गढ़चिरौली के भामरागढ़ में बाढ़ का संकट: 525 नागरिक सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के दुर्गम भामरागढ़ क्षेत्र में 26 सितंबर 2026 को बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए, जब पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में हुई मूसलाधार बारिश का सीधा असर यहाँ की नदियों और नालों पर पड़ा। जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 525 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। यह बचाव अभियान शुक्रवार दोपहर से शुरू होकर देर रात तक जारी रहा।
मुख्य घटनाक्रम
लगातार बारिश के कारण भामरागढ़ क्षेत्र की नदियाँ और नाले उफान पर आ गए, जिससे निचले और नदी किनारे के इलाकों में पानी भर गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के मार्गदर्शन में और तहसीलदार किशोर बागड़े के नेतृत्व में प्रशासनिक दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे। नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 525 लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुँचाया गया। प्रशासन की टीमें अभी भी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
एनडीआरएफ की भूमिका — बीमार छात्रा को बचाया
बाढ़ के बीच बिनागोंडा आश्रमशाला में पढ़ने वाली एक बीमार छात्रा को अस्पताल तक पहुँचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम की मदद से छात्रा को गुंडेनूर नाला पार कराया गया और उसे सुरक्षित रूप से लाहेरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यह बचाव कार्य इस बात का प्रमाण है कि बाढ़ से प्रभावित दुर्गम इलाकों में भी प्रशासन और NDRF मिलकर समय पर सहायता पहुँचाने में सफल रहे।
स्थिति में सुधार, लेकिन सतर्कता ज़रूरी
अधिकारियों के अनुसार, अब जलस्तर धीरे-धीरे उतरने लगा है और स्थिति में सुधार हो रहा है। हालाँकि, प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से बहते पानी वाले रास्तों पर यात्रा नहीं करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
बीजापुर में भी बाढ़ के हालात, हेल्पलाइन जारी
गढ़चिरौली के अलावा बीजापुर में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। बीजापुर के जिला कलेक्टर विश्वदीप ने कहा, 'पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है और अगले दो दिनों में भी और बारिश होने की संभावना है। अगर किसी को कोई समस्या या परेशानी होती है तो जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी आपदाओं के लिए एक स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और हमारा कंट्रोल रूम पूरी तरह से सक्रिय है।' यह इलाका पहले से ही नक्सल प्रभावित और भौगोलिक रूप से अलग-थलग है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे प्रशासन हाई अलर्ट पर है। राहत शिविरों में रखे गए नागरिकों की स्थिति की समीक्षा जारी है और जलस्तर पूरी तरह सामान्य होने पर उन्हें उनके घरों तक वापस भेजने की योजना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने तक राहत एवं बचाव दल तैनात रहेंगे।