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क्या बिहार में एसआईआर में 94.68 प्रतिशत मतदाता शामिल हुए हैं, केवल 7 दिन बाकी हैं?

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क्या बिहार में एसआईआर में 94.68 प्रतिशत मतदाता शामिल हुए हैं, केवल 7 दिन बाकी हैं?

सारांश

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सिर्फ 7 दिन बचे हैं। इस दौरान, 94.68 प्रतिशत गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 5.2 प्रतिशत मतदाता अब भी शेष हैं। यह खबर सभी मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में 94.68 प्रतिशत गणना प्रपत्र प्राप्त हुए हैं।
अंतिम तिथि 25 जून है, जो सभी मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
सभी राजनीतिक दलों को ड्रॉफ्ट मतदाता सूची की कॉपियां प्रदान की जाएंगी।
मतदाता सूची में सुधार के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा।

पटना, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में अब सिर्फ 7 दिन बाकी हैं। राज्य में 94.68 प्रतिशत गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। अब केवल 41,10,213 या 5.2 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त होने शेष हैं।

बिहार के 7,89,69,844 मतदाताओं में से 7,11,72,660 यानी 90.12 प्रतिशत ईएफ एकत्र किए जा चुके हैं। डिजिटाइज्ड किए गए गणना फॉर्म 6,85,34,743 या 86.79 प्रतिशत हैं। जबकि 36,86,971 या 4.67 प्रतिशत मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, वहीं 12,71,414 या 1.61 प्रतिशत मृत वोटर पाए गए। स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या 18,16,306 या 2.3 प्रतिशत है। अब तक पहचाने गए एक से अधिक स्थानों पर नामांकित मतदाता 5,92,273 या 0.75 प्रतिशत हैं। जिन निर्वाचकों का पता नहीं चल पा रहा है, उनकी संख्या 6,978 या 0.01 प्रतिशत है। कुल सम्मिलित निर्वाचक 7,48,59,631 या 94.68 प्रतिशत हैं।

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) 1 अगस्त, 2025 को ड्रॉफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करेंगे और ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में किसी भी एंट्री में सुधार के लिए सुझाव आमंत्रित करेंगे। राजनीतिक दलों और निर्वाचकों को सुधार या छूटे हुए नामों को शामिल करने का प्रस्ताव देने के लिए पूरे एक महीने का समय दिया जाएगा। इसके लिए ड्रॉफ्ट मतदाता सूची की प्रिंटेड और डिजिटल कॉपियां राजनीतिक दलों को निःशुल्क दी जाएंगी और आम जनता के लिए आयोग की वेबसाइट पर पोस्ट की जाएंगी। ऐसे में जनता निश्चिंत रहे कि कोई भी पात्र निर्वाचक नहीं छूटेगा।

ऐसे निर्वाचक, जिनकी संभवतः मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से निवास स्थान परिवर्तित कर चुके हैं, जो एक से अधिक स्थानों पर नामांकित हैं और जिनका पता नहीं चल पा रहा है, अथवा जिनसे बीएलओ के कई दौरों के बाद भी फॉर्म वापस नहीं मिला है, की लिस्ट अब राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों, उनके द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों के साथ भी साझा की जा रही है, ताकि ऐसे प्रत्येक निर्वाचक की सही स्थिति की पुष्टि 25 जून से पहले की जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण एक आवश्यक कदम है। यह सुनिश्चित करता है कि सभी योग्य मतदाता सही समय पर अपनी आवाज उठा सकें। यह प्रक्रिया न केवल चुनावी पारदर्शिता को बढ़ावा देती है, बल्कि यह लोकतंत्र की मजबूती में भी योगदान करती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की अंतिम तिथि क्या है?
बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की अंतिम तिथि 25 जून है।
कितने प्रतिशत मतदाता गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं?
अब तक 94.68 प्रतिशत गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं।
क्या राजनीतिक दलों को ड्रॉफ्ट मतदाता सूची की कॉपी मिलेगी?
हाँ, राजनीतिक दलों को ड्रॉफ्ट मतदाता सूची की प्रिंटेड और डिजिटल कॉपियां निःशुल्क दी जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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