बिहार बाढ़: सारण में IAF हेलिकॉप्टरों की 15 उड़ानों से 28 टन राशन एयर ड्रॉप
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सारण जिले में बाढ़ से कट गए दुर्गम इलाकों तक राहत पहुँचाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलिकॉप्टरों का एयर ड्रॉपिंग अभियान 3 अक्टूबर 2026 को जारी रहा। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 15 उड़ानें पूरी हो चुकी हैं, जिनके ज़रिए 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई गई है।
राहत अभियान की पृष्ठभूमि
सड़क और ज़मीनी मार्ग बाढ़ एवं जलजमाव के कारण अवरुद्ध हो जाने से सारण के कई गाँवों तक सामान्य आवागमन ठप हो गया। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर IAF को इस राहत कार्य में शामिल किया। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर बिहार के कई ज़िलों में नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मुख्य अभियान विवरण
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, 15 हेलिकॉप्टर उड़ानों में 5,600 से अधिक ड्राई राशन पैकेट उन इलाकों में गिराए गए, जहाँ नावें भी नहीं पहुँच पा रही थीं। कुल 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री इन पैकेटों के माध्यम से वितरित की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि एयर ड्रॉपिंग के साथ-साथ सड़क मार्ग और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी राहत पहुँचाने का कार्य निरंतर जारी है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
IAF पायलटों की भूमिका
इस विशेष राहत अभियान का संचालन IAF की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों के नेतृत्व में हो रहा है। ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता एवं विंग कमांडर विशाल खत्री (गोरखपुर), स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल एवं फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर (बागडोगरा) तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौड़ भरत सिंह (बागडोगरा) इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सहयोग के लिए गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायु सेना के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से संचालित किए जा रहे हैं।
आगे की योजना
अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ज़रूरतों का लगातार आकलन किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार सभी उपलब्ध माध्यमों का उपयोग जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य हर प्रभावित परिवार तक समय पर राहत सुनिश्चित करना है — इस अभियान का दायरा आने वाले दिनों में और विस्तृत किए जाने की संभावना है।