उत्तर बंगाल में 1.17 लाख किलो सुपारी जब्त, फलकाटा पुलिस ने तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में फलकाटा पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को एक बड़े अवैध सुपारी तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ सफल कार्रवाई करते हुए 1,17,200 किलोग्राम संदिग्ध सुपारी जब्त की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद सुपारी का एक बड़ा हिस्सा विदेशी मूल का प्रतीत होता है। इस कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे राज्य की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया।
मुख्य घटनाक्रम
विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर अलीपुरद्वार जिला पुलिस के अंतर्गत फलकाटा पुलिस ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान के दौरान कुल 1,17,200 किलो सुपारी ज़ब्त की गई। मौके से बापन साहा और सुजन बर्मन नाम के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों आरोपियों की न्यायिक रिमांड की माँग की जाएगी। नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अलीपुरद्वार जिला पुलिस की सतर्कता और सक्रियता की तारीफ की। उन्होंने लिखा, 'विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर, अलीपुरद्वार जिला पुलिस के अंतर्गत फलकाटा पुलिस ने एक बड़ी अवैध सुपारी तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ सफल कार्रवाई की है।'
अधिकारी ने कहा, 'असामाजिक या गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने इस कार्रवाई को राज्य में हर तरह के अवैध व्यापार, तस्करी और संगठित गिरोहों के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
उत्तर बंगाल में तस्करी का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि कुछ समय से उत्तर बंगाल विदेशी सुपारी की तस्करी का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी भी उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कूचबिहार जिलों में छापेमारी कर चुके हैं। उस अभियान में भारत-म्यांमार सीमा के रास्ते भारत में विदेशी सुपारी की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ था।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय और राज्य एजेंसियाँ उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली तस्करी पर नकेल कसने की कोशिश में हैं। विश्लेषकों के अनुसार, सुपारी की तस्करी केवल राजस्व हानि का मामला नहीं है — यह अक्सर अन्य संगठित अपराध नेटवर्क से भी जुड़ी होती है।
आगे क्या होगा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं। अलीपुरद्वार जिला पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के लिए सक्रिय रूप से छापेमारी जारी रखे हुए है। जब्त सुपारी की उत्पत्ति और तस्करी के मार्ग की जाँच भी की जा रही है।