11 अक्टूबर 2026
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सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर पलटवार: तमिल संस्कृति, आपातकाल और USAID फंडिंग पर तीन सीधे सवाल

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सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर पलटवार: तमिल संस्कृति, आपातकाल और USAID फंडिंग पर तीन सीधे सवाल

सारांश

BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के चेन्नई दौरे के बाद पलटवार करते हुए ₹13,000 करोड़ की तमिलनाडु परियोजनाओं, USAID फंडिंग और आपातकाल की तुलना पर तीन तीखे सवाल दागे — और दावा किया कि भारत की बढ़ती आर्थिक-डिजिटल ताकत ही विभाजनकारी राजनीति की असली वजह है।

मुख्य बातें

सुधांशु त्रिवेदी ने 11 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता में राहुल गांधी पर उत्तर-दक्षिण विभाजन फैलाने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उसी दिन चेन्नई में ₹13,000 करोड़ की परियोजनाएँ लॉन्च कीं — मेट्रो, राजमार्ग, रेल और बंदरगाह शामिल।
USAID ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए; 9 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फंडिंग पर आश्चर्य जताते हुए रोक लगाई।
भारत में डेटा की कीमत मात्र ₹15-17 प्रति GB, अमेरिका में यही ₹550-600 — त्रिवेदी ने इसे भारत की डिजिटल उपलब्धि बताया।
गूगल विशाखापत्तनम में 19.5 अरब डॉलर निवेश करेगा; अमेज़न का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा कार्यालय हैदराबाद में।
सिलचर नगर निगम उपचुनाव में 42 में से 34 सीटें BJP-NDA को मिलीं; त्रिवेदी ने कांग्रेस से 44 दिन के भीतर CCTV फुटेज माँगने की चुनौती दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने 11 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी तमिल भाषा और संस्कृति के मुद्दों का इस्तेमाल उत्तर और दक्षिण भारत के बीच कृत्रिम विभाजन फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से तीन सीधे सवालों के जवाब माँगे — तमिल भाषा पर 'झूठे आरोपों', आपातकाल की तुलना और विदेशी फंडिंग से जुड़े सवाल।

तमिल संस्कृति पर BJP का पक्ष

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी दिन लगभग ₹13,000 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ किया — इनमें चेन्नई मेट्रो के लिए ₹4,900 करोड़, राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए ₹3,700 करोड़, कराइकल–पेरलम रेल लाइन के लिए ₹750 करोड़ और वी.ओ. चिदंबरनार तथा कामराज नगर बंदरगाहों सहित तीन बंदरगाहों का उन्नयन शामिल है। उन्होंने तर्क दिया कि राहुल गांधी का यह दावा कि 'नीट तमिल भाषा पर आक्रमण का उदाहरण है', पूरी तरह निराधार है।

त्रिवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में तमिल भाषा और साहित्य का विशेष उल्लेख किया, तमिल संस्कृति के प्रतीक सेंगोल को नए संसद भवन में स्थापित किया गया, 16 मई 2026 को हेग से चोलकालीन ताम्रपत्र वापस लाए गए, और सितंबर 2022 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सुब्रमण्यम भारती पीठ की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी 1967 से तमिलनाडु की सत्ता से बाहर है, और उसने तमिल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने के लिए कितने प्रयास किए — यह सवाल कांग्रेस को खुद से करना चाहिए।

रक्षा गलियारे और निष्पक्षता का तर्क

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने दो रक्षा औद्योगिक गलियारे स्थापित करने का निर्णय लिया — एक उत्तर प्रदेश में और दूसरा तमिलनाडु में — तो वर्ष 2015-16 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं थी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को रक्षा गलियारा देना प्रधानमंत्री मोदी की निष्पक्ष सोच का प्रमाण है, न कि राजनीतिक पक्षपात का।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने महाबलीपुरम में चीन के राष्ट्रपति के साथ शिखर वार्ता आयोजित की और पल्लव वंश से जुड़े ऐतिहासिक-सांस्कृतिक सूत्र — बोधिधर्म और चीन में बौद्ध परंपरा — को कूटनीतिक संदर्भ में रेखांकित किया।

भारत की आर्थिक और डिजिटल ताकत

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत दुनिया की सबसे तेज़ रफ्तार से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है और लगातार 7-8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल लेन-देन में विश्व में नंबर एक है। सैमसंग की सबसे बड़ी फैक्ट्री, आईफोन की चीन के बाहर सबसे बड़ी फैक्ट्री और फॉक्सकॉन की चीन के बाहर सबसे बड़ी इकाई भारत में है। उन्होंने कहा कि गूगल विशाखापत्तनम में 19.5 अरब डॉलर का निवेश करने जा रहा है और अमेज़न अमेरिका के बाहर अपना सबसे बड़ा कार्यालय हैदराबाद में खोलने जा रहा है।

उन्होंने डेटा मूल्य का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका में 1 GB डेटा की कीमत 5.5 से 6.5 डॉलर प्रतिमाह है — भारतीय मुद्रा में लगभग ₹550 से ₹600 — जबकि भारत में यही डेटा मात्र ₹15 से ₹17 में उपलब्ध है।

