एयर इंडिया फ्लाइट AI 1834 लेट: हनुमान बेनीवाल ने मोदी सरकार को घेरा, बोले- जवाबदेही से मुंह नहीं मोड़ सकते
सारांश
मुख्य बातें
नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने 27 जुलाई को एयर इंडिया की जयपुर-दिल्ली फ्लाइट एआई 1834 के निर्धारित समय से करीब 1 घंटे 20 मिनट देरी से उड़ान भरने पर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश की विमानन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिससे वह लगातार मुंह मोड़ रही है।
मुख्य घटनाक्रम
फ्लाइट एआई 1834 का जयपुर से प्रस्थान का निर्धारित समय सुबह 8:50 बजे था, लेकिन विमान ने लगभग 10:10 बजे उड़ान भरी। बेनीवाल के अनुसार उन्हें लोकसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुबह 11 बजे तक दिल्ली पहुँचकर विपक्षी सांसदों के साथ संसदीय रणनीति पर विशेष चर्चा करनी थी। देरी के कारण यह बैठक प्रभावित हुई।
बेनीवाल का एक्स पर आक्रोश
सांसद बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, 'आज सुबह 11 बजे संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही प्रारम्भ होने से पहले मुझे जयपुर से दिल्ली पहुँचकर विपक्ष के साथी सांसदों के साथ संसदीय कार्यवाही को लेकर विशेष चर्चा करनी थी, लेकिन एयर इंडिया की जयपुर-दिल्ली की उड़ान संख्या एआई 1834 निर्धारित समय के बाद अभी दिल्ली से ही जयपुर के लिए उड़ान नहीं भर पाई है।' उन्होंने आगे कहा, 'देश में आए दिन उड़ानों के विलंब और अव्यवस्था से लाखों यात्री परेशान हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागर विमानन मंत्री इस गंभीर समस्या पर मौन हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार का एयरलाइंस के संचालन और समयबद्धता पर कोई प्रभावी नियंत्रण ही नहीं बचा है।'
सरकार पर जवाबदेही का सवाल
बेनीवाल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यात्रियों के समय का सम्मान करना और विमानन क्षेत्र में अनुशासन सुनिश्चित करना केंद्र की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि सरकार न तो एयर इंडिया की जवाबदेही तय करती है और न ही सुधार के ठोस प्रयास करती है। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू विमानन क्षेत्र में उड़ान विलंब की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
एयर इंडिया की सफाई
एयर इंडिया ने बेनीवाल की एक्स पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा, 'बेनीवाल, हम आपकी चिंता समझते हैं। आने वाले विमान के देर से पहुँचने के कारण फ्लाइट एआई 1834 में देरी हुई है। असुविधा के लिए हमें खेद है।' एयरलाइन ने देरी का कारण 'इनकमिंग एयरक्राफ्ट की देरी' बताया, जो विमानन उद्योग में एक सामान्य परिचालन कारण माना जाता है।
आम यात्रियों पर असर
गौरतलब है कि उड़ान विलंब की समस्या केवल सांसदों तक सीमित नहीं है — लाखों आम यात्री रोज़ाना इस समस्या से जूझते हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आँकड़ों के अनुसार, घरेलू एयरलाइनों की समयपालन दर में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियामकीय सख्ती और पारदर्शी मुआवजा प्रणाली के बिना यात्रियों की परेशानी कम नहीं होगी। यह घटना एक बार फिर घरेलू विमानन क्षेत्र में जवाबदेही और यात्री अधिकारों की बहस को केंद्र में ले आई है।