैं।

शिव शर्मा हत्याकांड पर यूपी पुलिस का बचाव

लखनऊ के चर्चित शिव शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर राजभर ने उत्तर प्रदेश पुलिस का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस पर सवाल उठाना उचित नहीं है, क्योंकि राज्य पुलिस ने कई बार जीरो टॉलरेंस की नीति को जमीन पर उतारकर दिखाया है और अंततः मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी भी हो गई। गौरतलब है कि यह मामला हाल के हफ्तों में लखनऊ में काफी चर्चा में रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे न तो खारिज करना आसान है और न ही बिना पड़ताल के स्वीकार। बाजारों में भीड़ महंगाई और त्योहारी खर्च — दोनों का परिणाम हो सकती है, इसलिए इसे एकतरफा 'समृद्धि के प्रमाण' के रूप में पेश करना अधूरा विश्लेषण है। दूसरी तरफ, फ्रांस और बांग्लादेश के आंदोलनों को देश में अशांति फैलाने की साजिश से जोड़ना एक ऐसा आख्यान है जो आलोचना को देशद्रोह के करीब रखता है — यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक विमर्श के लिए चिंताजनक है। शिव शर्मा हत्याकांड में पुलिस का बचाव करते हुए राजभर ने जवाबदेही के सवाल को दरकिनार किया, जो जीरो टॉलरेंस के दावों की असली परीक्षा है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनिल राजभर ने अखिलेश यादव के किस बयान पर पलटवार किया?
अनिल राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के महंगाई और बाजारों की खराब स्थिति संबंधी बयान पर पलटवार किया। राजभर ने कहा कि त्योहारी सीजन में बाजारों की भीड़ खुद साबित करती है कि जनता खुशहाल है और सरकार की नीतियाँ काम कर रही हैं।
राजभर ने सपा पर कम्युनिस्ट संबंध का आरोप क्यों लगाया?
फ्रांस के आंदोलन पर अखिलेश यादव की टिप्पणी के जवाब में राजभर ने कहा कि सपा के आदर्श अब AISA और कम्युनिस्ट दल बन गए हैं। उन्होंने सपा के कम्युनिस्ट दलों के साथ चुनाव लड़ने का भी हवाला दिया।
राजभर ने 2047 से पहले विकसित भारत का लक्ष्य कैसे रखा?
राजभर ने कहा कि यदि पूरा देश सामूहिक प्रयास करे और हर नागरिक अपनी भूमिका निभाए, तो भारत 2047 से भी पहले विकसित राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने PM मोदी की दशहरे पर एकता की अपील का समर्थन करते हुए यह बात कही।
लखनऊ शिव शर्मा हत्याकांड पर राजभर का क्या रुख था?
राजभर ने उत्तर प्रदेश पुलिस का बचाव किया और कहा कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर सवाल उठाना उचित नहीं है और राज्य पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति को जमीन पर उतारकर दिखाया है।
अनिल राजभर कौन हैं और वे किस सरकार में मंत्री हैं?
अनिल राजभर उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं और पूर्वांचल की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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