भारत-इजरायल में ऑडिटिंग व तकनीक पर MoU, CAG संजय मूर्ति और एंग्लमैन की द्विपक्षीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के. संजय मूर्ति ने 23 जून 2025 को नई दिल्ली में इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल तथा EUROSAI के अध्यक्ष मतन्याहू एंग्लमैन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक का समापन एक महत्वपूर्ण ज्ञापन समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ, जो सार्वजनिक क्षेत्र की ऑडिटिंग, तकनीक अपनाने और संस्थागत सहयोग को नई दिशा देता है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
भारतीय पक्ष की ओर से बैठक में डिप्टी कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल (HR, IR, लीगल व कोऑर्डिनेशन) के. एस. सुब्रमण्यम, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी बी. के. मोहंती और डायरेक्टर जनरल (अंतरराष्ट्रीय संबंध) विमलेंद्र पटवर्धन उपस्थित रहे। इजरायली पक्ष से भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार और इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल कार्यालय की अंतरराष्ट्रीय विभाग प्रमुख मिरी वीस शामिल हुईं।
MoU में क्या शामिल है
हस्ताक्षरित ज्ञापन समझौते के तहत दोनों देशों के सर्वोच्च लेखा परीक्षण संस्थानों के बीच पब्लिक सेक्टर ऑडिटिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग, तकनीक अपनाने, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारत में इजरायल के दूतावास ने इस अवसर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वह इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल कार्यालय और भारत के CAG कार्यालय के बीच हुए इस समझौते का स्वागत करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। गौरतलब है कि EUROSAI यूरोपीय देशों के सर्वोच्च लेखा परीक्षण संस्थानों का प्रमुख संगठन है, और इसके अध्यक्ष का भारत दौरा इस सहयोग को विशेष महत्व देता है।
रक्षा क्षेत्र में भी मज़बूत हुई साझेदारी
इसी क्रम में, भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 22 जून को इजरायल रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आमिर बारम से मुलाकात की। दोनों के बीच सह-विकास, सह-उत्पादन और अगली पीढ़ी की सैन्य तकनीकों में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आमिर बारम ने 22 जून को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी भेंट की। इस बैठक में इजरायल ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत-इजरायल संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह दौरा भारत और इजरायल के बीच बहुआयामी संबंधों की बढ़ती गहराई को रेखांकित करता है। रक्षा, तकनीक और अब संस्थागत शासन के क्षेत्र में एक साथ हुई ये बैठकें दर्शाती हैं कि दोनों देश केवल कूटनीतिक संपर्क तक सीमित नहीं रहे, बल्कि व्यावहारिक सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले महीनों में MoU के अंतर्गत संयुक्त कार्यक्रमों और तकनीकी आदान-प्रदान की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।