ग्राम संसद बिहार चैप्टर-V: सरावगी बोले — पंचायतें सशक्त होंगी तो गांवों का विकास अपने आप तेज होगा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 21 सितंबर 2026 को पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित 'ग्राम संसद: बिहार चैप्टर-V' (मुखिया संवाद) कार्यक्रम में कहा कि बिहार के गांवों और पंचायतों को विकास की मजबूत इकाई बनाने से ही राज्य की असली प्रगति सुनिश्चित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पंचायतें सशक्त होंगी, तब ग्रामीण युवाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर भी मिलेंगे।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. सीपी ठाकुर और विधान परिषद सदस्य संजय मयूख ने की। सरावगी ने कहा कि आत्मनिर्भर गांव, सक्षम युवा और मजबूत स्थानीय लोकतंत्र — ये तीनों मिलकर 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की नींव तैयार करते हैं। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को जमीनी विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
प्रमुख उपस्थिति और भागीदारी
इस मुखिया संवाद में बिहार राज्य मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय, बिहार प्रदेश पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला, नेशनल ब्रांड एम्बेसडर दिगंबर मंडल, किरण प्रभाकर और चेतना झांब समेत बड़ी संख्या में मुखिया और सरपंच शामिल हुए। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सुशासन और कानून-व्यवस्था पर सरावगी का बयान
सरावगी ने कहा कि प्रदेश में सुशासन की सरकार है और अपराध करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में अब 2005 से पहले जैसी स्थिति नहीं है और अब आरोपियों पर ठोस कदम उठाए जाते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता।
जमुई घटना पर प्रतिक्रिया
जमुई में 19 सितंबर की देर शाम एक युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना के वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पूछे गए सवाल पर सरावगी ने दावा किया कि जानकारी मिलते ही पुलिस ने गिरफ्तारियां की हैं और आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी के बयानों की भी आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता को लेकर कथित मिमिक्री का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी को इस मामले में देश की माताओं और बहनों से माफी मांगनी चाहिए।
आगे की दिशा
सरावगी ने स्थानीय स्तर पर पंचायतों की भूमिका को सुदृढ़ करने को बिहार के समग्र विकास और ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने से जोड़कर प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम ग्राम संसद श्रृंखला का पाँचवाँ आयोजन था, जो पंचायत प्रतिनिधियों को एक साझा मंच देने की दिशा में एक सुसंगत प्रयास के रूप में सामने आया है।