भागीरथपुरा जांच रिपोर्ट राजनीतिक दबाव में तैयार, दोषी बचाए गए: सज्जन सिंह वर्मा का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने 2 अक्टूबर 2026 को इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले की जांच रिपोर्ट पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव के राजनीतिक दबाव में तैयार की गई और वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश की गई है। वर्मा ने माँग की कि क्षेत्र के विधायक, संबंधित विभाग के मंत्री और स्थानीय पार्षद समेत उन सभी की जवाबदेही तय हो, जिन्हें इलाके की जल-संकट समस्या की जानकारी थी।
मुख्य घटनाक्रम
वर्मा के अनुसार, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में एक और महिला की मौत हुई, जो लंबे समय से अस्पताल में भर्ती थीं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में केवल एक-दो अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया है।
गौरतलब है कि इलाके में पानी की समस्या के समाधान के लिए योजना बनाई गई थी, मंजूरी की प्रक्रिया चली, लेकिन मामला लंबे समय तक अटका रहा। वर्मा ने कहा कि इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सरकार पर आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि भागीरथपुरा की यह त्रासदी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की घोर विफलता को उजागर करती है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री स्तर पर दबाव बनाकर जांच की दिशा को मोड़ा गया, ताकि राजनीतिक रूप से संवेदनशील नामों को रिपोर्ट से बाहर रखा जा सके।
वर्मा ने माँग की कि मौतों के वास्तविक कारणों और प्रशासनिक लापरवाही की स्वतंत्र जांच कराई जाए और सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
राहुल गांधी के दौरों का राजनीतिक संदर्भ
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बालाघाट दौरे और मध्य प्रदेश में उनके लगातार दौरों के राजनीतिक प्रभाव पर पूछे गए सवाल पर वर्मा ने कहा कि इन दौरों का उद्देश्य राजनीतिक प्रभाव नहीं, बल्कि प्रदेश की जमीनी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से देखना है। उनके अनुसार, जब राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता प्रदेश में आकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, तो शासन और प्रशासन भी अधिक सतर्क होता है।
वर्मा ने बालाघाट में छात्रों से जुड़े मुद्दों और कुपोषण से बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इन गंभीर समस्याओं को लेकर पर्याप्त रूप से सजग नहीं है।
चुनाव आयोग पर विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के विरोध पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार की उस टिप्पणी पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष चुनाव हारने पर अंपायर को दोष देता है, वर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल केवल विपक्षी दल नहीं उठा रहे — चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की ओर से भी फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की शिकायतों पर ज्ञानेश कुमार द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि विपक्ष की चिंताओं को केवल चुनावी हार से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब इंदौर के भागीरथपुरा मामले को लेकर राज्य स्तर पर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। कांग्रेस की माँग है कि उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। देखना यह होगा कि मध्य प्रदेश सरकार इन आरोपों का जवाब कब और किस रूप में देती है।