USAID फंडिंग और विदेशी एजेंसियों पर सवाल

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी एजेंसी USAID ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि 9 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस खर्च पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उसे रोक दिया था। त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि भारत में मतदाता बनने में पैसों की ज़रूरत नहीं है — फिर विदेशी फंडिंग क्यों आ रही थी? उन्होंने तर्क दिया कि जैसे ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू हुई, कांग्रेस की बेचैनी बढ़ गई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ ईवीएम हैकिंग का आरोप लगाती है और दूसरी तरफ मतदाता सूची में 'संदिग्ध नामों के शुद्धीकरण' का विरोध करती है — दोनों आरोप एक साथ सच नहीं हो सकते।

आपातकाल और उपचुनाव परिणाम

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि एक किलोमीटर की बैरिकेडिंग की तुलना आपातकाल से करना लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाना है। आपातकाल के दौरान डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स (DIR) के तहत सार्वजनिक स्थल पर इंदिरा गांधी की सरकार को हटाने की बात करने पर बिना ज़मानत और बिना अदालती सुनवाई के जेल हो जाती थी। संसद का कार्यकाल पाँच वर्ष से बढ़ाकर छह वर्ष कर दिया गया था।

उपचुनाव परिणामों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सिलचर नगर निगम की 42 में से 34 सीटें भाजपा और एनडीए को मिलीं। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि यदि उनके बूथ-लेवल एजेंट और पोलिंग एजेंट उपस्थित थे और सीसीटीवी व्यवस्था दुरुस्त थी, तो परिणामों पर हंगामे की वजह क्या है? उन्होंने कहा कि अभी 44 दिन बाकी हैं — कांग्रेस चाहे तो सीसीटीवी फुटेज माँग सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ की परियोजनाओं को ढाल बनाया गया। USAID फंडिंग का मुद्दा नया नहीं है, पर इसे SIR प्रक्रिया के विरोध से जोड़कर एक नया आख्यान गढ़ा जा रहा है — जिसमें विपक्ष की हर आपत्ति को 'विदेशी ताकतों की एजेंसी' से जोड़ दिया जाता है। यह फ्रेमिंग लोकतांत्रिक जवाबदेही की असल माँगों को एक संदिग्ध राजनीतिक कोण देती है। मुख्यधारा की कवरेज तमिल संस्कृति के आरोप-प्रत्यारोप पर केंद्रित रहती है, लेकिन असली बहस यह है कि क्या ₹13,000 करोड़ की केंद्रीय परियोजनाएँ किसी राज्य में राजनीतिक पैठ बनाने का साधन भी बनती हैं — यह सवाल दोनों पक्षों से पूछा जाना चाहिए।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी से कौन से तीन सवाल पूछे?
त्रिवेदी ने तीन सवाल दागे: पहला — तमिल भाषा पर 'झूठे आरोप' किसके इशारे पर लगाए? दूसरा — एक किलोमीटर की बैरिकेडिंग की तुलना आपातकाल से करना क्या आपातकाल सेनानियों का अपमान नहीं है? तीसरा — USAID जैसी विदेशी एजेंसियाँ भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में पैसा क्यों खर्च कर रही थीं और SIR शुरू होते ही कांग्रेस को समस्या क्यों होने लगी?
चेन्नई में किन परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ?
11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में लगभग ₹13,000 करोड़ की परियोजनाएँ लॉन्च हुईं — चेन्नई मेट्रो के लिए ₹4,900 करोड़, राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए ₹3,700 करोड़, कराइकल–पेरलम रेल लाइन के लिए ₹750 करोड़, और वी.ओ. चिदंबरनार व कामराज नगर बंदरगाहों सहित तीन बंदरगाहों का उन्नयन।
USAID की भारत में फंडिंग का मामला क्या है?
त्रिवेदी के अनुसार, USAID ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए। 9 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर आश्चर्य जताते हुए इस फंडिंग को रोक दिया था। BJP का तर्क है कि भारत में मतदाता बनने के लिए पैसों की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए यह खर्च संदिग्ध है।
सुधांशु त्रिवेदी ने तमिल संस्कृति के सम्मान के कौन-से उदाहरण दिए?
त्रिवेदी ने बताया कि PM मोदी ने UN महासभा में तमिल भाषा का उल्लेख किया, सेंगोल को नए संसद भवन में स्थापित किया गया, 16 मई 2026 को हेग से चोलकालीन ताम्रपत्र वापस लाए गए, सितंबर 2022 में BHU में सुब्रमण्यम भारती पीठ बनी और ब्रिक्स समिट में रूसी राष्ट्रपति पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट की गई।
सिलचर नगर निगम उपचुनाव के क्या परिणाम रहे?
सिलचर नगर निगम उपचुनाव में BJP और NDA ने 42 में से 34 सीटें जीतीं। त्रिवेदी ने इसे कांग्रेस के चुनावी आरोपों पर सवाल उठाने के संदर्भ में उद्धृत किया और कहा कि अभी भी 44 दिन बाकी हैं — कांग्रेस CCTV फुटेज माँग सकती है।
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