1 अक्टूबर 2026
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बिहार बाढ़: सारण के पानापुर में एयर ड्रॉप से राहत, गंडक के तेज बहाव से 4 जिलों में तटबंध क्षतिग्रस्त

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बिहार बाढ़: सारण के पानापुर में एयर ड्रॉप से राहत, गंडक के तेज बहाव से 4 जिलों में तटबंध क्षतिग्रस्त

सारांश

बिहार के सारण में बाढ़ से कटे इलाकों तक पहुँचने के लिए सरकार को हेलीकॉप्टर का सहारा लेना पड़ा। नेपाल में भारी बारिश से गंडक नदी उफान पर है — 4 जिलों में तटबंध टूटे, राहत अभियान जारी है।

मुख्य बातें

1 अक्टूबर 2026 को सारण के पानापुर प्रखंड में हेलीकॉप्टर से ड्राई राशन पैकेट का एयर ड्रॉप किया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पटना और गोरखपुर दोनों से हेलीकॉप्टर तैनात किए गए।
नेपाल में भारी बारिश से गंडक नदी में अप्रत्याशित जलश्राव के कारण पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर में तटबंध क्षतिग्रस्त।
चंपारण तटबंध के 59.60 किमी और 38 किमी , सारण तटबंध के 45 व 46.40 किमी पर क्षति दर्ज।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात।
सभी प्रभावित स्थलों पर अहर्निश बाढ़ संघर्षात्मक कार्य जारी है।

बिहार के सारण जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच 1 अक्टूबर 2026 को पानापुर प्रखंड के प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर के ज़रिए ड्राई राशन पैकेट का एयर ड्रॉप किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्टेट हैंगर, पटना से हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, और बाद में गोरखपुर से भी अतिरिक्त हेलीकॉप्टर मंगवाया गया ताकि संपर्क-कटे इलाकों तक जरूरी खाद्य सामग्री पहुँचाई जा सके।

राहत अभियान की तैयारी और निगरानी

पटना के जिलाधिकारी मौके पर उपस्थित रहे और एयर ड्रॉप से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के मार्गदर्शन और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल के निर्देश पर विभागीय संयुक्त सचिव अविनाश कुमार तथा जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मो. आसिफ इकबाल भी राहत कार्यों की निगरानी के लिए मौजूद रहे।

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिला प्रशासन सारण की ओर से अतिरिक्त राशन पैकेट की माँग की गई थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई। राज्य सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक कदम निरंतर उठाए जा रहे हैं।

गंडक नदी के तेज बहाव से तटबंधों को नुकसान

जल संसाधन विभाग के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में नेपाल के गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के चलते नदी में अप्रत्याशित जलश्राव प्रवाहित हुआ। इसके परिणामस्वरूप पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिलों में कई तटबंध और जमींदारी बाँध क्षतिग्रस्त हो गए।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार पहले से ही मानसून की अतिरिक्त वर्षा से जूझ रहा है और उत्तरी जिलों में नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर ऊँचा बना हुआ है।

क्षतिग्रस्त तटबंधों का विवरण

रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड के फूलिया खांड़ गाँव में चंपारण तटबंध के 59.60 किलोमीटर पर तथा योगापट्टी प्रखंड के गोलाघाट भवानीपुर गाँव में 38 किलोमीटर पर क्षति दर्ज की गई है। गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड में बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लाहपुर जमींदारी बाँध के 4.60 किलोमीटर पर नुकसान हुआ है।

सारण जिले के मकेर प्रखंड के बाघाकोल और हैजलपुर गाँवों में सारण तटबंध के क्रमश: 45 और 46.40 किलोमीटर पर, तथा पानापुर प्रखंड के भगवानपुर सरौझा गाँव में 76.60 किलोमीटर पर क्षति दर्ज की गई है। मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड स्थित माधोपुर हजारी रिंग बाँध के 0.35 किलोमीटर पर भी नुकसान हुआ है।

बाढ़ संघर्षात्मक कार्य जारी

जल संसाधन विभाग ने बताया कि सभी प्रभावित स्थलों पर चौबीसों घंटे बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। गौरतलब है कि बिहार में हर साल गंडक, कोसी और बागमती जैसी नेपाल-प्रवाह नदियाँ उत्तरी जिलों में तबाही मचाती हैं, और इस बार नेपाल में असामान्य वर्षा ने स्थिति को और विकट बना दिया है।

आने वाले दिनों में राहत और बचाव कार्यों की गति और तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि अधिकारियों के अनुसार नदी का जलस्तर अभी भी ऊँचा बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी द्विपक्षीय जल-प्रबंधन ढाँचा कागज़ों पर ही रहता है। चार जिलों में एक साथ तटबंध टूटना यह भी बताता है कि निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हैं। राहत पहुँचाना ज़रूरी है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि इस बार की क्षति का व्यापक आकलन कर दीर्घकालिक नीति में कोई बदलाव आता है या नहीं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के सारण में बाढ़ राहत के लिए एयर ड्रॉप क्यों करना पड़ा?
गंडक नदी के तेज बहाव के कारण पानापुर प्रखंड के कई इलाकों का सड़क संपर्क बाधित हो गया, जिससे ज़मीनी रास्ते से राहत पहुँचाना संभव नहीं था। इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर हेलीकॉप्टर से ड्राई राशन पैकेट का एयर ड्रॉप किया गया।
गंडक नदी में इतना पानी क्यों आया?
जल संसाधन विभाग के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हाल ही में भारी बारिश हुई, जिससे नदी में अप्रत्याशित जलश्राव प्रवाहित हुआ और बिहार के कई जिले प्रभावित हुए।
बिहार के किन जिलों में तटबंध क्षतिग्रस्त हुए हैं?
पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिलों में कई तटबंध और जमींदारी बाँध क्षतिग्रस्त हुए हैं। सारण तटबंध, चंपारण तटबंध और माधोपुर हजारी रिंग बाँध सहित कई स्थानों पर क्षति दर्ज की गई है।
राहत कार्यों की निगरानी कौन कर रहा है?
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के मार्गदर्शन और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात हैं। पटना के जिलाधिकारी, विभागीय संयुक्त सचिव अविनाश कुमार और जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मो. आसिफ इकबाल भी राहत व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत हो रही है?
हाँ, जल संसाधन विभाग ने बताया है कि सभी प्रभावित स्थलों पर चौबीसों घंटे बाढ़ संघर्षात्मक कार्य जारी है। राज्य सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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