3 अक्टूबर 2026
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बिहार बाढ़: सारण में IAF हेलिकॉप्टरों की 15 उड़ानों से 28 टन राशन एयर ड्रॉप

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बिहार बाढ़: सारण में IAF हेलिकॉप्टरों की 15 उड़ानों से 28 टन राशन एयर ड्रॉप

सारांश

सड़क मार्ग बाधित होने के बाद बिहार के सारण में IAF हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला — 15 उड़ानों में 28 टन से अधिक राशन पहुँचाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर केंद्र-राज्य समन्वय से यह अभियान जारी है।

मुख्य बातें

सारण जिले में बाढ़ प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों में IAF हेलिकॉप्टरों द्वारा एयर ड्रॉपिंग अभियान 3 अक्टूबर 2026 को जारी रहा।
अब तक 15 उड़ानें पूरी; 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री वितरित।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग ने गृह मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय से समन्वय कर IAF को तैनात किया।
अभियान का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता , विंग कमांडर विशाल खत्री , स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल और अन्य IAF अधिकारी कर रहे हैं।
जलजमाव से सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण एयर ड्रॉपिंग एकमात्र व्यावहारिक विकल्प बनी।

बिहार के सारण जिले में बाढ़ से कट गए दुर्गम इलाकों तक राहत पहुँचाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलिकॉप्टरों का एयर ड्रॉपिंग अभियान 3 अक्टूबर 2026 को जारी रहा। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 15 उड़ानें पूरी हो चुकी हैं, जिनके ज़रिए 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई गई है।

राहत अभियान की पृष्ठभूमि

सड़क और ज़मीनी मार्ग बाढ़ एवं जलजमाव के कारण अवरुद्ध हो जाने से सारण के कई गाँवों तक सामान्य आवागमन ठप हो गया। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर IAF को इस राहत कार्य में शामिल किया। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर बिहार के कई ज़िलों में नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

मुख्य अभियान विवरण

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, 15 हेलिकॉप्टर उड़ानों में 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट उन इलाकों में गिराए गए, जहाँ नावें भी नहीं पहुँच पा रही थीं। कुल 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री इन पैकेटों के माध्यम से वितरित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि एयर ड्रॉपिंग के साथ-साथ सड़क मार्ग और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी राहत पहुँचाने का कार्य निरंतर जारी है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।

IAF पायलटों की भूमिका

इस विशेष राहत अभियान का संचालन IAF की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों के नेतृत्व में हो रहा है। ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता एवं विंग कमांडर विशाल खत्री (गोरखपुर), स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल एवं फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर (बागडोगरा) तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौड़ भरत सिंह (बागडोगरा) इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सहयोग के लिए गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायु सेना के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से संचालित किए जा रहे हैं।

आगे की योजना

अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ज़रूरतों का लगातार आकलन किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार सभी उपलब्ध माध्यमों का उपयोग जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य हर प्रभावित परिवार तक समय पर राहत सुनिश्चित करना है — इस अभियान का दायरा आने वाले दिनों में और विस्तृत किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हर साल बाढ़ आने के बावजूद स्थायी संपर्क अवसंरचना क्यों नहीं बन पाई। 28 टन राशन राहत का पैमाना बताता है कि प्रभावित आबादी बड़ी है — और जब तक नदी प्रबंधन तथा तटबंध रखरखाव पर दीर्घकालिक निवेश नहीं होगा, यह आपातकालीन चक्र हर मानसून में दोहराता रहेगा।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के सारण में एयर ड्रॉपिंग अभियान क्यों शुरू किया गया?
बाढ़ और जलजमाव के कारण सारण के कई इलाकों में सड़क मार्ग से राहत सामग्री पहुँचाना संभव नहीं रहा, इसलिए IAF हेलिकॉप्टरों के ज़रिए एयर ड्रॉपिंग की व्यवस्था की गई। यह अभियान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग और केंद्र सरकार के समन्वय से चलाया जा रहा है।
अब तक कितनी राहत सामग्री एयर ड्रॉप की गई है?
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 15 उड़ानों में 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट गिराए गए हैं, जिनमें कुल 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री शामिल है।
इस राहत अभियान में कौन-से IAF अधिकारी शामिल हैं?
अभियान का संचालन ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता व विंग कमांडर विशाल खत्री (गोरखपुर), स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल व फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर (बागडोगरा) तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौड़ भरत सिंह (बागडोगरा) के नेतृत्व में किया जा रहा है।
क्या सारण में केवल एयर ड्रॉपिंग से राहत पहुँचाई जा रही है?
नहीं, एयर ड्रॉपिंग के साथ-साथ सड़क मार्ग और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी राहत कार्य जारी है। जहाँ ज़मीनी रास्ता उपलब्ध है, वहाँ स्थलीय माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।
बिहार बाढ़ राहत में केंद्र और राज्य सरकार कैसे समन्वय कर रही हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र के गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से समन्वय कर IAF की तैनाती सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए केंद्र सरकार और वायु सेना के प्रति आभार व्यक्त किया है।
राष्ट्र प्रेस
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