वंदे मातरम के 150 वर्ष: 'नमामि भारतम' में 1 करोड़ से अधिक लोगों ने 25,000 स्थानों पर किया सामूहिक गान
सारांश
मुख्य बातें
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के नेतृत्व में 25 सितंबर 2026 को देशभर में 'नमामि भारतम' कार्यक्रम के तहत 1 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों ने एक साथ राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाया। यह आयोजन गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें देशभर के 25,000 से अधिक स्थानों और 26 लाख स्कूलों तक इसकी पहुँच रही।
आयोजन का स्वरूप और विस्तार
आयोजकों के अनुसार, 25,000 से अधिक केंद्रों पर एक निर्धारित समय पर एक ही लय और आवाज़ में 'वंदे मातरम' के सभी छह अंतरे गाए गए — जिसे आयोजकों ने 'एक समय, एक लय, एक आवाज़' का आयोजन कहा। इस सामूहिक गायन को 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज कराने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित शारदा सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल प्रेम सिंह खेमता ने बताया कि यह कार्यक्रम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए भी किया जा रहा है।
राजधानी दिल्ली में विशेष आयोजन
नई दिल्ली के सरस्वती बाल मंदिर में 1,000 से अधिक छात्रों ने अपने शिक्षकों और अभिभावकों के साथ मिलकर पूरे छह अंतरों वाला 'वंदे मातरम' गाया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दिल्ली प्रांत संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
डॉ. अग्रवाल ने कहा, 'वंदे मातरम' एक ऐसा गीत है जो हमें हमारी मातृभूमि, जन्मभूमि और संस्कृति से जोड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गीत के माध्यम से समाज में यह जागरूकता पैदा हुई है कि 'भारत मेरी मातृभूमि है, भारत मेरी कर्मभूमि है और इस भूमि के प्रति मेरा कुछ कर्तव्य है।'
विद्या भारती और गीत का ऐतिहासिक संबंध
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महासचिव देशराज शर्मा ने बताया कि इस दिन का चुनाव प्रतीकात्मक है। उन्होंने रेखांकित किया कि विद्या भारती के विद्यालयों में 1952 से ही 'वंदे मातरम' को निरंतर गाया जाता रहा है।
विद्या भारती दिल्ली प्रांत के जनरल सेक्रेटरी डॉ. सतीश माहेश्वरी ने कहा कि विशेष अवसरों पर इस गीत को गाने से बच्चों में मातृभूमि के प्रति एक विशेष भावना जागृत होती है और उन्हें स्वतंत्रता के मूल्य और राष्ट्र के प्रति दायित्व का बोध होता है।
देशभर में शहर-दर-शहर भागीदारी
चंडीगढ़ के शारदा सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 1,200 बच्चों ने सामूहिक गायन में भाग लिया। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में लगभग 60 स्थानों पर सरस्वती विद्या मंदिर और सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रों व शिक्षकों ने राष्ट्रगीत का गायन किया। उत्तराखंड के मसूरी में महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भी यह आयोजन हुआ।
आगे क्या
रिकॉर्ड सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया जारी है और आयोजकों को उम्मीद है कि इसे शीघ्र ही आधिकारिक रूप से मान्यता मिलेगी। गौरतलब है कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना और नागरिक कर्तव्यबोध को जीवंत रखने का एक दीर्घकालिक प्रयास है।