बिहार बाढ़: वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सारण में पहुंचाई 10 टन राहत सामग्री, 6 जिलों में 4.93 लाख प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना की मध्य वायु कमान (CAC) के हेलीकॉप्टरों ने 3 अक्टूबर 2026 को बिहार के सारण जिले के बाढ़ग्रस्त इलाकों में करीब 10 टन आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई। नेपाल और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई अत्यधिक वर्षा के बाद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि और तटबंधों में दरार के चलते राज्य के 6 जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार इस बाढ़ से अब तक 4.93 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं।
राहत अभियान का विस्तार
वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को 2 अक्टूबर को अल्प सूचना पर पटना से संचालित करते हुए तैनात किया गया। दिनभर की उड़ानों के दौरान इन हेलीकॉप्टरों ने सारण जिले के चकिया, पृथ्वीपुर, सतजोड़ा, करचोलिया और मकेर सहित कई प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरित की। रक्षा प्रकोष्ठ के अनुसार विषम परिस्थितियों और कठिन भूभाग के बावजूद यह अभियान निर्बाध रूप से जारी है तथा प्राकृतिक आपदा में नागरिक प्रशासन को समर्थन देना वायुसेना की प्राथमिकता है।
प्रभावित जिले और पंचायतें
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर — इन छह जिलों के 30 प्रखंडों की 144 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि बिहार हर वर्ष मानसून के दौरान नेपाल से आने वाली नदियों के उफान से बाढ़ की चपेट में आता है, और इस बार गंडक, कोसी व सोन नदियों के एक साथ उच्च जलस्तर ने राहत कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
ज़मीनी राहत प्रयास
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार प्रभावित लोगों के बीच अब तक करीब 68,600 पॉलीथिन शीट और 64,100 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं, और वितरण का कार्य अभी जारी है। आवागमन और निष्क्रमण को सुगम बनाने के लिए कुल 323 नावें तैनात की गई हैं, जिनकी संख्या आवश्यकतानुसार बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
242 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से अब तक करीब 5.22 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 2 बाढ़ राहत शिविर चल रहे हैं जहाँ लगभग 100 लोगों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए NDRF की 14 टीमें और SDRF की 28 टीमें मैदान में तैनात हैं।
नदियों की स्थिति और जल प्रवाह
जल संसाधन विभाग की 3 अक्टूबर सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के अनुसार वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 71,730 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया और रुझान स्थिर बताया गया है। कोसी बराज, वीरपुर से 87,545 क्यूसेक और सोन बराज, इंद्रपुरी से 46,991 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दोनों बैराजों पर डिस्चार्ज में गिरावट दर्ज की गई है, जो स्थिति में क्रमिक सुधार का संकेत देती है।
आगे की राह
प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है। नदियों के घटते डिस्चार्ज से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बने रहने की आशंका है। वायुसेना का राहत अभियान आवश्यकता के अनुसार जारी रखने की तैयारी है।