मध्य प्रदेश में ईंधन की कमी की अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने जारी किया एसओपी
सारांश
Key Takeaways
- ईंधन की कमी की अफवाहें गलत हैं।
- भोपाल प्रशासन ने एसओपी जारी की है।
- भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- पेट्रोल पंपों पर भीड़ गलत सूचनाओं के कारण है।
- जमाखोरी रोकने के लिए चेतावनी जारी की गई है।
भोपाल, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईंधन की कमी की गंभीर अफवाहों के चलते बाजार में घबराहट और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें बनी हुई हैं। इस स्थिति को संभालने के लिए भोपाल जिला प्रशासन ने एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इस एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि शहर में ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है।
भोपाल के जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार शाम को एक आदेश जारी किया और बताया कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी से जनता में अनावश्यक डर उत्पन्न हो रहा है। यह स्थिति पेट्रोल पंपों पर भीड़भाड़ का कारण बन रही है और कानून व्यवस्था को चुनौती दे रही है।
आदेश में बताया गया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, जन शांति बनाए रखने और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं का उपयोग करते हुए एसओपी लागू की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल या द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस की कोई असली कमी नहीं है।
पेट्रोल पंपों पर हुई अचानक भीड़ के पीछे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप्स पर फैली गलत सूचनाएं हैं।
संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर नज़र रखें और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।
जो व्यक्ति दहशत फैलाने के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ एफआईआर सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन भ्रामक जानकारी के लिए जिम्मेदार होंगे और उन पर भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 553 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित परिस्थितियों को छोड़कर, डिब्बे या बोतल जैसे कंटेनरों में ईंधन भरने से बचें ताकि जमाखोरी को रोका जा सके।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जनता से अपील की है कि वे शांत रहें और अफवाहों पर विश्वास न करें।