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भारत-इजरायल में ऑडिटिंग व तकनीक पर MoU, CAG संजय मूर्ति और एंग्लमैन की द्विपक्षीय बैठक

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भारत-इजरायल में ऑडिटिंग व तकनीक पर MoU, CAG संजय मूर्ति और एंग्लमैन की द्विपक्षीय बैठक

सारांश

भारत और इजरायल ने संस्थागत सहयोग को नई ऊंचाई दी — CAG कार्यालय और इजरायल के राज्य नियंत्रक कार्यालय के बीच ऑडिटिंग व तकनीक पर MoU हस्ताक्षरित हुआ। साथ ही रक्षा सचिव और रक्षा मंत्री स्तर पर भी बैठकें हुईं, जो दोनों देशों की बहुआयामी साझेदारी को और मज़बूत करती हैं।

मुख्य बातें

संजय मूर्ति और EUROSAI अध्यक्ष मतन्याहू एंग्लमैन के बीच 23 जून 2025 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई।
बैठक के बाद पब्लिक सेक्टर ऑडिटिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग और तकनीक सहयोग पर MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 22 जून को इजरायल रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आमिर बारम से सह-विकास और अगली पीढ़ी की सैन्य तकनीकों पर चर्चा की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 22 जून को बारम से मुलाकात की; इजरायल ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार और इजरायली कार्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रमुख मिरी वीस भी बैठक में उपस्थित रहीं।

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के. संजय मूर्ति ने 23 जून 2025 को नई दिल्ली में इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल तथा EUROSAI के अध्यक्ष मतन्याहू एंग्लमैन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक का समापन एक महत्वपूर्ण ज्ञापन समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ, जो सार्वजनिक क्षेत्र की ऑडिटिंग, तकनीक अपनाने और संस्थागत सहयोग को नई दिशा देता है।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

भारतीय पक्ष की ओर से बैठक में डिप्टी कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल (HR, IR, लीगल व कोऑर्डिनेशन) के. एस. सुब्रमण्यम, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी बी. के. मोहंती और डायरेक्टर जनरल (अंतरराष्ट्रीय संबंध) विमलेंद्र पटवर्धन उपस्थित रहे। इजरायली पक्ष से भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार और इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल कार्यालय की अंतरराष्ट्रीय विभाग प्रमुख मिरी वीस शामिल हुईं।

MoU में क्या शामिल है

हस्ताक्षरित ज्ञापन समझौते के तहत दोनों देशों के सर्वोच्च लेखा परीक्षण संस्थानों के बीच पब्लिक सेक्टर ऑडिटिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग, तकनीक अपनाने, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारत में इजरायल के दूतावास ने इस अवसर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वह इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल कार्यालय और भारत के CAG कार्यालय के बीच हुए इस समझौते का स्वागत करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। गौरतलब है कि EUROSAI यूरोपीय देशों के सर्वोच्च लेखा परीक्षण संस्थानों का प्रमुख संगठन है, और इसके अध्यक्ष का भारत दौरा इस सहयोग को विशेष महत्व देता है।

रक्षा क्षेत्र में भी मज़बूत हुई साझेदारी

इसी क्रम में, भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 22 जून को इजरायल रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आमिर बारम से मुलाकात की। दोनों के बीच सह-विकास, सह-उत्पादन और अगली पीढ़ी की सैन्य तकनीकों में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आमिर बारम ने 22 जून को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी भेंट की। इस बैठक में इजरायल ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत-इजरायल संबंधों का व्यापक संदर्भ

यह दौरा भारत और इजरायल के बीच बहुआयामी संबंधों की बढ़ती गहराई को रेखांकित करता है। रक्षा, तकनीक और अब संस्थागत शासन के क्षेत्र में एक साथ हुई ये बैठकें दर्शाती हैं कि दोनों देश केवल कूटनीतिक संपर्क तक सीमित नहीं रहे, बल्कि व्यावहारिक सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले महीनों में MoU के अंतर्गत संयुक्त कार्यक्रमों और तकनीकी आदान-प्रदान की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह अपनी सर्वोच्च लेखा परीक्षण संस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप डिजिटल रूप से सक्षम बनाना चाहता है। EUROSAI जैसे प्रभावशाली यूरोपीय संगठन के अध्यक्ष का भारत दौरा और उसी दिन रक्षा स्तर पर समानांतर बैठकें यह संकेत देती हैं कि दोनों देश संबंधों को एक साथ कई मोर्चों पर आगे बढ़ा रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि MoU के तहत घोषित कैपेसिटी बिल्डिंग और तकनीकी आदान-प्रदान ज़मीन पर कितनी जल्दी और कितने प्रभावी ढंग से उतरते हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और इजरायल के बीच हुआ MoU किस विषय पर है?
यह MoU भारत के CAG कार्यालय और इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल कार्यालय के बीच पब्लिक सेक्टर ऑडिटिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग, तकनीक अपनाने और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर हस्ताक्षरित हुआ है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के सर्वोच्च लेखा परीक्षण संस्थानों के बीच संस्थागत सहयोग को मज़बूत करना है।
EUROSAI क्या है और इसके अध्यक्ष का भारत दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
EUROSAI (European Organisation of Supreme Audit Institutions) यूरोपीय देशों के सर्वोच्च लेखा परीक्षण संस्थानों का प्रमुख संगठन है। इसके अध्यक्ष मतन्याहू एंग्लमैन का भारत दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारत के CAG कार्यालय को वैश्विक ऑडिटिंग मानकों और यूरोपीय अनुभव तक सीधी पहुँच मिलती है।
रक्षा क्षेत्र में भारत और इजरायल के बीच क्या चर्चा हुई?
22 जून को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इजरायल रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आमिर बारम से अलग-अलग बैठकें कीं। इनमें सह-विकास, सह-उत्पादन और अगली पीढ़ी की सैन्य तकनीकों में सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ।
इस MoU से आम जनता और सरकारी प्रशासन पर क्या असर पड़ेगा?
इस समझौते से भारत की सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली में तकनीकी सुधार और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों के ज़रिए भारतीय ऑडिट अधिकारियों को इजरायल के अनुभव और तकनीकी दक्षता से लाभ मिल सकता है, जिससे दीर्घकालिक रूप से सरकारी खर्च की जवाबदेही मज़बूत होगी।
भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी क्या है?
भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, कृषि और कूटनीति के क्षेत्रों में गहरे सहयोग का ढाँचा है। 22 जून की बैठकों में इजरायल ने इस साझेदारी के तहत अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।
राष्ट्र प्रेस
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