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उत्तर बंगाल में 1.17 लाख किलो सुपारी जब्त, फलकाटा पुलिस ने तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया

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उत्तर बंगाल में 1.17 लाख किलो सुपारी जब्त, फलकाटा पुलिस ने तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया

सारांश

उत्तर बंगाल में 1.17 लाख किलो से अधिक विदेशी मूल की संदिग्ध सुपारी जब्त — फलकाटा पुलिस की यह कार्रवाई उस क्षेत्र में हुई जो म्यांमार सीमा से आने वाली तस्करी का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे 'जीरो टॉलरेंस' नीति की जीत बताया।

मुख्य बातें

फलकाटा पुलिस ने अलीपुरद्वार जिले में छापेमारी कर 1,17,200 किलो संदिग्ध सुपारी जब्त की।
बरामद सुपारी का बड़ा हिस्सा विदेशी मूल का बताया जा रहा है।
बापन साहा और सुजन बर्मन नाम के दो संदिग्धों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्रवाई को राज्य की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया।
इससे पहले ED भी दार्जिलिंग और कूचबिहार में छापे मार भारत-म्यांमार सीमा से होने वाली तस्करी का भंडाफोड़ कर चुकी है।

पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में फलकाटा पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को एक बड़े अवैध सुपारी तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ सफल कार्रवाई करते हुए 1,17,200 किलोग्राम संदिग्ध सुपारी जब्त की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद सुपारी का एक बड़ा हिस्सा विदेशी मूल का प्रतीत होता है। इस कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे राज्य की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया।

मुख्य घटनाक्रम

विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर अलीपुरद्वार जिला पुलिस के अंतर्गत फलकाटा पुलिस ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान के दौरान कुल 1,17,200 किलो सुपारी ज़ब्त की गई। मौके से बापन साहा और सुजन बर्मन नाम के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों आरोपियों की न्यायिक रिमांड की माँग की जाएगी। नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अलीपुरद्वार जिला पुलिस की सतर्कता और सक्रियता की तारीफ की। उन्होंने लिखा, 'विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर, अलीपुरद्वार जिला पुलिस के अंतर्गत फलकाटा पुलिस ने एक बड़ी अवैध सुपारी तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ सफल कार्रवाई की है।'

अधिकारी ने कहा, 'असामाजिक या गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने इस कार्रवाई को राज्य में हर तरह के अवैध व्यापार, तस्करी और संगठित गिरोहों के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

उत्तर बंगाल में तस्करी का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि कुछ समय से उत्तर बंगाल विदेशी सुपारी की तस्करी का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी भी उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कूचबिहार जिलों में छापेमारी कर चुके हैं। उस अभियान में भारत-म्यांमार सीमा के रास्ते भारत में विदेशी सुपारी की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ था।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय और राज्य एजेंसियाँ उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली तस्करी पर नकेल कसने की कोशिश में हैं। विश्लेषकों के अनुसार, सुपारी की तस्करी केवल राजस्व हानि का मामला नहीं है — यह अक्सर अन्य संगठित अपराध नेटवर्क से भी जुड़ी होती है।

आगे क्या होगा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं। अलीपुरद्वार जिला पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के लिए सक्रिय रूप से छापेमारी जारी रखे हुए है। जब्त सुपारी की उत्पत्ति और तस्करी के मार्ग की जाँच भी की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकेत देता है कि यह एक व्यवस्थित सीमापार आपूर्ति श्रृंखला है। सवाल यह है कि महीनों की केंद्रीय जाँच के बाद भी राज्य पुलिस को अब सक्रिय होना पड़ा — यह समन्वय की कमी को उजागर करता है। मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' घोषणा तब तक अधूरी है जब तक गिरफ्तार दोनों संदिग्धों से आगे पूरे सिंडिकेट तक पहुँचने का सत्यापन योग्य रिकॉर्ड सामने न आए।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर बंगाल में सुपारी तस्करी सिंडिकेट भंडाफोड़ क्या है?
3 नवंबर 2026 को अलीपुरद्वार जिले की फलकाटा पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर 1,17,200 किलो संदिग्ध सुपारी जब्त की और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। बरामद सुपारी का एक बड़ा हिस्सा विदेशी मूल का बताया जा रहा है।
इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मौके से बापन साहा और सुजन बर्मन नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस उनकी न्यायिक रिमांड की माँग करेगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए अलीपुरद्वार जिला पुलिस की सतर्कता की तारीफ की और कहा कि असामाजिक या गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इसे राज्य की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया।
उत्तर बंगाल में सुपारी तस्करी इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
उत्तर बंगाल भारत-म्यांमार सीमा से सटा होने के कारण विदेशी सुपारी की तस्करी का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले भी दार्जिलिंग और कूचबिहार में छापे मारकर इस मार्ग से होने वाली तस्करी का भंडाफोड़ कर चुकी है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए लगातार छापेमारी जारी रखे हुए है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे सिंडिकेट और आपूर्ति मार्ग का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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