क्या भारत का एयर पैसेंजर ट्रैफिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 202 मिलियन तक पहुंच गया?

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क्या भारत का एयर पैसेंजर ट्रैफिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 202 मिलियन तक पहुंच गया?

सारांश

भारत का एयर पैसेंजर ट्रैफिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 2.6 प्रतिशत बढ़कर 202 मिलियन हो गया। क्या यह वृद्धि आने वाले समय में भी जारी रहेगी? जानिए रिपोर्ट में क्या खास है।

मुख्य बातें

भारत का एयर पैसेंजर ट्रैफिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 202 मिलियन हो गया।
डोमेस्टिक ट्रैफिक में 1.6 प्रतिशत और इंटरनेशनल ट्रैफिक में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पैसेंजर ट्रैफिक 430 मिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
एयरपोर्ट के फाइनेंशियल रिस्क प्रोफाइल मजबूत रहेगा।
वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट की डिलीवरी पर नजर रखी जाएगी।

नई दिल्ली, 12 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत का कुल एयर पैसेंजर ट्रैफिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 202 मिलियन हो गया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 197 मिलियन था। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में सामने आई है।

केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का डोमेस्टिक ट्रैफिक 1.6 प्रतिशत की वृद्धि से बढ़ा, जबकि इंटरनेशनल ट्रैफिक में 6.9 प्रतिशत की तेजी आई।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष में पैसेंजर ट्रैफिक 430 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि पहले इसका अनुमान 445 मिलियन पैसेंजर्स का लगाया गया था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 11 एयरपोर्ट के प्रॉफिट बिफोर इंटरेस्ट, लीज, डेप्रिसिएशन एंड टैक्सेशन (पीबीआईएलडीटी) में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की उम्मीद है।

इस वर्ष के लिए, डोमेस्टिक ट्रैफिक में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, इंटरनेशनल ट्रैफिक 8 प्रतिशत से बढ़ने का अनुमान है। यह वृद्धि वित्त वर्ष 26 के फेस्टिव सीजन, दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से सप्लाई बढ़ने और ट्रैफिक ग्रोथ के कारण देखी जा रही है।

हालांकि, केयरएज रेटिंग्स के एसोसिएट डायरेक्टर पलक व्यास ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में क्रॉस-बॉर्डर टेंशन, एयरक्राफ्ट की कम उपलब्धता और वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी के कारण ग्रोथ में कमी आ सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि मीडियम टर्म में पैसेंजर ट्रैफिक का 8-9 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है, जिससे एयरपोर्ट सेक्टर का आउटलुक अनुकूल बना हुआ है। हालांकि, वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट की समय पर डिलीवरी पर इंटरनेशनल ग्रोथ की निगरानी रखी जाएगी।

यह आउटलुक एयरपोर्ट और एयरलाइन कैपेसिटी में वृद्धि तथा मिडल क्लास पॉपुलेशन के बढ़ने के कारण मजबूत एयर ट्रैवल डिमांड से समर्थित है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एयरपोर्ट प्लेयर्स का फाइनेंशियल रिस्क प्रोफाइल मजबूत बना रहेगा। वहीं, 11 एसेस्ड एयरपोर्ट के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जैसे क्रॉस-बॉर्डर टेंशन और एयरक्राफ्ट की उपलब्धता, के बावजूद, एयरलाइन और एयरपोर्ट सेक्टर के लिए अनुकूलता बनी हुई है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का एयर पैसेंजर ट्रैफिक कब बढ़ा?
भारत का एयर पैसेंजर ट्रैफिक चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बढ़कर 202 मिलियन हो गया है।
डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ट्रैफिक में कितनी वृद्धि हुई?
डोमेस्टिक ट्रैफिक में 1.6 प्रतिशत और इंटरनेशनल ट्रैफिक में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
क्या भविष्य में ट्रैफिक और बढ़ेगा?
हां, चालू वित्त वर्ष में पैसेंजर ट्रैफिक 430 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।
कौन सी चुनौतियाँ ट्रैफिक वृद्धि को प्रभावित कर सकती हैं?
क्रॉस-बॉर्डर टेंशन और एयरक्राफ्ट की उपलब्धता समस्याएँ हो सकती हैं।
एयरपोर्ट सेक्टर का आउटलुक कैसा है?
एयरपोर्ट सेक्टर का आउटलुक सकारात्मक है, लेकिन वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट की डिलीवरी पर ध्यान देना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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