26 सितंबर 2026
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गंडक जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश: बिहार के 17 जिलों में अलर्ट, मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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गंडक जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश: बिहार के 17 जिलों में अलर्ट, मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सारांश

नेपाल के तराई और गंडक जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के बाद बिहार के 17 जिलों में अलर्ट जारी। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की समीक्षा बैठक में NDRF-SDRF को सक्रिय किया गया, नाव-बचाव उपकरण तैयार और टोल फ्री नंबर 1070 सक्रिय।

मुख्य बातें

गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र और नेपाल के तराई में भारी बारिश के बाद बिहार में 26 सितंबर 2026 को विशेष सतर्कता जारी।
17 जिले — सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय अलर्ट पर।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
NDRF और SDRF को अलर्ट मोड में रखा गया; नाव, लाइफ जैकेट और बचाव उपकरण तैयार।
आपदा में सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1070 सक्रिय।
कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट के बावजूद संबंधित जिलों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश।

नेपाल के तराई क्षेत्र और गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में जारी भारी बारिश को देखते हुए बिहार सरकार ने 26 सितंबर 2026 को राज्य के 17 जिलों में विशेष सतर्कता लागू कर दी है। गंडक, बागमती और कोसी नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्थिति का व्यापक जायज़ा लिया गया।

उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह शामिल रहे। सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण रखने के निर्देश दिए गए।

निगरानी और सतर्कता के निर्देश

अधिकारियों को नदियों के जलस्तर और प्रवाह की लगातार निगरानी करने के साथ-साथ निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गाँवों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद कोसी से जुड़े जिलों को पूरी सतर्कता बरतने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नेपाल में अचानक भारी बारिश की स्थिति में जलस्तर तेज़ी से बढ़ सकता है।

NDRF-SDRF अलर्ट और बचाव संसाधन तैयार

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को अलर्ट मोड में रखा गया है। संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, बचाव उपकरण और अन्य ज़रूरी संसाधनों को पर्याप्त संख्या में तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बचाव और राहत अभियान तत्काल शुरू किया जा सके। गौरतलब है कि बिहार प्रतिवर्ष मानसून के दौरान गंडक और कोसी बाढ़ से व्यापक नुकसान उठाता है।

आम जनता के लिए अग्रिम चेतावनी

प्रशासन को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के ज़रिए अग्रिम चेतावनी का व्यापक प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। ज़रूरत पड़ने पर प्रभावित आबादी को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्य सचिव का संदेश: घबराएँ नहीं, सतर्क रहें

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिलाधिकारियों को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को स्थिति की जानकारी देने तथा अफवाहों से बचने के लिए जागरूक करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए नागरिक विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। स्थिति के आगे और विकसित होने की संभावना को देखते हुए अगले कुछ दिन निर्णायक माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिलाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ना और NDRF-SDRF की अग्रिम तैनाती यह संकेत देती है कि 'पहले प्रतीक्षा, फिर राहत' की पुरानी शैली बदल रही है। असली परीक्षा यह है कि माइकिंग और अग्रिम चेतावनी का यह तंत्र वास्तव में उन सुदूर तटवर्ती गाँवों तक पहुँचता है या नहीं जहाँ सूचना सबसे देर से पहुँचती है और नुकसान सबसे ज़्यादा होता है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के किन 17 जिलों में बाढ़ अलर्ट जारी किया गया है?
सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय — इन 17 जिलों को 26 सितंबर 2026 को विशेष सतर्कता में रखा गया है। ये जिले मुख्यतः गंडक, बागमती और कोसी नदी तंत्र से जुड़े हैं।
गंडक नदी में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ा है?
नेपाल के तराई क्षेत्र और गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। नेपाल में अधिक वर्षा होने पर उसका सीधा असर बिहार के सीमावर्ती और निचले इलाकों पर पड़ता है।
बाढ़ की स्थिति में बिहार सरकार ने क्या तैयारियाँ की हैं?
NDRF और SDRF को अलर्ट मोड में रखा गया है। नाव, लाइफ जैकेट और बचाव उपकरण तैयार हैं। माइकिंग से अग्रिम चेतावनी दी जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ आपदा में मदद के लिए कहाँ संपर्क करें?
आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए बिहार आपदा प्रबंधन विभाग का टोल फ्री नंबर 1070 सक्रिय है। नागरिक किसी भी समय इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट के बाद भी अलर्ट क्यों बरकरार है?
कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन नेपाल में मौसम की अनिश्चितता और अचानक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए कोसी से जुड़े जिलों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी रखे गए हैं। स्थिति किसी भी समय बदल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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