बिहार बाढ़: सारण के पानापुर में एयर ड्रॉप से राहत, गंडक के तेज बहाव से 4 जिलों में तटबंध क्षतिग्रस्त
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सारण जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच 1 अक्टूबर 2026 को पानापुर प्रखंड के प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर के ज़रिए ड्राई राशन पैकेट का एयर ड्रॉप किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्टेट हैंगर, पटना से हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, और बाद में गोरखपुर से भी अतिरिक्त हेलीकॉप्टर मंगवाया गया ताकि संपर्क-कटे इलाकों तक जरूरी खाद्य सामग्री पहुँचाई जा सके।
राहत अभियान की तैयारी और निगरानी
पटना के जिलाधिकारी मौके पर उपस्थित रहे और एयर ड्रॉप से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के मार्गदर्शन और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल के निर्देश पर विभागीय संयुक्त सचिव अविनाश कुमार तथा जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मो. आसिफ इकबाल भी राहत कार्यों की निगरानी के लिए मौजूद रहे।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिला प्रशासन सारण की ओर से अतिरिक्त राशन पैकेट की माँग की गई थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई। राज्य सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक कदम निरंतर उठाए जा रहे हैं।
गंडक नदी के तेज बहाव से तटबंधों को नुकसान
जल संसाधन विभाग के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में नेपाल के गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के चलते नदी में अप्रत्याशित जलश्राव प्रवाहित हुआ। इसके परिणामस्वरूप पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिलों में कई तटबंध और जमींदारी बाँध क्षतिग्रस्त हो गए।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार पहले से ही मानसून की अतिरिक्त वर्षा से जूझ रहा है और उत्तरी जिलों में नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर ऊँचा बना हुआ है।
क्षतिग्रस्त तटबंधों का विवरण
रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड के फूलिया खांड़ गाँव में चंपारण तटबंध के 59.60 किलोमीटर पर तथा योगापट्टी प्रखंड के गोलाघाट भवानीपुर गाँव में 38 किलोमीटर पर क्षति दर्ज की गई है। गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड में बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लाहपुर जमींदारी बाँध के 4.60 किलोमीटर पर नुकसान हुआ है।
सारण जिले के मकेर प्रखंड के बाघाकोल और हैजलपुर गाँवों में सारण तटबंध के क्रमश: 45 और 46.40 किलोमीटर पर, तथा पानापुर प्रखंड के भगवानपुर सरौझा गाँव में 76.60 किलोमीटर पर क्षति दर्ज की गई है। मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड स्थित माधोपुर हजारी रिंग बाँध के 0.35 किलोमीटर पर भी नुकसान हुआ है।
बाढ़ संघर्षात्मक कार्य जारी
जल संसाधन विभाग ने बताया कि सभी प्रभावित स्थलों पर चौबीसों घंटे बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। गौरतलब है कि बिहार में हर साल गंडक, कोसी और बागमती जैसी नेपाल-प्रवाह नदियाँ उत्तरी जिलों में तबाही मचाती हैं, और इस बार नेपाल में असामान्य वर्षा ने स्थिति को और विकट बना दिया है।
आने वाले दिनों में राहत और बचाव कार्यों की गति और तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि अधिकारियों के अनुसार नदी का जलस्तर अभी भी ऊँचा बना हुआ है।