ओडिशा बाढ़: केंद्रपाड़ा के कुलासाही आश्रम स्कूल से 255 छात्रों का रेस्क्यू, 8 टीमें तैनात
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में भारी बारिश के बाद उत्पन्न बाढ़ की स्थिति ने गंभीर रूप ले लिया, जब कुलासाही सेवाश्रम स्कूल चारों तरफ से बाढ़ के पानी में डूब गया और वहाँ करीब 255 छात्र फँस गए। 19 अगस्त को ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) और फायर सर्विस की संयुक्त टीमों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाकर इन बच्चों को सुरक्षित निकाला। प्रशासन के अनुसार, बचाए गए छात्रों को महादेईपटना रेजिडेंशियल स्कूल में स्थानांतरित किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
बचाव अभियान के दौरान करीब 240 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें महादेईपटना रेजिडेंशियल स्कूल पहुँचाया गया। शेष छात्रों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के बाद उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा और स्थिति सामान्य होने पर उन्हें घर भेजा जाएगा।
केंद्रपाड़ा के सब-कलेक्टर अरुण कुमार नायक ने बताया कि बच्चे करीब तीन दिनों से बाढ़ के पानी के बीच फँसे हुए थे। नदी में पानी का बहाव अत्यंत तेज होने के कारण शुरुआती दिनों में राहत और बचाव अभियान चलाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि जल स्तर में आंशिक कमी आने के बाद प्रशिक्षित टीमों की मदद से बचाव कार्य तेज किया गया।
बचाव दल की तैनाती
सब-कलेक्टर नायक के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल आठ टीमें तैनात की गई थीं। इन टीमों ने पेशेवर तरीके से काम करते हुए बच्चों को बाढ़ग्रस्त परिसर से निकाला और सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया। प्रशासन की ओर से बच्चों के रहने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का इंतजाम किया जा रहा है।
25 वर्षों में सबसे भारी बारिश
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक दुर्गा प्रसन्न नायक ने बताया कि इस बार क्षेत्र में करीब 1,100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 25 वर्षों में नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि इस असाधारण वर्षा के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं और कई आश्रम स्कूलों में बच्चे फँसे हुए थे।
विधायक ने यह भी बताया कि जिलाधिकारी, सब-कलेक्टर, बीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। सरकार की ओर से बच्चों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एडीएम नबा कृष्ण जेना ने बताया कि कुलासाही आश्रम स्कूल चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया था, जिसके बाद बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। भारी बारिश और बाढ़ के बीच प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को 24 घंटे अलर्ट पर रखा है।
आगे क्या
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान जारी है। जल स्तर में और कमी आने पर शेष राहत कार्य पूरा किए जाने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा के कई जिले मानसून की असामान्य तीव्रता से जूझ रहे हैं और प्रशासन पर राहत कार्यों का दबाव बना हुआ है।