गढ़चिरौली बाढ़: भामरागढ़ से 3 गंभीर मरीजों को हेलीकॉप्टर से हेडरी अस्पताल पहुंचाया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की भामरागढ़ तहसील में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण सड़क संपर्क टूट जाने से तीन गंभीर रूप से बीमार मरीजों को 27 सितंबर 2026 को हेलीकॉप्टर के ज़रिए हेडरी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया। जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के निर्देश पर चलाए गए इस आपातकालीन चिकित्सा अभियान ने बाढ़ प्रभावित दुर्गम इलाके में जीवन-रक्षा की मिसाल पेश की।
मुख्य घटनाक्रम
अतिवृष्टि और बाढ़ की वजह से भामरागढ़ तहसील के कई दूरस्थ गाँवों का सड़क मार्ग से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया। इन हालात में गंभीर मरीजों को सामान्य रास्ते से किसी बड़े अस्पताल तक पहुंचाना असंभव हो गया था। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए तत्काल लॉयड्स मेटल्स कंपनी के हेलीकॉप्टर को उपलब्ध कराया और राहत अभियान शुरू किया।
मरीजों का विवरण
बिनागुंडा गाँव की 7 वर्षीया संगीता चुक्कू उसेंडी को एक दिन पहले लाहेरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। उसकी तबीयत गंभीर बनी रहने पर रविवार को उसे लाहेरी से हेलीकॉप्टर द्वारा हेडरी ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
इसी क्रम में अपेक्षा ऋषी आलाम और रोशन चिना मडावी नामक दो अन्य मरीजों को भी गंभीर स्थिति के मद्देनज़र हेडरी स्थानांतरित किया गया। जानकारी के अनुसार, इन मरीजों में एक सिकलसेल रोग से पीड़ित मरीज भी शामिल थे, जिनके लिए समय पर विशेष चिकित्सा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक था।
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
पूरे अभियान के दौरान आदिवासी विकास परियोजना के परियोजना अधिकारी अमर राऊत और भामरागढ़ के तहसीलदार किशोर बागडे ने आवश्यक समन्वय और व्यवस्था सुनिश्चित की। मरीजों के साथ निर्मला आलाम और चिना कुडयामी भी मौजूद रहे। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे विदर्भ क्षेत्र में मानसूनी बाढ़ से सामान्य जनजीवन प्रभावित है।
आम जनता पर असर
भामरागढ़ जैसे आदिवासी बहुल और भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्र में बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का संकट गहरा जाता है। सिकलसेल जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर अस्पताल पहुंचना जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन जाता है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र वर्ष-दर-वर्ष बाढ़ से कटता है और हर मानसून में चिकित्सा आपात स्थितियाँ सामने आती हैं।
क्या होगा आगे
तीनों मरीजों का हेडरी में उपचार जारी है। प्रशासन के अनुसार, बाढ़ की स्थिति में सुधार होने तक आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था बनाए रखने पर विचार किया जा रहा है। यह घटना गढ़चिरौली जैसे दूरस्थ जिलों में स्थायी हवाई चिकित्सा सेवा की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।