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क्या भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प श्रमिकों की प्रगति के बिना अधूरा है? - नायब सिंह सैनी

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क्या भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प श्रमिकों की प्रगति के बिना अधूरा है? - नायब सिंह सैनी

सारांश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन का महत्व बताया। यह श्रमिकों की प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो प्रधानमंत्री मोदी के 2047 के विकास लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होगी।

मुख्य बातें

विकसित भारत का संकल्प श्रमिकों की प्रगति से जुड़ा है।
वीबी-जी राम जी योजना श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास है।
नए कानून के तहत 125 दिनों की रोजगार गारंटी।
हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन।
ग्रामीण श्रमिकों की आय में 7,000 रुपए की वृद्धि की संभावना।

चंडीगढ़, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) मेहनती श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की मजबूत नींव है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के प्रत्येक श्रमिक को दी गई गारंटी है।

मुख्यमंत्री पंचकुला में आयोजित वीबी-जी राम जी के राज्य स्तरीय सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि यह मिशन सम्मान के साथ काम करने का अधिकार, समय पर मजदूरी, सामाजिक सम्मान और सुरक्षित आजीविका सुनिश्चित करता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प गांवों और श्रमिकों के विकास के बिना पूरा नहीं हो सकता।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना महज एक रोजगार कार्यक्रम नहीं है, बल्कि मेहनती लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने, श्रम की गरिमा सुनिश्चित करने और उनके आत्मसम्मान की रक्षा करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक पहल है।

उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा की कमियों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक देश के समक्ष प्रस्तुत किया है, जिसे विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के रूप में जाना जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार प्रणाली का व्यापक आधुनिकीकरण है।

उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

इसके अलावा, यह कानून राज्यों को बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिनों तक काम निलंबित करने का अधिकार देता है।

यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि श्रमिकों को विकसित भारत-जी रामजी योजना के तहत गारंटीकृत 125 दिनों के अतिरिक्त, इन 60 दिनों के लिए अलग से रोजगार प्राप्त होगा।

इसके परिणामस्वरूप देशभर में ग्रामीण क्षेत्रों के एक औसत अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में 7,000 रुपए से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है।

हरियाणा में, प्रत्येक श्रमिक को कम से कम 10,000 रुपए का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

हरियाणा में देश में सबसे अधिक न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन है, जिससे प्रत्येक श्रमिक की वार्षिक आय न्यूनतम 50,000 रुपए तक बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी पूरा होगा जब श्रमिकों और गांवों का विकास होगा। यह विचार सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन क्या है?
यह मिशन मेहनती श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए एक पहल है, जो प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया है।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को सम्मान के साथ काम करने का अधिकार, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका सुनिश्चित करना है।
क्या यह केवल एक रोजगार कार्यक्रम है?
नहीं, यह सिर्फ एक रोजगार कार्यक्रम नहीं है, बल्कि श्रम की गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए एक व्यापक पहल है।
नए कानून के तहत श्रमिकों को कितने दिन काम की गारंटी मिलेगी?
नए कानून के तहत श्रमिकों को 125 दिन काम की वैधानिक गारंटी मिलेगी।
हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी कितनी है?
हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन है।
राष्ट्र प्रेस
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