7 अगस्त 2026
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भरत तिवारी परिवार ने ₹50 लाख वाले प्रशांत किशोर के दावे को नकारा, 15 दिन में मानहानि केस की चेतावनी

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भरत तिवारी परिवार ने ₹50 लाख वाले प्रशांत किशोर के दावे को नकारा, 15 दिन में मानहानि केस की चेतावनी

सारांश

भरत तिवारी की माँ और भाई ने प्रशांत किशोर के ₹50 लाख वाले दावे को 'पूरी तरह निराधार' बताया है। परिवार का कहना है कि जब ₹4 करोड़ की पेशकश ठुकराई थी, तो ₹50 लाख लेने का सवाल ही नहीं उठता। 15 दिन में प्रमाण न आया तो मानहानि का मुकदमा तय है।

मुख्य बातें

भरत तिवारी की माँ आशा देवी और भाई चंदन तिवारी ने 6 अगस्त को जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर के ₹50 लाख सरकारी सहायता वाले दावे को झूठ बताया।
परिवार ने चेतावनी दी कि 15 दिनों में प्रमाण नहीं आया तो प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
आशा देवी के अनुसार, भरत तिवारी को पहले ₹4 करोड़ की पेशकश हुई थी, जो उन्होंने स्वयं अस्वीकार कर दी थी।
चंदन तिवारी ने कहा कि कुछ लोग ₹3 करोड़ और कुछ ₹50 लाख मिलने का दावा कर रहे हैं, लेकिन दोनों में कोई सच्चाई नहीं।
परिवार ने सांसद मनोज तिवारी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर न्याय का भरोसा जताया।

भोजपुर में भरत तिवारी की माँ आशा देवी और भाई चंदन तिवारी ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि परिवार को सरकारी सहायता के रूप में ₹50 लाख मिल चुके हैं। परिवार ने 6 अगस्त को स्पष्ट किया कि यदि 15 दिनों के भीतर इस आरोप का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया, तो वे प्रशांत किशोर के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।

आशा देवी का बयान: 'झूठी बातें फैलाई जा रही हैं'

आशा देवी ने कहा कि उनके परिवार के बारे में बेबुनियाद बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'अगर मेरा बेटा आज जीवित होता तो किसी की हिम्मत नहीं होती कि इस तरह के आरोप लगाए जाएं।' उन्होंने माँग की कि 15 दिनों के भीतर जाँच कर ली जाए कि परिवार को ₹50 लाख मिले हैं या नहीं — और यदि प्रशांत किशोर का दावा झूठ साबित हुआ तो वह मानहानि का मुकदमा करेंगी।

आशा देवी ने यह भी दावा किया कि उनके बेटे को पहले ₹4 करोड़ की पेशकश की गई थी, जिसे उन्होंने स्वयं अस्वीकार कर दिया था। उनके अनुसार, जब ₹4 करोड़ नहीं लिए गए तो ₹50 लाख लेने का सवाल ही नहीं उठता।

प्रशांत किशोर की चुनौती पर परिवार की प्रतिक्रिया

प्रशांत किशोर ने सांसद मनोज तिवारी को एक महीने के भीतर परिवार को न्याय दिलाने की चुनौती दी थी। इस पर आशा देवी ने कहा कि प्रशांत किशोर पहले भी 15 दिन में न्याय दिलाने का वादा कर चुके थे, जो पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी ने परिवार का साथ दिया है और उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी भरोसा है कि न्याय मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत पर राजनीति की गई और फोटो खिंचवाकर राजनीतिक लाभ उठाया गया।

चंदन तिवारी का पक्ष: 'बिना प्रमाण के आरोप अपमानजनक'

चंदन तिवारी ने कहा कि सरकार जब भी किसी को आर्थिक सहायता देती है, तो वह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कैमरे के सामने चेक देकर दी जाती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ₹3 करोड़ मिलने की बात कह रहे हैं तो कुछ ₹50 लाख का दावा कर रहे हैं, लेकिन इनमें कोई सच्चाई नहीं है। उनके अनुसार, जब भरत तिवारी जीवित थे तब भी ₹4 करोड़ की सहायता की पेशकश को परिवार ने ठुकरा दिया था।

चंदन तिवारी ने कहा कि उनका परिवार किसी की राजनीतिक लड़ाई में हस्तक्षेप नहीं कर रहा, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उनके भाई की शहादत को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशांत किशोर से अपील की कि वह एक पढ़े-लिखे व्यक्ति होने के नाते परिवार को बदनाम न करें।

आगे क्या होगा

परिवार ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों की समयसीमा के भीतर यदि प्रशांत किशोर प्रमाण नहीं दे पाए तो मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। चंदन तिवारी ने विश्वास जताया कि एक दिन सच्चाई सबके सामने आएगी और न्याय की प्रक्रिया जारी रहेगी। यह विवाद बिहार की राजनीति में एक नई कानूनी और सार्वजनिक टकराव की दिशा ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उनकी साख के लिए सवाल खड़ा करता है। दूसरी ओर, परिवार का यह कहना कि पहले ₹4 करोड़ की पेशकश ठुकराई गई, एक ऐसा तथ्य है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। मानहानि की कानूनी चेतावनी यह बताती है कि यह मामला अदालत तक जाने की क्षमता रखता है, और तब दोनों पक्षों को अपने-अपने दावों का प्रमाण देना होगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी परिवार के बारे में क्या दावा किया था?
प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि भरत तिवारी के परिवार को सरकारी सहायता के रूप में ₹50 लाख मिल चुके हैं। परिवार ने इस दावे को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है।
भरत तिवारी का परिवार प्रशांत किशोर के खिलाफ क्या कार्रवाई करने वाला है?
परिवार ने 15 दिनों की समयसीमा दी है — यदि इस दौरान प्रशांत किशोर ₹50 लाख मिलने का कोई प्रमाण नहीं दे पाए, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
आशा देवी ने ₹4 करोड़ की पेशकश का ज़िक्र क्यों किया?
आशा देवी ने बताया कि भरत तिवारी के जीवित रहते उन्हें ₹4 करोड़ की सहायता की पेशकश हुई थी, जिसे उन्होंने स्वयं अस्वीकार कर दिया था। उनका तर्क है कि जब इतनी बड़ी राशि नहीं ली गई, तो ₹50 लाख लेने का आरोप बेबुनियाद है।
चंदन तिवारी ने सरकारी सहायता की प्रक्रिया के बारे में क्या कहा?
चंदन तिवारी ने कहा कि सरकार जब भी आर्थिक सहायता देती है तो वह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कैमरे के सामने चेक देकर दी जाती है। उनके अनुसार, ऐसे किसी भुगतान का कोई फोटो या आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, इसलिए दावा झूठा है।
परिवार ने मनोज तिवारी और सम्राट चौधरी के बारे में क्या कहा?
आशा देवी ने कहा कि सांसद मनोज तिवारी ने परिवार का साथ दिया है और उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी भरोसा है कि न्याय मिलेगा। चंदन तिवारी ने मनोज तिवारी के न्याय दिलाने के वादे को सकारात्मक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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