26 सितंबर 2026
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गढ़चिरौली के भामरागढ़ में बाढ़ का संकट: 525 नागरिक सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

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गढ़चिरौली के भामरागढ़ में बाढ़ का संकट: 525 नागरिक सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

सारांश

छत्तीसगढ़ की मूसलाधार बारिश ने महाराष्ट्र के दुर्गम भामरागढ़ को संकट में डाल दिया। जिला प्रशासन और NDRF ने 525 नागरिकों को सुरक्षित निकाला और एक बीमार छात्रा को उफनते नाले के पार कराकर अस्पताल पहुँचाया। जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन अगले दो दिनों में और बारिश की आशंका से प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

मुख्य बातें

गढ़चिरौली के भामरागढ़ क्षेत्र में 26 सितंबर 2026 को बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हुए, छत्तीसगढ़ की भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर।
जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने 525 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया।
NDRF की टीम ने बिनागोंडा आश्रमशाला की एक बीमार छात्रा को गुंडेनूर नाला पार कराकर लाहेरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया।
बीजापुर में भी बाढ़ के हालात; जिला कलेक्टर विश्वदीप ने स्पेशल हेल्पलाइन और सक्रिय कंट्रोल रूम की जानकारी दी।
जलस्तर धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन अगले दो दिनों में और बारिश की संभावना के चलते प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के दुर्गम भामरागढ़ क्षेत्र में 26 सितंबर 2026 को बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए, जब पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में हुई मूसलाधार बारिश का सीधा असर यहाँ की नदियों और नालों पर पड़ा। जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 525 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। यह बचाव अभियान शुक्रवार दोपहर से शुरू होकर देर रात तक जारी रहा।

मुख्य घटनाक्रम

लगातार बारिश के कारण भामरागढ़ क्षेत्र की नदियाँ और नाले उफान पर आ गए, जिससे निचले और नदी किनारे के इलाकों में पानी भर गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के मार्गदर्शन में और तहसीलदार किशोर बागड़े के नेतृत्व में प्रशासनिक दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे। नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 525 लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुँचाया गया। प्रशासन की टीमें अभी भी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

एनडीआरएफ की भूमिका — बीमार छात्रा को बचाया

बाढ़ के बीच बिनागोंडा आश्रमशाला में पढ़ने वाली एक बीमार छात्रा को अस्पताल तक पहुँचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम की मदद से छात्रा को गुंडेनूर नाला पार कराया गया और उसे सुरक्षित रूप से लाहेरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यह बचाव कार्य इस बात का प्रमाण है कि बाढ़ से प्रभावित दुर्गम इलाकों में भी प्रशासन और NDRF मिलकर समय पर सहायता पहुँचाने में सफल रहे।

स्थिति में सुधार, लेकिन सतर्कता ज़रूरी

अधिकारियों के अनुसार, अब जलस्तर धीरे-धीरे उतरने लगा है और स्थिति में सुधार हो रहा है। हालाँकि, प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से बहते पानी वाले रास्तों पर यात्रा नहीं करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।

बीजापुर में भी बाढ़ के हालात, हेल्पलाइन जारी

गढ़चिरौली के अलावा बीजापुर में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। बीजापुर के जिला कलेक्टर विश्वदीप ने कहा, 'पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है और अगले दो दिनों में भी और बारिश होने की संभावना है। अगर किसी को कोई समस्या या परेशानी होती है तो जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी आपदाओं के लिए एक स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और हमारा कंट्रोल रूम पूरी तरह से सक्रिय है।' यह इलाका पहले से ही नक्सल प्रभावित और भौगोलिक रूप से अलग-थलग है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

आगे क्या होगा

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे प्रशासन हाई अलर्ट पर है। राहत शिविरों में रखे गए नागरिकों की स्थिति की समीक्षा जारी है और जलस्तर पूरी तरह सामान्य होने पर उन्हें उनके घरों तक वापस भेजने की योजना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने तक राहत एवं बचाव दल तैनात रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

NDRF की तैनाती में देरी और संचार की बाधाएँ मिलकर स्थिति को गंभीर बना देती हैं। इस बार प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, परंतु यह भी ध्यान देने योग्य है कि छत्तीसगढ़ की बारिश का असर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हर मानसून में पड़ता है — फिर भी दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन अवसंरचना का अभाव स्पष्ट है। बीमार छात्रा को नाला पार कराने की घटना मानवीय संकल्प की मिसाल है, लेकिन यह उन बुनियादी सुविधाओं की कमी को भी उजागर करती है जो ऐसे संकटों में ज़रूरी होती हैं।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गढ़चिरौली के भामरागढ़ में बाढ़ क्यों आई?
पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में हुई मूसलाधार बारिश के कारण गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से दुर्गम है, जिससे राहत कार्य और कठिन हो गया।
कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया और किसने नेतृत्व किया?
जिला प्रशासन ने 525 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। यह अभियान जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के मार्गदर्शन और तहसीलदार किशोर बागड़े के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर से देर रात तक चला।
बाढ़ के बीच बीमार छात्रा को कैसे बचाया गया?
बिनागोंडा आश्रमशाला की एक बीमार छात्रा को NDRF की टीम की मदद से उफनते गुंडेनूर नाले को पार कराया गया और उसे लाहेरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में समय पर भर्ती कराया गया। बाढ़ से रास्ते बाधित होने के बावजूद प्रशासन और NDRF ने मिलकर यह कठिन बचाव कार्य पूरा किया।
बीजापुर में बाढ़ की स्थिति क्या है और क्या हेल्पलाइन उपलब्ध है?
बीजापुर में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। जिला कलेक्टर विश्वदीप ने बताया कि पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है और अगले दो दिनों में और बारिश की संभावना है। जिला प्रशासन ने आपदा के लिए एक स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय है।
क्या भामरागढ़ में अब स्थिति सामान्य हो गई है?
अधिकारियों के अनुसार जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। प्रशासन ने नागरिकों को नदी-नालों के किनारे न जाने, बहते पानी वाले रास्तों से यात्रा न करने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
राष्ट्र प्रेस
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